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दहेज हत्या में पति समेत तीन को कारावास
Updated Wed, 17 Oct 2018 12:56 AM IST
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ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने दहेज हत्या के दोषी पति, सास और ससुर को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। तीन साल पूर्व हुई घटना में कोर्ट ने फैसला सुनाया।
निर्मला देवी पत्नी बृजलाल निवासी जगदीशपुर थाना हंडिया ने आरोप लगाया था कि उसकी लड़की रंजना की शादी तीन साल पूर्व जयशंकर पुत्र भगत प्रताप निवासी प्रताप सिंह पट्टी सुरियावां थाने के साथ हुई थी। ससुराल में उसकी लड़की के पति, सास और ससुर दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। कहते थे कि दहेज में कम रुपये मिले हैं। बाइक नहीं मिली, सस्ते में शादी हो गई है। एक मार्च 2014 को सूचना मिली कि मेरी लड़की की मौत हो गई है। मौके पर पहुंचे तो लड़की के नाक से खून निकल रहा था। गांव वालों से पता चला कि रात में जयशंकर और उसके माता-पिता ने साजिश के तहत उसकी बेटी की हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में गवाहों के बयान दर्ज हुए। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश अशोक कुमार दूबे की अदालत ने पति जयशंकर, ससुर भागल प्रसाद मौर्य और सास अनारा देवी को 10 साल सश्रम कारावास और 25-25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेश पांडेय ने की।
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निर्मला देवी पत्नी बृजलाल निवासी जगदीशपुर थाना हंडिया ने आरोप लगाया था कि उसकी लड़की रंजना की शादी तीन साल पूर्व जयशंकर पुत्र भगत प्रताप निवासी प्रताप सिंह पट्टी सुरियावां थाने के साथ हुई थी। ससुराल में उसकी लड़की के पति, सास और ससुर दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। कहते थे कि दहेज में कम रुपये मिले हैं। बाइक नहीं मिली, सस्ते में शादी हो गई है। एक मार्च 2014 को सूचना मिली कि मेरी लड़की की मौत हो गई है। मौके पर पहुंचे तो लड़की के नाक से खून निकल रहा था। गांव वालों से पता चला कि रात में जयशंकर और उसके माता-पिता ने साजिश के तहत उसकी बेटी की हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में गवाहों के बयान दर्ज हुए। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश अशोक कुमार दूबे की अदालत ने पति जयशंकर, ससुर भागल प्रसाद मौर्य और सास अनारा देवी को 10 साल सश्रम कारावास और 25-25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेश पांडेय ने की।
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