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सड़क हादसे में घायल दोस्त ने भी तोड़ा दम
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सीतामढ़ी। अयोध्या में हुई सड़क दुर्घटना में घायल कोइरौना के चौबान बस्ती निवासी विवेक चौबे (23) की मंगलवार देर शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। वहीं पुनीत चौबे (23) का बुधवार को बनकट गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। दर्दनाक हादसे में दोनों युवकों की मौत ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया। दोनों आपस में मिलकर कटरा बाजार में सनातन कोचिंग सेंटर चलाकर परिवार का भरण पोषण करते थे। दोनों अयोध्या से दर्शन पूजन कर बाइक से वापस घर लौट रहे थे। बीकापुर कोतवाली के चौरे बाजार के पास रात करीब नौ बजे उनकी बाइक को सामने से तेज गति से आ रही असंतुलित कार ने रौंद दिया था। इस दुर्घटना में पुनीत की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसके साथी विवेक की लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार देर शाम इलाज के दौरान मौत हो गई।
सीतामढ़ी। सड़क दुर्घटना में क्षेत्र के दो युवाओ की दर्दनाक मौत से क्षेत्र में पूरे क्षेत्र में मातम की स्थिति है। कटरा विवेक चौबे और बनकट के पुनीत चौबे अपने अपने परिवारों के खेवनहार थे। दोनों की मौत से दो परिवारों पर बज्रपात हो गया। दोनों परिवारों को ऊपर वाले ने जो दर्द दिया है, वह परिजनों को जीवन पर्यंत बेधता रहेगा। कटरा निवासी मृतक विवेक चौबे की मां शर्मिला देवी का जीवन दुखों के बोझ से दबा हुआ है। 10 वर्षों पूर्व पति की असामयिक मौत के बाद चार बच्चों के भरण पोषण की पूरी जिम्मेवारी उन पर आ गई। आर्थिक समस्या से जूझते हुए एक मां अपना पेट काट कर भी अपने बच्चों की परवरिस के साथ बेटे को पढ़ा कर काबिल बनाना चाहती थी। अपनी आर्थिक परिस्थितियों और मां की परेशानियों को समझते हुए विवेक पढ़ाई के साथ कोचिंग और एक स्कूल में शिक्षण कार्य करने लगा। इससे उसके परिवार में खुशहाली लौटने लगी। छोटी सी कमाई की बचत से वह अपनी छोटी बहन प्रिया की शादी की शादी 21 जून को तय की थी। घर में इन दिनों शादी की तैयारियां चल रहीं थीं, लेकिन ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था। उसकी मौत ने एक गरीब परिवार को ऐसा दर्द दिया कि पूरा परिवार एक बार फिर घनघोर अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हो गया है। घर का चिराग बुझ जाने से परिवार बे-सहारा हो गया। दुर्घटना में मृत विवेक और पुनीत के घरों में कोहराम मचा है। परिजन छाती पीट पीट कर रो रहे हैं। दोनों की मां अपने जिगर के टुकड़े के लिए बिलखते हुए बेहोश हो जा रही हैं, जबकि बहने बिलख रही है कि भइया अब राखी किसे बांधूंगी।
सीतामढ़ी। सड़क दुर्घटना में क्षेत्र के दो युवाओ की दर्दनाक मौत से क्षेत्र में पूरे क्षेत्र में मातम की स्थिति है। कटरा विवेक चौबे और बनकट के पुनीत चौबे अपने अपने परिवारों के खेवनहार थे। दोनों की मौत से दो परिवारों पर बज्रपात हो गया। दोनों परिवारों को ऊपर वाले ने जो दर्द दिया है, वह परिजनों को जीवन पर्यंत बेधता रहेगा। कटरा निवासी मृतक विवेक चौबे की मां शर्मिला देवी का जीवन दुखों के बोझ से दबा हुआ है। 10 वर्षों पूर्व पति की असामयिक मौत के बाद चार बच्चों के भरण पोषण की पूरी जिम्मेवारी उन पर आ गई। आर्थिक समस्या से जूझते हुए एक मां अपना पेट काट कर भी अपने बच्चों की परवरिस के साथ बेटे को पढ़ा कर काबिल बनाना चाहती थी। अपनी आर्थिक परिस्थितियों और मां की परेशानियों को समझते हुए विवेक पढ़ाई के साथ कोचिंग और एक स्कूल में शिक्षण कार्य करने लगा। इससे उसके परिवार में खुशहाली लौटने लगी। छोटी सी कमाई की बचत से वह अपनी छोटी बहन प्रिया की शादी की शादी 21 जून को तय की थी। घर में इन दिनों शादी की तैयारियां चल रहीं थीं, लेकिन ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था। उसकी मौत ने एक गरीब परिवार को ऐसा दर्द दिया कि पूरा परिवार एक बार फिर घनघोर अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हो गया है। घर का चिराग बुझ जाने से परिवार बे-सहारा हो गया। दुर्घटना में मृत विवेक और पुनीत के घरों में कोहराम मचा है। परिजन छाती पीट पीट कर रो रहे हैं। दोनों की मां अपने जिगर के टुकड़े के लिए बिलखते हुए बेहोश हो जा रही हैं, जबकि बहने बिलख रही है कि भइया अब राखी किसे बांधूंगी।
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