जिला प्रशासन की संस्तुति पर आपूर्ति विभाग ने शुक्रवार को 12 हजार लीटर केरोसिन की डिमांड शासन को भेजी है। आवंटन प्राप्त होने पर विभाग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रवासियों में वितरण सुनिश्चित कराएगा। ब्लॉक डीघ, औराई और ज्ञानपुर के लगभग 100 गांव में 10 दिनों से बाढ़ का कहर झेल रहे हैं। बाढ़ चौकी स्थापित होने के बाद से जल पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, विद्युत, आपूर्ति, फायर ब्रिगेड के अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में ताकत झोंक रहे हैं बावजूद इसके राहत शिविर लगाने, शिविरों में खाना-पानी की व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति लड़खड़ा गई है। छेछुआं, धनतुलसी, भुर्रा, सोनपुर-कटरा, इटहरा, रामपुर घाट, बारीपुर, कलिंजरा, इब्राहिमपुर, बेरवांपहाड़पुर, सीतामढ़ी, डीघ-तलवा, खेमापुर, कलिकमवैया, इटहरा, जगन्नाथपुर, भोगांव, गहरवारी-भीटी के पीड़ितों ने केरोसिन वितरण को जरूरी बताया। बाढ़ से अंधेरे का सामना कर रहे दयानंद, रमाशंकर, कलावती देवी, सुखराजी, दुर्गा देवी आदि ने कहा कि बाढ़ के कारण कच्चे-पक्के घरों में गंगा का पानी पहुंचने और विद्युत व्यवस्था चरमरा जाने से अंधेरे में रहना मुश्किल हो गया है। तटवर्ती क्षेत्र होने से जहरीले जंतु कब राहत शिविरों में घुस कर अनहोनी को बढ़ावा देंगे कुछ नहीं कहा जा सकता। चार दिनों से रामपुर, कलिकमवैया, महादेवा गंगा घाट पर पहुंचने वाले कर्मचारियों से दो-दो लीटर केरोसिन वितरण की मांग उठाई जा चुकी है। बाढ़ से दूरी बनाने वाले ने कहा कि जिले में लगभग चार वर्ष से केरोसिन का आवंटन न होने के कारण अंत्योदय, पात्र गृहस्थी कार्डधारक भी केरोसिन से वंचित हैं। डीएसओ सीमा सिंह ने बताया कि जैसे केरोसिन का आवंटन शासन से मिलेगा वैसे बाढ़ क्षेत्र में वितरण कराया जाएगा।