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संदिग्ध हाल में दिव्यांग विवाहिता की मौत
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चौरी। थानाक्षेत्र के मानिकपुर गांव में मंगलवार की रात विवाहिता सुगना देवी (36) पत्नी सुभाष कन्नौजिया की अबूझ हाल में जलने से मौत हो गई। वह पैर से दिव्यांग बताई जा रही थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पहुंची पुलिस प्रकरण की जांच में लगी रही।
मानिकपुर गांव निवासी सुभाष कन्नौजिया की शादी औराई थानाक्षेत्र के अर्जुनपट्टी गांव निवासी रमा कन्नौजिया की पुत्री सुगना के साथ वर्ष 1999 में हुई थी। बताते हैं कि शादी के कई वर्ष बाद भी सुगना को कोई संतान न होने से वह दुखी रहने लगी थी। सुभाष के दो भाई खाड़ी देश में रहते हैं, जबकि वह स्वयं मुंबई में रहकर जीविकोपार्जन करता है। तीनों भाइयों की पत्नियां सास-ससुर के साथ में घर पर ही रहती थीं। मंगलवार की रात में सुगना खाना खाने के बाद कमरे में चली गई। सुबह काफी समय बाद भी जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो परिवार के अन्य सदस्य उसे जगाने के लिए दरवाजा खटखटाने लगे, लेकिन वह नहीं खुला। किसी अनहोनी की आशंका में रोशनदान से झांक कर अंदर का नजारा देखा गया तो सभी हतप्रभ हो गए। उसकी जलने से मौत हो चुकी थी। हैरत की बात यह है कि जिस कमरे में विवाहिता का शव जला पड़ा था, उसमें उसके शरीर के अलावा और कोई सामान नहीं जला था। जबकि कमरे में कपड़े और कई अन्य सामान भी थे।हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष सूर्यभान ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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मानिकपुर गांव निवासी सुभाष कन्नौजिया की शादी औराई थानाक्षेत्र के अर्जुनपट्टी गांव निवासी रमा कन्नौजिया की पुत्री सुगना के साथ वर्ष 1999 में हुई थी। बताते हैं कि शादी के कई वर्ष बाद भी सुगना को कोई संतान न होने से वह दुखी रहने लगी थी। सुभाष के दो भाई खाड़ी देश में रहते हैं, जबकि वह स्वयं मुंबई में रहकर जीविकोपार्जन करता है। तीनों भाइयों की पत्नियां सास-ससुर के साथ में घर पर ही रहती थीं। मंगलवार की रात में सुगना खाना खाने के बाद कमरे में चली गई। सुबह काफी समय बाद भी जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो परिवार के अन्य सदस्य उसे जगाने के लिए दरवाजा खटखटाने लगे, लेकिन वह नहीं खुला। किसी अनहोनी की आशंका में रोशनदान से झांक कर अंदर का नजारा देखा गया तो सभी हतप्रभ हो गए। उसकी जलने से मौत हो चुकी थी। हैरत की बात यह है कि जिस कमरे में विवाहिता का शव जला पड़ा था, उसमें उसके शरीर के अलावा और कोई सामान नहीं जला था। जबकि कमरे में कपड़े और कई अन्य सामान भी थे।हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष सूर्यभान ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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