कालीन नगरी में 20 से 21 हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके नाम पर बिजली के कनेक्शन हैं, लेकिन वे मौके पर नहीं हैं। ऐसे कनेक्शन कटवाए नहीं गए अथवा बिजली बिल से बचने के लिए जालसाजी की गई। यह तो जांच का विषय है, लेकिन 10 करोड़ से अधिक का बकाया करने वाले घोस्ट कंज्यूमर ( भूत उपभोक्ता) ने विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
करीब 150 करोड़ बिल के बोझ तले दबे विद्युत निगम काफी जद्दोजहद के बाद भी एक से दो फीसदी भी नहीं वसूल पाता है। सरचार्ज सहित अन्य छूट मिलने के बाद भी उपभोक्ता सक्रियता नहीं दिखाते तो विभागीय अधिकारी भी लापरवाह बने रहते हैं। उधर, एकमुश्त समाधान योजना में उच्चाधिकारियों ने सख्ती की तो कर्मियों के पसीने छूटने लगे। बकाया बिल की वसूली के लिए जब उपभोक्ताओं की पड़ताल की गई तो बड़ी संख्या में ऐसे कनेक्शन सामने आए जो मौके पर रहते ही नहीं है। विभाग अब माथापच्ची में जुटा है कि ये गड़बड़ी उपभोक्ता ने की है अथवा विभागीय कर्मचारियों ने खेल किया है। अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि ज्ञानपुर और भदोही डिवीजन में 20 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनका पता नहीं है। इन पर 10 करोड़ से अधिक की बकायेदारी है। घोस्ट कंज्यूमर विभाग के लिए समस्या बने हुए हैं। उनका पता लगाया जा रहा है। जांच में कई स्थानों पर ऐसे उपभोक्ता मिले हैं। करीब 20 हजार ऐसे कंज्यूमर चिह्नित हैं। किस स्तर पर लापरवाही की गई है, उसकी जांच होगी।