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करोड़ों डकार गए प्रधान, अधूरे रह गए काम
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ज्ञानपुर। प्रधानों का कार्यकाल शुक्रवार की आधी रात को समाप्त हो गया, लेकिन सौ से अधिक प्रधान करोड़ों रुपये डकार कर बैठ गए हैं। जिन कार्यों के लिए धन निकाला गया, वह आज तक पूरे नहीं हो सके। जमुनीपुर अठगवां और परगासपुर गांव में बड़ी घपलेबाजी मिली। जमुनीपुर अठगवां में प्रधान पुत्र और सेक्रेटरी को जेल तक जाना पड़ा, जबकि परगासपुर में प्रधान की कुर्सी ही चली गई।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा अभी नहीं हुई है। 25 दिसंबर को जिले की 561 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो गया। सभी ग्राम पंचायतों में विकास कार्य देखने के लिए छह प्रशासकों को नियुक्त किया गया, जो अधूरे कार्यों को पूर्ण कराएंगे। सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में इंटरलॉकिंग, चकमार्ग, हैंडपंप रिबोर, स्ट्रीट लाइट, शौचालय निर्माण से लेकर अन्य योजनाओं में खूब गड़बड़ी की गई। अफसरों की जांच में भी गड़बड़ी सामने आ चुकी है। अभोली ब्लॉक के दानूपुर पूरबपट्टी, नागमलपुर, अमिलहरा, सुरियावां ब्लॉक के मंगुरा, जमुनीपुर अठगवां, भदोही ब्लॉक के परगासपुर, औराई के मवैया हरदोपट्टी, डीघ ब्लॉक के रामकिशुनपुर बसहीं, दरवांसी, चंदापुर, तिलंगा, गोधना, धनतुलसी, नवधन, कोइरौना, ज्ञानपुर ब्लॉक के सुंदरपुर सहित अन्य गांव शामिल हैं। ऐसे गांवों में प्रशासकों की ओर से काम कराना किसी चुनौती से कम न होगा।
जमुनीपुर अठगवां गांव में करीब एक हजार शौचालय बिना बनाए ही पैसे खर्च कर दिए गए, जबकि अमिलहरा में भी बिना काम किए ही सरकारी रकम खर्च कर दी गई। परगासपुर में तो कार्यवाहक प्रधान ने ही 49 लाख से अधिक का घपला कर दिया। मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि जिन गंावों में जांच चल रही है या जांच पूरी हो चुकी है, उनमें प्रधानों और सचिवों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा अभी नहीं हुई है। 25 दिसंबर को जिले की 561 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो गया। सभी ग्राम पंचायतों में विकास कार्य देखने के लिए छह प्रशासकों को नियुक्त किया गया, जो अधूरे कार्यों को पूर्ण कराएंगे। सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में इंटरलॉकिंग, चकमार्ग, हैंडपंप रिबोर, स्ट्रीट लाइट, शौचालय निर्माण से लेकर अन्य योजनाओं में खूब गड़बड़ी की गई। अफसरों की जांच में भी गड़बड़ी सामने आ चुकी है। अभोली ब्लॉक के दानूपुर पूरबपट्टी, नागमलपुर, अमिलहरा, सुरियावां ब्लॉक के मंगुरा, जमुनीपुर अठगवां, भदोही ब्लॉक के परगासपुर, औराई के मवैया हरदोपट्टी, डीघ ब्लॉक के रामकिशुनपुर बसहीं, दरवांसी, चंदापुर, तिलंगा, गोधना, धनतुलसी, नवधन, कोइरौना, ज्ञानपुर ब्लॉक के सुंदरपुर सहित अन्य गांव शामिल हैं। ऐसे गांवों में प्रशासकों की ओर से काम कराना किसी चुनौती से कम न होगा।
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जमुनीपुर अठगवां गांव में करीब एक हजार शौचालय बिना बनाए ही पैसे खर्च कर दिए गए, जबकि अमिलहरा में भी बिना काम किए ही सरकारी रकम खर्च कर दी गई। परगासपुर में तो कार्यवाहक प्रधान ने ही 49 लाख से अधिक का घपला कर दिया। मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि जिन गंावों में जांच चल रही है या जांच पूरी हो चुकी है, उनमें प्रधानों और सचिवों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
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