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महंगाई, निजीकरण के खिलाफ तहसील में प्रदर्शन
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भदोही। जिले में सड़कों की बदहाली, निजीकरण, महंगाई, भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को तहसील प्रांगण में धरना देकर प्रदर्शन किया। उपजिलाधिकारी योगेंद्र कुमार को अपना ज्ञापन सौंप कर सिंचाई, नहरों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि जिले में कोई भी सड़क ठीक नहीं है। कालीन उत्पादन और निर्यात के नाम पर जो सहूलियतें भदोही को मिलनी चाहिए, वह भी नहीं मिल रही है। जिले के डूब क्षेत्र समधा ताल, पकरी ताल, ओदरा ताल, कुरमैचा ताल से पानी निकासी कराने की मांग की, ताकि वहां पर रबी की बुआई हो सके। मंत्री इंद्रदेव पाल ने कहा कि रबी की बुवाई के लिए बीज, यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराई जाए। बिजली, पेट्रोल और डीजल का दाम आधा करने की मांग की।
निजीकरण पर रोक लगाने और आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन रद करने की मांग की। साथ ही ठेका खेती पर रोक लगाने और मंडी कानून लागू करने की मांग की गई। धान का समर्थन मूल्य 3150 रुपये घोषित करने की मांग की। अध्यक्षता रामचंदर पटेल ने की। जगन्नाथ मौर्य, कैलाश नाथ बिंद, रमापति यादव, चंद्रेश त्रिपाठी, परदेशी राम, मुरलीधर पाल, ज्ञान प्रकाश प्रजापति, मानसिंह मौर्य, बेचू बिंद, महिराज गौतम, अमृतलाल मौर्य, अशोक गौतम, रामलाल यादव, हृदय लाल यादव, सुक्खू लाल पाल आदि रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि जिले में कोई भी सड़क ठीक नहीं है। कालीन उत्पादन और निर्यात के नाम पर जो सहूलियतें भदोही को मिलनी चाहिए, वह भी नहीं मिल रही है। जिले के डूब क्षेत्र समधा ताल, पकरी ताल, ओदरा ताल, कुरमैचा ताल से पानी निकासी कराने की मांग की, ताकि वहां पर रबी की बुआई हो सके। मंत्री इंद्रदेव पाल ने कहा कि रबी की बुवाई के लिए बीज, यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराई जाए। बिजली, पेट्रोल और डीजल का दाम आधा करने की मांग की।
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निजीकरण पर रोक लगाने और आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन रद करने की मांग की। साथ ही ठेका खेती पर रोक लगाने और मंडी कानून लागू करने की मांग की गई। धान का समर्थन मूल्य 3150 रुपये घोषित करने की मांग की। अध्यक्षता रामचंदर पटेल ने की। जगन्नाथ मौर्य, कैलाश नाथ बिंद, रमापति यादव, चंद्रेश त्रिपाठी, परदेशी राम, मुरलीधर पाल, ज्ञान प्रकाश प्रजापति, मानसिंह मौर्य, बेचू बिंद, महिराज गौतम, अमृतलाल मौर्य, अशोक गौतम, रामलाल यादव, हृदय लाल यादव, सुक्खू लाल पाल आदि रहे।
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