ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन ने बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर मजदूरों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा की मांग की। जिलाध्यक्ष चंद्रमा बनवासी ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित 17 सूत्रीय मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि एक ओर केंद्र और प्रदेश सरकार नीतियों से पूरा देश महंगाई और भ्रष्टाचार के आगोश में है। दूसरी ओर सरकारी, अर्ध सरकारी क्षेत्रों में गरीबों, मजदूरों के बच्चों का शैक्षणिक उत्पीड़न हो रहा है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हक-अधिकार के साथ महंगाई हटाओ-किसान बचाओ के लिए यूनियन सड़क से सदन तक आवाज उठाने में पीछे नहीं रहेगा। मांग किया है कि मनरेगा में जाति एवं लिंग आधारित आरक्षण पर रोक लगाई जाए, एडवाइजरी कमेटी खेत मजदूर विरोधी सिफारिशें रद्द की जाए, मजदूरों को जाति के नाम पर बांटने की साजिश रोकी जाए, मनरेगा को विश्व स्तर के कानून में शामिल कराया जाए, खेत मजदूरों के लिए सर्वसमावंशी कानून संसद में पारित किया जाए, मजदूरों को वर्ष में दो सौ दिन का काम, 600 की मजदूरी तय की जाए, दलित, आदिवासी, महिला खेत मजदूर का उत्पीड़न रोका जाए, निजी प्रतिष्ठानों में आरक्षण की व्यवस्था मजदूरों को मिले, भूमिहीन मजदूरों को आवास के 15 डिसमिल जमीन, पांच लाख रुपये निर्माण का बजट मिले, भूमि सुधार कानून में सरकारी जमीनों पर आवंटन दी जाए, एससी-एसटी जनजाति सबप्लान को ईमानदारी से लागू करे, खाद्य सुरक्षा गारंटी में मजदूर परिवारों को 10 किलोग्राम गेहूं, पांच किलोग्राम चावल मुफ्त मिले, वेलफेयर बोर्ड की स्थापना की जाए, मजदूरों को जीवन यापन के लिए 7500 रुपये प्रति माह की गारंटी ली जाए, वनवासियों को जल, जंगल वापस दिए जाए। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद कन्नौजिया, पारसनाथ, भुलाल पाल आदि रहे।