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Bhadohi News: खूंखार हुए कुत्ते, हर दिन 225 से 230 को बना रहे शिकार

Thu, 01 Feb 2024 01:55 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 01 Feb 2024 01:55 AM IST
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Dogs have become ferocious, killing 225 to 230 people every day.
ज्ञानपुर। जिले के कुत्ते खूंखार हो गए हैं। जिले में हर दिन 225 से 230 कुत्ते काटने के मामले सामने आ रहे हैं। बीते महीनों के आंकड़ों पर गौर करें तो 20 से 25 फीसदी कुत्तों के काटने के मामले में इजाफा देखा जा रहा है। इसमें अधिकतर बच्चे इनका शिकार बन रहे हैं। केवल जिला अस्पताल में जनवरी माह में अब तक 2365 मामले सामने आ चुके हैं। पशु विशेषज्ञों के अनुसार प्रजनन के दौर में कुत्तों की मां असुरक्षा से भरी होती है। जिसके कारण वे आक्रामक हो जाती हैं। जनवरी माह में पूरे जिले में 7 हजार 292 लोगों को कुत्तों ने अपना निशाना बनाया।
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जिले में इन दिनों कुत्ते खूंखार हो गए हैं। नवंबर और दिसंबर माह की अपेक्षा जनवरी माह में कुत्तों के काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी है। जिला चिकित्सालय, एमबीएस से लेकर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इन दिनों एंटी रैबिज लगवाने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। नवंबर से लेकर अब तक 16 हजार 903 लोगों को कुत्ते अपना शिकार बना चुके हैं। इसमें नवंबर माह में 4121, दिसंबर में 5490 और जनवरी माह में 7292 लोगों को कुत्तों ने अपना निशाना बनाया। वहीं जनवरी माह में अब तक 3214 बच्चों पर कुत्तों का हमला हुआ है। जिले के अस्पतालों में हर दिन 225 से 230 मरीज एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। जिसमें इक्का-दुक्का छोड़ दे तो अधिकतर लोग कुत्ते के हमले से घायल हो रहे हैं।
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क्यों आक्रामक हो गए हैं कुत्ते
ज्ञानपुर सदर पशु अस्पताल के पशु चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि दिसंबर और जनवरी का महीना कुत्तों के प्रजनन का होता है। ऐसे दौर में कुत्ते असुरक्षा की भावना से भर जाते हैं और राह चलते व्यक्ति पर आक्रामक होकर हमला कर देते हैं। बताया कि बच्चों को काटने का भी सबसे बड़ा कारण यही होता है कि उनके बच्चों को देखकर छोटे बच्चे सम्मोहित हो जाते हैं और उनके पिल्लों को खिलाने पहुंचते है। जिससे आक्रामक होकर उनकी मां हमला कर देती है। कोशिश होनी चाहिए कि ऐसे समय में कुत्तों से दूर रहे।
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इनसेट:
नवंबर से जनवरी तक इस तरह बढ़े हैं आंकड़े
महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में नवंबर में 1437, दिसंबर में 1816 और जनवरी में 2267 मरीजों को कुत्ते काटने के मामले आए। इसी तरह एमबीएस भदोही में नवंबर में 819, दिसंबर में 1022 और जनवरी 1525 मरीज को रैबिज इंजेक्शन लगा। वहीं बात करें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की तो गोपीगंज में नवंबर में 457, दिसंबर में 867 और जनवरी में 1163, दुर्गागंज सीएचसी पर नवंबर में 85, दिसंबर 90, जनवरी 88 और औराई में नवंबर 512, दिसंबर 710 मरीज को इंजेक्शन लगाया गया। इसी तरह भदोही सीएचसी पर नवंबर 279, दिसंबर 300, जनवरी 389 मरीज को रैबिज इंजेक्शन लग चुका है। डीघ पर नवंबर पर 316, दिसंबर 395 और जनवरी 417 और सुरियावां नवंबर 210, दिसंबर 296, जनवरी 375 मरीजों को इंजेक्शन लगाया गया है।
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