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गावों में अफसरशाही फेल, जमकर हुआ पट्टे का खेल
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:30 AM IST
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ज्ञानपुर। अभोली के सेमरा, डीघ के गोधना और ज्ञानपुर के कई गांवों में अवैध पट्टों का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक अफसरों के कान खड़े हो गए हैं। जिले में ग्रामसमाज की जमीन पर मनमाने पट्टा का खेल सिर्फ दो-तीन गांवों में ही नहीं हुआ बल्कि ज्यादातर ग्रामसभाओं में कमोबेश यही स्थिति है।
गांवों में भूमिहीन लोगों को भूमि प्रबंधन समिति की संस्तुति पर ग्रामसमाज की जमीन पर प्रधानों की ओर से पट्टा आवंटित किया जाता है। इसमें आवास, कृषि आवंटन पट्टा प्रमुख रूप से दिया जाता है। आधुनिकता के इस दौर में गड़बड़ी करना भले ही मुश्किल हो गया है, लेकिन आज से दो -ढाई दशक पूर्व सारे कामकाज कागजों पर ही होता था। ग्राम प्रधान और राजस्व विभाग के कर्मचारी कागजों में हेरफेर कर मनमानी ढंग से पट्टे का आवंटन कर देते। ऐसे ही कई मामलों का खुलासा हो चुका है। अभोली के सेमरा में 14 लोगों को तालाब तो गोधना में करीब 30 लोगों का फर्जी पट्टा आवंटन निरस्त हो चुका है। ज्ञानपुर से लगे एक गांव में बाहरी व्यक्ति को आवास के नाम पर पट्टा आवंटित कर दिया गया।
उक्त जमीन पर अब दो मंजिला मकान भी बनकर तैयार हो चुका है। गांव में एक कर्मचारी पर एक संस्थान के नाम पर करीब आठ बीघे ग्राम समाज जमीन कब्जाने की शिकायत भी सामने आई। इसी तरह गांव में कई लोगों को नियमों के विरुद्ध पट्टा आवंटित किया गया है। राजस्व विभाग का संरक्षण होने से ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। प्रशासनिक स्तर से जांच हुई तो सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए भू माफिया एक-एक करके बाहर निकलेंगे।
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एडीएम राजस्व हरिलाल यादव ने कहा कि निगरानी के लिए कमेटी गठित की गई है। जहां-जहां की शिकायत मिल रही है जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
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गांवों में भूमिहीन लोगों को भूमि प्रबंधन समिति की संस्तुति पर ग्रामसमाज की जमीन पर प्रधानों की ओर से पट्टा आवंटित किया जाता है। इसमें आवास, कृषि आवंटन पट्टा प्रमुख रूप से दिया जाता है। आधुनिकता के इस दौर में गड़बड़ी करना भले ही मुश्किल हो गया है, लेकिन आज से दो -ढाई दशक पूर्व सारे कामकाज कागजों पर ही होता था। ग्राम प्रधान और राजस्व विभाग के कर्मचारी कागजों में हेरफेर कर मनमानी ढंग से पट्टे का आवंटन कर देते। ऐसे ही कई मामलों का खुलासा हो चुका है। अभोली के सेमरा में 14 लोगों को तालाब तो गोधना में करीब 30 लोगों का फर्जी पट्टा आवंटन निरस्त हो चुका है। ज्ञानपुर से लगे एक गांव में बाहरी व्यक्ति को आवास के नाम पर पट्टा आवंटित कर दिया गया।
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उक्त जमीन पर अब दो मंजिला मकान भी बनकर तैयार हो चुका है। गांव में एक कर्मचारी पर एक संस्थान के नाम पर करीब आठ बीघे ग्राम समाज जमीन कब्जाने की शिकायत भी सामने आई। इसी तरह गांव में कई लोगों को नियमों के विरुद्ध पट्टा आवंटित किया गया है। राजस्व विभाग का संरक्षण होने से ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। प्रशासनिक स्तर से जांच हुई तो सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए भू माफिया एक-एक करके बाहर निकलेंगे।
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एडीएम राजस्व हरिलाल यादव ने कहा कि निगरानी के लिए कमेटी गठित की गई है। जहां-जहां की शिकायत मिल रही है जांच कर कार्रवाई की जा रही है।