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12 भट्ठा संचालकों पर मुकदमा, 24 को भेजी गई नोटिस
Updated Fri, 14 Dec 2018 12:03 AM IST
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ज्ञानपुर। बिना लाइसेंस के ईंट-भट्टा संचालित करने वाले 12 भट्टा संचालकों पर जिला पंचायत ने सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि 24 से अधिक संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जरूरी अभिलेख न रखने पर भट्टा संचालन पर रोक लगी रहेगी।
जिले में 150 से अधिक ईंट- भट्टा हैं। पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर भट्टा संचालन से पहले खनन, जिला पंचायत विभाग से लाइसेंस लेना पड़ता है।लेकिन ज्यादातर भट्टा संचालक इक्का-दुक्का अभिलेख बनवाकर ही भट्टा चलाना शुरू कर देते हैं। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर से नोटिस जारी कर अभिलेख दुरूस्त करने का समय दिया जाता है। तय समय में काम पूरा न करने पर कार्रवाई की जाती है। जिला पंचायत के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले के 12 भट्टा बिना लाइसेंस के ही संचालित हो रहे हैं। कई बार हिदायत देने के बाद भी जब लाइसेंस नहीं बनवाए तो उनके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया। अपर मुख्य अधिकारी सुभाषचंद भारतीय ने बताया कि 24 भट्टा संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष में भट्टा संचालित करने के लिए पर्यावरण, प्रदूषण बोर्ड का प्रमाण पत्र होने के साथ ही जिला पंचायत से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। संचालकों के पास एक भी पत्रावली कम होगी तो कार्रवाई संग जुर्माना वसूला जाएगा। बताते चलें कि जिले में कई ईंट-भट्टों की चिमनिया मानक के अनुसार नहीं है। जिससे ग्रामीण अंचलो में प्रदूषण फैल रहा है। कई स्थानों पर प्रदूषण से पेड़-पौधे भी सूख जाते हैं। तमाम परेशानियों के बाद भी प्रदूषण विभाग नही चेत रहा है। संचालक इतने रसूखदार होते हैं कि चाह कर भी कोई उनका विरोध नहीं कर पाता।
जिले में 150 से अधिक ईंट- भट्टा हैं। पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर भट्टा संचालन से पहले खनन, जिला पंचायत विभाग से लाइसेंस लेना पड़ता है।लेकिन ज्यादातर भट्टा संचालक इक्का-दुक्का अभिलेख बनवाकर ही भट्टा चलाना शुरू कर देते हैं। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर से नोटिस जारी कर अभिलेख दुरूस्त करने का समय दिया जाता है। तय समय में काम पूरा न करने पर कार्रवाई की जाती है। जिला पंचायत के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले के 12 भट्टा बिना लाइसेंस के ही संचालित हो रहे हैं। कई बार हिदायत देने के बाद भी जब लाइसेंस नहीं बनवाए तो उनके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया। अपर मुख्य अधिकारी सुभाषचंद भारतीय ने बताया कि 24 भट्टा संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष में भट्टा संचालित करने के लिए पर्यावरण, प्रदूषण बोर्ड का प्रमाण पत्र होने के साथ ही जिला पंचायत से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। संचालकों के पास एक भी पत्रावली कम होगी तो कार्रवाई संग जुर्माना वसूला जाएगा। बताते चलें कि जिले में कई ईंट-भट्टों की चिमनिया मानक के अनुसार नहीं है। जिससे ग्रामीण अंचलो में प्रदूषण फैल रहा है। कई स्थानों पर प्रदूषण से पेड़-पौधे भी सूख जाते हैं। तमाम परेशानियों के बाद भी प्रदूषण विभाग नही चेत रहा है। संचालक इतने रसूखदार होते हैं कि चाह कर भी कोई उनका विरोध नहीं कर पाता।
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