ज्ञानपुर/सुरियावां थानाक्षेत्र के वारी गांव में मंगलवार दोपहर एक बजे सरपत के पास एक हिरन का शव मिलने से सनसनी फैल गई। आशंका जताई जा रही है कि कुछ शिकारियों ने उसका शिकार किया। खबर मिलते ही वहां भीड़ जुट गई। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। पशु विभाग की टीम ने पोस्टमार्टम किया। मंगलवार को दोपहर ग्रामीणों की नजर सरपत के समीप हिरन का शव दिखा तो वहां सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि कुछ मनबढ़ किस्म के लोगों ने हिरन का शिकार किया, हालांकि यह जांच का विषय है। डीएफओ आलोक सक्सेना के निर्देश पर ज्ञानपुर रेंजर रिचेश मिश्रा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कार्यालय लेकर आई। वन विभाग की ओर से उसे दफनाने का प्रयास किया गया। इसको लेकर ग्रामीण नाराज हो गए और पोस्टमार्टम की मांग को लेकर अड़ गए। ग्रामीणों का विरोध देख वन विभाग ने पशु अस्पताल से टीम को बुलाया। उप सीवीओ डॉ. जेडी सिंह के नेतृत्व में हिरन के शव का पोस्टमार्टम किया गया। उन्होंने बताया कि उस पर किसी धारदार हथियार से हमला किया गया है। रेंजर ने बताया कि मामले में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इस मौके पर पुजारी अरुण कुमार दूबे, श्यामधर दूबे, प्रधानपति कमलाशंकर यादव, भरतराज सिंह, विपिन सिंह, विमल दूबे, रामतारे, टिंकू सिंह, धनराज बिंद आदि रहे।