{"_id":"5db340968ebc3e01542f9522","slug":"dhanteras-bhadohi-news-vns4911608123","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनतेरस पर बरसा धन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनतेरस पर बरसा धन
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ज्ञानपुर। धनतेरस पर जिले के बाजारों में धन की बरसात हुई। सराफा, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स के मार्केट में जहां बूम दिखा, वहीं बरतन और अन्य सामान के बाजार भी देर रात तक खरीदारों के बीच चमक बिखेरते रहे। एक अनुमान के मुताबिक विभिन्न बाजारों में सौ करोड़ से अधिक का कारोबार हो गया। सबसे ज्यादा रौनक कार-ट्रैक्टर और बाइक के बाजार में रही।
परंपरागत तौर पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त माने जाने के कारण धनतेरस पर शुक्रवार को जिले के बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। वैसे तो धनतेरस पर पूरे दिन खरीदारी होती रही, खरीदारी का असली मुहूर्त दोपहर बाद शुरू होने के कारण बाजारों में शाम चार बजे के बाद रौनक बढ़ गई। देर रात तक सड़कों पर मेले जैसा नजारा रहा। सराफा बाजार में लोगों ने चांदी के आभूषणों और सिक्कों पर ज्यादा ध्यान दिया, लेकिन सोने के आभूषणों की खरीदारी भी कम नहीं थी। सराफा कारोबारियों का कहना था कि दुकान में आभूषण देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही, लेकिन खरीद कम हुई। पिछले वर्ष के मुकाबले आभूषण की बिक्री कम हुई। ज्यादातर लोगों ने चांदी के सिक्के और पांव की बिछिया की खरीदारी की। इसी तरह चांदी के नोट और सिक्के भी पसंद किए जाते रहे। सोने पर महंगाई का असर होने के नाते खरीद कम लोगों ने की, लेकिन कुल कारोबार में कमी नहीं थी। आने वाले सहालग के सीजन के मद्देनजर बड़ी संख्या में लोगों ने गहनों की खरीदारी की। चांदी के सिक्के और नोट लोगों की पहली पसंद बने रहे। बाजार में पुराने विक्टोरिया सिक्के सात सौ रुपये में मिल रहे थे। जबकि नए सिक्के छह सौ और सामान्य सिक्के पांच सौ रुपये में बिके। ज्ञानपुर के सराफा कारोबारी संगम सेठ ने कहा कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार काफी कम कारोबार हुआ है। अब लगन के सीजन में खरीदारी की उम्मीद है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में इस धनतेरस पर बूम देखा गया। जिले में 1500 के आसपास बाइकें और ट्रैक्टर बिके। कारें भी लोगों ने खरीदी। बरतन के बाजार में सबसे ज्यादा रौनक रही। देर रात तक लोग बरतनों की खरीदारी करते रहे। कूकर से लेकर चम्मच और गिलास तक लोगों ने खरीदे। स्टील के बरतन पिछले वर्ष की तुलना में थोड़े महंगे दिखे। इसी तरह टीवी, फ्रिज, गीजर, फिल्टर, वाटर प्यूरीफायर आदि इलेक्ट्रॉनिक्स सामान भी जमकर खरीदे गए।
खूब बिकीं लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और पूजा के सामान
ज्ञानपुर। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए मूर्तियां और पूजा के सामान भी जमकर खरीदे गए। जिलेभर में जगह-जगह दुकानें सजी थीं, जिनपर देर रात तक लोग खरीदारी करते रहे। मूर्तियां 20 रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक की कीमत में दुकानों पर उपलब्ध थीं। लोगों ने मिट्टी के बरतन और सजावट के सामान भी खूब खरीदे। इसी तरह मिठाई और उपहार में देने के लिए ड्राई फ्रूट की बिक्री भी जमकर हुई।
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परंपरागत तौर पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त माने जाने के कारण धनतेरस पर शुक्रवार को जिले के बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। वैसे तो धनतेरस पर पूरे दिन खरीदारी होती रही, खरीदारी का असली मुहूर्त दोपहर बाद शुरू होने के कारण बाजारों में शाम चार बजे के बाद रौनक बढ़ गई। देर रात तक सड़कों पर मेले जैसा नजारा रहा। सराफा बाजार में लोगों ने चांदी के आभूषणों और सिक्कों पर ज्यादा ध्यान दिया, लेकिन सोने के आभूषणों की खरीदारी भी कम नहीं थी। सराफा कारोबारियों का कहना था कि दुकान में आभूषण देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही, लेकिन खरीद कम हुई। पिछले वर्ष के मुकाबले आभूषण की बिक्री कम हुई। ज्यादातर लोगों ने चांदी के सिक्के और पांव की बिछिया की खरीदारी की। इसी तरह चांदी के नोट और सिक्के भी पसंद किए जाते रहे। सोने पर महंगाई का असर होने के नाते खरीद कम लोगों ने की, लेकिन कुल कारोबार में कमी नहीं थी। आने वाले सहालग के सीजन के मद्देनजर बड़ी संख्या में लोगों ने गहनों की खरीदारी की। चांदी के सिक्के और नोट लोगों की पहली पसंद बने रहे। बाजार में पुराने विक्टोरिया सिक्के सात सौ रुपये में मिल रहे थे। जबकि नए सिक्के छह सौ और सामान्य सिक्के पांच सौ रुपये में बिके। ज्ञानपुर के सराफा कारोबारी संगम सेठ ने कहा कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार काफी कम कारोबार हुआ है। अब लगन के सीजन में खरीदारी की उम्मीद है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में इस धनतेरस पर बूम देखा गया। जिले में 1500 के आसपास बाइकें और ट्रैक्टर बिके। कारें भी लोगों ने खरीदी। बरतन के बाजार में सबसे ज्यादा रौनक रही। देर रात तक लोग बरतनों की खरीदारी करते रहे। कूकर से लेकर चम्मच और गिलास तक लोगों ने खरीदे। स्टील के बरतन पिछले वर्ष की तुलना में थोड़े महंगे दिखे। इसी तरह टीवी, फ्रिज, गीजर, फिल्टर, वाटर प्यूरीफायर आदि इलेक्ट्रॉनिक्स सामान भी जमकर खरीदे गए।
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खूब बिकीं लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और पूजा के सामान
ज्ञानपुर। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए मूर्तियां और पूजा के सामान भी जमकर खरीदे गए। जिलेभर में जगह-जगह दुकानें सजी थीं, जिनपर देर रात तक लोग खरीदारी करते रहे। मूर्तियां 20 रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक की कीमत में दुकानों पर उपलब्ध थीं। लोगों ने मिट्टी के बरतन और सजावट के सामान भी खूब खरीदे। इसी तरह मिठाई और उपहार में देने के लिए ड्राई फ्रूट की बिक्री भी जमकर हुई।
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