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त्वरित पुलिस कार्रवाई से अराजक तत्वों का मंसूबा फेल
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भदोही। मामूली सी बात को लेकर रविवार को जिस प्रकार से कालीन नगरी का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया उसको लेकर अमनपसंद नागरिक संजीदा हो गए हैं। जिस प्रकार से खंभे पर लगे धार्मिक झंडे को हटाने का प्रयास किया गया तथा दूसरे वर्ग के युवकों द्वारा बजाए पुलिस का सहयोग लेने के खुद विवाद में कूद जाने से लोगों को इतना आभास हो गया है कि कहीं न कहीं नगर की गंगा जमुनी तहजीब बिगाड़ने को अराजक तत्व सक्रिय हो गए हैं। कहा जा रहा है कि मामले में त्वरित पुलिसिया कार्रवाई से अराजक तत्वों का मंसूबा फेल हो गया।
पुलिस उपाधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय की मानें तो विवाद था ही नहीं। विवाद बनाने का प्रयास किया गया। जो झंडा खंभे पर लगा था वह नवंबर महीने से लगा था। हो सकता है कि किसी ने झंडे को हटाने की बात कही हो लेकिन इसके लिए मोहल्ले के मानिंद लोगों के बीच बैठ कर या पुलिस के सहयोग से पटाक्षेप कर देना चाहिए था। बात दो युवकों से शुरू हुई जिसमे कुछ लोग सैंयम बरतने के बजाए उत्तेजित हो उठे जिससे विवाद बढ़ा।
नगर पालिका अध्यक्ष अशोक कुमार जायसवाल जो उसी क्षेत्र के रहने वाले हैं ने घटना के बाद विवाद को समझने का प्रयास किया। कहा कि आपस में विवाद करने वाले दोनो ही पक्ष नियाहत सीधे सादे हैं। मामला कैसे ईंट पत्थर तक पहुंच गया समझ से परे है। कहा कि शहर हमारा है। अमन चैन बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। सांप्रदायिक सौहार्द से ही किसी शहर की तरक्की संभव है। शहर का अमनो अमान पहले है। इसे किसी को बिग़ड़ने नहीं दिया जाएगा।
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पुलिस उपाधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय की मानें तो विवाद था ही नहीं। विवाद बनाने का प्रयास किया गया। जो झंडा खंभे पर लगा था वह नवंबर महीने से लगा था। हो सकता है कि किसी ने झंडे को हटाने की बात कही हो लेकिन इसके लिए मोहल्ले के मानिंद लोगों के बीच बैठ कर या पुलिस के सहयोग से पटाक्षेप कर देना चाहिए था। बात दो युवकों से शुरू हुई जिसमे कुछ लोग सैंयम बरतने के बजाए उत्तेजित हो उठे जिससे विवाद बढ़ा।
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नगर पालिका अध्यक्ष अशोक कुमार जायसवाल जो उसी क्षेत्र के रहने वाले हैं ने घटना के बाद विवाद को समझने का प्रयास किया। कहा कि आपस में विवाद करने वाले दोनो ही पक्ष नियाहत सीधे सादे हैं। मामला कैसे ईंट पत्थर तक पहुंच गया समझ से परे है। कहा कि शहर हमारा है। अमन चैन बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। सांप्रदायिक सौहार्द से ही किसी शहर की तरक्की संभव है। शहर का अमनो अमान पहले है। इसे किसी को बिग़ड़ने नहीं दिया जाएगा।
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