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करोड़ों हो गए खर्च फिर भी तालाबों पानी हो रहा कम

Mon, 21 Mar 2022 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 21 Mar 2022 11:54 PM IST
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Crores have been spent, yet ponds are getting less water
कालीन नगरी में जल संरक्षण की मुहिम पटरी से उतर चुकी है। तालाबों, नदियों, नालों और वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था कागजों तक सिमट कर रह गई है। जल शक्ति अभियान के तहत 13.74 करोड़ खर्च भी हो गए, लेकिन धरातल पर स्थिति नहीं सुधरी।
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जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का अभाव व सरकारी तंत्रों की लापरवाही, कारण जो भी रहा हो, लेकिन लगातार नीचे खिसकते भूजल स्तर के कारण डार्क जोन में शामिल ज्ञानपुर और भदोही ब्लॉक आज तक इस श्रेणी से बाहर नहीं आ सके हैं। इसके चलते शासन स्तर से संचालित कई योजनाओं के लाभ से किसान वंचित हो रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी इसके प्रति उदासीन हैं। जल संचयन के लिए 546 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत एक हजार से अधिक तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया, लेकिन देखरेख के अभाव में तालाबों की स्थिति खराब हो चुकी है। काफी संख्या में तालाब अब भी अतिक्रमण की जद में आकर अपना अस्तित्व ही खोते जा रहे हैं। वर्ष 2021 में जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण की मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए जल संचयन को धार देने की कोशिश की गई। ज्ञानपुर, भदोही, औराई, डीघ, अभोली और सुरियावां ब्लॉक में 45 तालाब, 73 नदी व नाले, 1600 से अधिक रिचार्ज पिट और पांच लाख 48 हजार 971 से अधिक पौधे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया। जिस पर करीब 13.74 करोड़ खर्च किए जाने थे। इसकी शुरूआत भी हुई, लेकिन धरातल पर कहीं भी इसका असर नहीं दिख रहा है। अवर अभियंता लघु सिंचाई छोटेलाल ने बताया कि वर्ष 2019 में सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भदोही और ज्ञानपुर को छोड़कर अन्य चार ब्लॉकों सुरियावां, अभोली, औराई और डीघ डार्क जोन के बाहर हो गए हैं। जल संरक्षण की मुहिम के तहत 2018 में मोरवा और वरुणा नदी के जीर्णोद्धार की पहल भी दम तोड़ चुकी है। मनरेगा के तहत एक करोड़ से अधिक धनराशि खर्च हुई, लेकिन अब भी मोरवा नदी में पानी नहीं दिख रहा है। सीडीओ भानु प्रताप सिंह का कहना है कि जल संरक्षण के लिए तालाबों की खुदाई की गई है। इसके लिए तमाम विधियों का प्रयोग किया जाता है, जिसमें सीधे जमीन के अंदर खाई बनाकर रिचार्जिंग, कुएं में पानी उतारना, ट्यूबवेेल में पानी उतारना और टैंक में जमा करना शामिल है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जिन विभागों में क्रियाशील नहीं है, उन्हें निर्देशित किया जाएगा।
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