{"_id":"5e2f3f268ebc3e8d411b2442","slug":"dead-body-of-two-brothers-reached-home-bhadohi-news-vns507287575","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो भाइयों का शव घर पहुंचा,छाया मातम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो भाइयों का शव घर पहुंचा,छाया मातम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घर पहुंचा दो भाइयों का शव,छाया मातम
माल वाहन समेत नदी में गिर कर हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
चौरी। थाना क्षेत्र के बरदहां गांव निवासी दो भाईयों का शव रात में घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मचा रहा। एक साथ हुई दो मौतों की जानकारी जिसको भी मिली वह उनके घर पहुंचने से नहीं रुक सका जिससे पूरे गांव में मातम छाया रहा। बताते हैं कि गांव निवासी सगे भाई जामुद्दीन 22वर्ष, शमशुद्दीन 20 वर्ष माल वाहन लेकर प्रतापगढ़ गए थे जहां से शनिवार को वह कपसेठी-वाराणसी होकर लौट रहे थे। कालिका धाम पुल पर पहुंचते ही सामने आए बाइक सवार को बचाने के चक्कर में मयवाहन दोनों की नदी में गिरकर मौके पर मौत हो गई थी। देर रात ही किसी तरह आस-पास के लोगों ने दोनों भाइयों का शव घर भेजवा दिया। मृतक सात भाई और चार बहनों में बीच के थे। जवान बेटों की एक साथ हुई मौत से पिता मुनव्वर अली, मां शकीला बनो सहित पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। रात में ही दोनों को दानूपट्टी के कब्रिस्तान में सुपुर्देखाक कर दिया गया।
विज्ञापन
माल वाहन समेत नदी में गिर कर हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
चौरी। थाना क्षेत्र के बरदहां गांव निवासी दो भाईयों का शव रात में घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मचा रहा। एक साथ हुई दो मौतों की जानकारी जिसको भी मिली वह उनके घर पहुंचने से नहीं रुक सका जिससे पूरे गांव में मातम छाया रहा। बताते हैं कि गांव निवासी सगे भाई जामुद्दीन 22वर्ष, शमशुद्दीन 20 वर्ष माल वाहन लेकर प्रतापगढ़ गए थे जहां से शनिवार को वह कपसेठी-वाराणसी होकर लौट रहे थे। कालिका धाम पुल पर पहुंचते ही सामने आए बाइक सवार को बचाने के चक्कर में मयवाहन दोनों की नदी में गिरकर मौके पर मौत हो गई थी। देर रात ही किसी तरह आस-पास के लोगों ने दोनों भाइयों का शव घर भेजवा दिया। मृतक सात भाई और चार बहनों में बीच के थे। जवान बेटों की एक साथ हुई मौत से पिता मुनव्वर अली, मां शकीला बनो सहित पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। रात में ही दोनों को दानूपट्टी के कब्रिस्तान में सुपुर्देखाक कर दिया गया।