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गर्मी में गहरा सकता है पेयजल संकट

Fri, 18 Feb 2022 12:22 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 18 Feb 2022 12:22 AM IST
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Drinking water crisis may deepen in summer
ठंड का दौर धीरे-धीरे खत्म होने के साथ ही गर्मी का भी अहसास होने लगा है। इसके साथ ही लोगों को पेयजल की समस्या उत्पन्न होने की चिंता सताने लगी है। जिले के विभिन्न इलाकों में भूगर्भ जल स्तर नीचे चले जाने से कई हैंडपंपों से पानी निकलना बंद होने लगा है तो कहीं बजट के अभाव में पाइपलाइन पेयजल परियोजनाएं बंद होती जा रही हैं। जो चल रही हैं उनकी भी स्थिति ठीक नहीं है। जल निगम को भी बजट का इंतजार है। जिले में फिलहाल 17 पेयजल परियोजनाएं बंद हैं।
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पांच वर्ष पूर्व तक ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में लगे हजारों की संख्या में हैंडपंपों का रखरखाव न होने से कई खराब हो चुके हैं। वहीं ग्रामीण समूह पेयजल परियोजनाएं भी दम तोड़ती नजर आ रही हैं। अधिशासी अभियंता जल निगम मुजीब अहमद ने बताया कि बजट के अभाव में विभाग लाचार है। तीन वर्ष पहले शासन से पांच करोड़ की मांग की गई थी, जो अभी तक नहीं मिल सकी है। जिले में 41,386 हैंडपंप लगाए हैं। जब बजट रहेगा, तभी खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत संभव है। समूह पेयजल परियोजनाओं के संबंध में उनका कहना था कि 32 में से 15 परियोजनाएं चल रही हैं। लोगों को लाभ पहुंचा रहे संसाधनों के रखरखाव की जिम्मेदारी पंचायतीराज और स्थानीय निकायों को दी गई है।
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एक दशक पूर्व लगे पेयजल संसाधनों से अधिकांश अंतिम चरण में हैं। ऐसे में कुछ वर्ष पहले प्रस्तावित हर घर नल योजना जब मूर्त रूप लेगी तभी गर्मी में लोगों के पेयजल की समस्या का समाधान संभव है। यह दावा जल निगम के अधिकारियों का है। अधिशासी अभियंता मुजीब अहमद ने बताया कि शासन स्तर से नामित कार्यदाई संस्था ने 367 ग्राम पंचायतों का सर्वे करके औराई, भदोही, ज्ञानपुर, डीघ ब्लॉक में लगभग 87 परियोजनाओं का काम शुरू कर दिया है। अप्रैल से जून तक परियोजनाओं के पूरा होने की स्थिति में घर-घर पाइप लाइन का कार्य गति पकड़ लेगा। गोपीगंज में बस स्टैंड, ज्ञानपुर रोड पर फूलबाग, कौलापुर, जंगीगंज, गोधना, वहिदानगर, ऊंज, लालानगर समेत अन्य गांवों में हैंडपंप खराब पड़े हैं। राहगीर राहुल सिंह ने बताया कि हाईवे से यात्रा करते समय जब बस रुकती है तब हैंडपंप से पानी निकलने पर बोतल का पानी खरीदना पड़ता है। दुकानों पर कोई सामान लेने पर ही दुकानदार फिल्टरयुक्त पानी जार से लेने देते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में नाममात्र की चल रही पेयजल परियोजनाओं के तहत बनी टंकियों की गांव की सरकार ने बीते माह सफाई कराई है, लेकिन कहीं टंकी में लीकेज है तो कहीं पंप नहीं चल सके हैं। इससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। औराई ब्लॉक के चकापुर ग्राम प्रधान सुभाषचंद ने कहा कि टंकी की सफाई कराकर क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को ठीक कराने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। सुधवैं के प्रधान हरिप्रसाद सिंह ने कहा कि टंकी साफ कराकर पेयजल की आपूर्ति करवाई जा रही है। दशवतपुर के ग्राम प्रधान धर्मेंद्र बिंद ने बताया कि 20 वर्ष से पेयजल योजना बंद है। चालू हो जाए तो लगभग पांच हजार परिवारों को लाभ मिलेगा। पिलखुना की ग्राम प्रधान अपर्णा देवी ने कहा कि टंकी की सफाई कराने के बाद भी पानी गंदा आ रहा है। नए स्थान पर बोरिंग जल निगम कराए तो समस्या दूर होगी। गिराई उपकेंद्र में पांच वर्ष से बदहाल टंकी की सुध कोई नहीं ले रहा है। अधिशासी अभियंता चंद्रशेखर ने निरीक्षण कर जलापूर्ति चालू कराने की बात कही।
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