ज्ञानपुर/सरोई। सामंजस्य बनाकर ठेकेदार सरकारी राशन कोटे की दुकानों पर समय से पहुंचाएं। बफर गोदामों से रवाना होने वाले जीपीएसयुक्त वाहनों की हर गतिविधियां संप्रेषण अधिकारियों की नजर में रहेगी। बीच रास्ते से राशन की कालाबाजारी होने की स्थिति में ठेकेदार ही संपूर्ण भरपाई के जिम्मेदार होंगे। उक्त बातें बृहस्पतिवार को औराई ब्लाक स्थित एफसीआई गोदाम से सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी योजना का शुभारंभ हरी झंडी दिखाकर करते हुए जिलापूर्ति अधिकारी सीमा सिंह ने कहीं। मुख्यअतिथि डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह ने कहा कि अभी तक उक्त जिम्मेदारी विपणन विभाग के पास थी। कई वर्षों से इस योजना को सफल बनाने के लिए शासन ने आपूर्ति विभाग और ठेकेदारों को सौंपा है। योजना को लक्ष्य तक पहुंचाने में ब्लाकवार नामित ठेकेदार चयनित हैं जो शासन की गाइड लाइन में रहकर नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रहे 730 कोटे की दुकानों पर राशन पहुंचाएंगे। सभी ब्लॉक के गांवों का रुटचार्ट विभाग से लेकर संप्रेषण अधिकारियों के पास रहेगा। एफसीआई गोदाम से वाहनों पर राशन लोड होते ही कोटेेदारों को यह मैसेज मिल जाएगा कि यूनिट आधारित राशन पहुंचने वाला है। राशन रिसिविंग होने की भी जानकारी मैसेज से अधिकारियों को मिलेगी। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी शिवनारायण ने बताया कि इस योजना से प्रति माह राशन वितरण में होने वाली देरी पर भी राहत मिलेगी। राशन पहुंचाने के एवज में ठेकेदारों को गाइड लाइन में निर्धारित कमीशन दर का भुगतान समय पर होता रहेगा। गेहूं-चावल से लदे वाहन उगापुर, सरौली, सायर गांव के लिए रवाना हुए। औराई ब्लाक अंतर्गत कुल 67 कोटे की दुकानों का रुटचार्ट बना है। इस मौके पर आपूर्ति निरीक्षक अनिल कुमार, शिवसागर सिंह, नीतिन दुबे, विनीत सिंह, सुरेश बहादुर सिंह आदि रहे। अप्रैल में दूसरे चरण के लिए अभी तक नमक की पूर्ति जिले में नहीं हो सकी है। जबकि बृहस्पतिवार को एफसीआई गोदाम ककराही-गोपीगंज में रिफाइन तेल और चना का भंडारण गोदामों में चलता रहा। डीएसओ सीमा सिंह ने बताया कि कोटे की दुकानों पर गेहूं-चावल का स्टाक पहुंचने लगा है। खाद्य सामानों की पूर्ति शतप्रतिशत होने पर ही वितरण सुनिश्चित हो पाएगा।

गोपीगंज के वृद्धाश्रम में स्वास्थ्य परीक्षण करती नर्सिंग कॉलेज की प्रशिक्षु नर्स। संवाद- फोटो : BHADOHI