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सुविधाओं में कटौती पर नाराजगी
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
Updated Thu, 31 Dec 2015 01:48 AM IST
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सुबह 10 बजे से शुरू धरना शाम चार बजे समाप्त हुआ।
वक्ताओं ने कहा कि यूपी के निगमों में कार्यरत एवं पेंशनधारी कर्मचारियों, अधिकारियो को मिली एलएमवी-10 की सुविधा बहाल की जाए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी न होने की दशा में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा की पूर्व में एलएमवी की सुविधा मिलती रही है। विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण क्षेत्र के कर्मचारियों को यह सुविधा समय समय पर हुए समझौतों व आदेशो से मिलती रही है।
राज्य व केंद्र सरकार के सभी विभागों रेलवे, परिवहन, मेडिकल, शिक्षा आदि में विभागीय सुविधा के रुप में या अन्य छूट के रुप में ये सुविधाएं आज भी चली आ रही हैं।
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लेकिन वर्तमान में सरकार इन सुविधाओं में कटौती करने पर अमादा है। आगे कहा की उत्पादन, पारेषण और वितरण निरंतर चलने वाला कार्य है इसलिए पहले भी पायलट लाइट के रूप में विद्युत सुविधा का लाभ मिलता था।अब विभिन्न सुविधाओं में कटौती की जा रही है।
विद्युत नियामक आयोग अन्यायपूर्ण ढंग से सुविधाओं में कटौती करना चाहती है जो हम नहीं होने देंगे। हम सभी घटक संगठन संघर्ष समिति के नेतृत्व में अपनी मांग पूरा होने तक आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
धरना में दिलीप पाण्डेय, रमानंद कुशवाहा, मंसूर अली, सुभाष बिंद, अजय नरायण यादव, विनोद कुमार श्रीवास्तव, विनय मौर्य, लक्ष्मी यादव, संजय सिंह, संतोष श्रीवास्तव, राजकुमार सिंह, मुराद अली, अनीस अहमद आदि शामिल रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि यूपी के निगमों में कार्यरत एवं पेंशनधारी कर्मचारियों, अधिकारियो को मिली एलएमवी-10 की सुविधा बहाल की जाए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी न होने की दशा में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा की पूर्व में एलएमवी की सुविधा मिलती रही है। विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण क्षेत्र के कर्मचारियों को यह सुविधा समय समय पर हुए समझौतों व आदेशो से मिलती रही है।
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राज्य व केंद्र सरकार के सभी विभागों रेलवे, परिवहन, मेडिकल, शिक्षा आदि में विभागीय सुविधा के रुप में या अन्य छूट के रुप में ये सुविधाएं आज भी चली आ रही हैं।
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लेकिन वर्तमान में सरकार इन सुविधाओं में कटौती करने पर अमादा है। आगे कहा की उत्पादन, पारेषण और वितरण निरंतर चलने वाला कार्य है इसलिए पहले भी पायलट लाइट के रूप में विद्युत सुविधा का लाभ मिलता था।अब विभिन्न सुविधाओं में कटौती की जा रही है।
विद्युत नियामक आयोग अन्यायपूर्ण ढंग से सुविधाओं में कटौती करना चाहती है जो हम नहीं होने देंगे। हम सभी घटक संगठन संघर्ष समिति के नेतृत्व में अपनी मांग पूरा होने तक आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
धरना में दिलीप पाण्डेय, रमानंद कुशवाहा, मंसूर अली, सुभाष बिंद, अजय नरायण यादव, विनोद कुमार श्रीवास्तव, विनय मौर्य, लक्ष्मी यादव, संजय सिंह, संतोष श्रीवास्तव, राजकुमार सिंह, मुराद अली, अनीस अहमद आदि शामिल रहे।