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Bhadohi News: कुर्सी पर एक घंटे से ज्यादा बैठकर न करें काम
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काम करने के तरीके में बदलाव से लोग बीमारी ग्रस्त हो जा रहे हैं। इससे ज्यादातर लोगों में कमर, गर्दन दर्द की समस्या आम हो गई है।
अस्पताल में आने वाले हड्डी के 50 फीसदी मरीज दर्द से परेशान है। जिला अस्पताल और सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में रोजाना 125 से 150 हड्डी के मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें से 60 से 65 मरीज कमर दर्द, गर्दन दर्द के आते हैं। उनकी फिजियोथिरेपी भी होती है।
महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय और सरपतहां का सौ शय्या अस्पताल में हड्डी के मरीजों की संख्या इजाफा हुआ है। दोनों अस्पतालों में रोजाना 200 हड्डी के मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें से 60 से 65 मरीज कमर दर्द, गर्दन, मांसपेसियों में खिंचाव के पहुंच रहे हैं। जिन्हें डॉक्टर दवा के साथ फिजियोथेरेपी कराने की सलाह भी दे रहे हैं। फिजियोथेरीपी में 15 से 20 मरीजों की संख्या बढ़ी है। दो घंटे से अधिक एक ही स्थान पर बैठ कर काम करना कमर दर्द का सबसे बड़ा कारण है।
जिला चिकित्सालय के आर्थाें के डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि कुर्सी पर बैठ कर एक घंटे से ज्यादा काम नहीं करना चाहिए। कंप्यूटर, लैपटाॅप के सामने काम करते वक्त गर्दन को सीधी नहीं रखनी चाहिए। मांसपेशियों में तनाव होना, कुर्सी पर गलत ढंग से बैठना और निष्क्रिय जीवन शैली आदि बीमारी का सबसे बड़ा कारण है।
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काम करते वक्त आराम दायक कुर्सी होनी चाहिए। फिजियोथेरेपिस्टर डॉ. जावेद अख्तर ने बताया कि फिजियोथेरेपी करवाने के लिए मरीजों की संख्या बढ़ी है। ज्यादातर कमर दर्द के मरीज आ रहे हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए योगाभ्यास बहुत जरुरी है।
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अस्पताल में आने वाले हड्डी के 50 फीसदी मरीज दर्द से परेशान है। जिला अस्पताल और सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में रोजाना 125 से 150 हड्डी के मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें से 60 से 65 मरीज कमर दर्द, गर्दन दर्द के आते हैं। उनकी फिजियोथिरेपी भी होती है।
महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय और सरपतहां का सौ शय्या अस्पताल में हड्डी के मरीजों की संख्या इजाफा हुआ है। दोनों अस्पतालों में रोजाना 200 हड्डी के मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें से 60 से 65 मरीज कमर दर्द, गर्दन, मांसपेसियों में खिंचाव के पहुंच रहे हैं। जिन्हें डॉक्टर दवा के साथ फिजियोथेरेपी कराने की सलाह भी दे रहे हैं। फिजियोथेरीपी में 15 से 20 मरीजों की संख्या बढ़ी है। दो घंटे से अधिक एक ही स्थान पर बैठ कर काम करना कमर दर्द का सबसे बड़ा कारण है।
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जिला चिकित्सालय के आर्थाें के डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि कुर्सी पर बैठ कर एक घंटे से ज्यादा काम नहीं करना चाहिए। कंप्यूटर, लैपटाॅप के सामने काम करते वक्त गर्दन को सीधी नहीं रखनी चाहिए। मांसपेशियों में तनाव होना, कुर्सी पर गलत ढंग से बैठना और निष्क्रिय जीवन शैली आदि बीमारी का सबसे बड़ा कारण है।
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काम करते वक्त आराम दायक कुर्सी होनी चाहिए। फिजियोथेरेपिस्टर डॉ. जावेद अख्तर ने बताया कि फिजियोथेरेपी करवाने के लिए मरीजों की संख्या बढ़ी है। ज्यादातर कमर दर्द के मरीज आ रहे हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए योगाभ्यास बहुत जरुरी है।