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गैर इरादतन हत्या के दोषी को 10 वर्ष कारावास
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ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के दोषी को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। लगभग तीन साल पहले ुहुए इस मामले में बृहस्पतिवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार छह अक्तूबर 2015 को मृत्युंजय सिंह निवासी बारीपुर कोइरौना थाना ने आरोप लगाया था कि वह पांच अक्तूबर 2015 को नौ बजे रात भांजे संजय सिंह गोपीगंज के पुरवां निवासी बिरनई निवासी शारदा प्रसाद यादव के साथ अपने ननिहाल बारीपुर आ रहा था। सीतामढ़ी के पुंज गोशाला के पास पहुंचा तो पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों लोग मारपीट करने लगे। सुबह पता चला कि संजय की लाश बारीपुर के नाले में पड़ी है। इस घटना को कई लोगों ने वहां देखा था। शारदा प्रसाद ने उसके भांजे संजय सिंह की हत्या कर दी। कोइरौना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेजा था। दोनों पक्षों के बयान और तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश अशोक कुमार दूबे की अदालत ने दोषी शारदा प्रसाद को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेश कुमार पांडेय ने की।
अभियोजन के अनुसार छह अक्तूबर 2015 को मृत्युंजय सिंह निवासी बारीपुर कोइरौना थाना ने आरोप लगाया था कि वह पांच अक्तूबर 2015 को नौ बजे रात भांजे संजय सिंह गोपीगंज के पुरवां निवासी बिरनई निवासी शारदा प्रसाद यादव के साथ अपने ननिहाल बारीपुर आ रहा था। सीतामढ़ी के पुंज गोशाला के पास पहुंचा तो पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों लोग मारपीट करने लगे। सुबह पता चला कि संजय की लाश बारीपुर के नाले में पड़ी है। इस घटना को कई लोगों ने वहां देखा था। शारदा प्रसाद ने उसके भांजे संजय सिंह की हत्या कर दी। कोइरौना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेजा था। दोनों पक्षों के बयान और तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश अशोक कुमार दूबे की अदालत ने दोषी शारदा प्रसाद को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेश कुमार पांडेय ने की।
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