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24 नामजद व 10 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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औराई। सोमवार दोपहर चकजोधी-बारीगांव निवासियों और पुलिस के बीच हुए हंगामें के मामले में मंगलवार को पुलिस ने सात महिलाओं सहित 24 नामजद और 10 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी है। वहीं सात महिलाओं को निजी मुचलके पर रिहा भी किया है। यह कार्रवाई राजमार्ग को बाधित करने और वाहनों को क्षतिग्रस्त करने के आरोप में की गई है।
एक सप्ताह पहले थाना क्षेत्र के नरथुआ गांव में भदोही-औराई मार्ग उगापुर बाजार से सेब बेचकर आ रहे तीन लोग सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के लिए तीनों को सीएचसी ले जाने पर चिकित्सकों ने एक को उसी दिन मृत घोषित कर दो अन्य को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया था। दूसरे ही दिन ट्रामा सेंटर में भर्ती किशोर की भी मौत हो गई थी। जबकि एक अभी तक जीवन-मौत के बीच जूझ रहा है। घटना के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ ने टक्कर मारने वाली बोलेरो का नंबर बताया था और पुलिस भी नंबर ट्रेस कर वाहन एवं चालक की पहचान कर ली थी। बावजूद इसके न तो वाहन पकड़ा गया और न चालक।
ऐसे में नाराज मृतक के परिजनों समेत अय लोगों ने सोमवार को पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम शुरू कर दिया। भीड़ में शामिल किसी के पुलिस पर पथराव करते ही मामला बिगड़ गया और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। भागते समय भीड़ ने कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए और पुलिस पर पथराव किया। एक ओर से पथराव और दूसरी ओर से लाठियां चलने से कई ग्रामीणों और पुलिस के जवानों को चोट भी लगी। मामला शांत होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। औराई कोतवाल एसएन मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों को समझाया जा रहा था कि बोलरो चालक के घर पुलिस दबिश दे रही है, लेकिन वह ताला बंद कर पूरे परिवार के साथ फरार हो चुका है। शीघ्र ही उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी फिर भी कोई नहीं माना।
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पुलिस पर बर्बरता का आरोप
औराई। पुलिसिया कार्रवाई से पीड़ित संतारा देवी, ललिता देवी, मनोरमा सरोज, पूनम देवी, सावित्री देवी, बबीता देवी, सरिता देवी, बिंदु सरोज, बृजवासी सरोज, विनोद कुमार सरोज, सोहन पासवान, संदीप, जितेंद्र आदि का आरोप रहा कि पुलिस ने बर्बरता पूर्वक लाठियां बरसाईं। आखिरकार पीड़ित अपनी बात किस प्रकार से रखें कि उनको न्याय मिले। कहा कि फर्जी ढंग से मुकदमा दर्ज किया गया। चेतावनी दी गई कि शीघ्र ही फर्जी ढंग से फंसाए गए लोगों को नहीं छोड़ा गया तो वह डीजीपी, मुख्यमंत्री दरबार में पहुंच कर गुहार लगाएंगे।
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एक सप्ताह पहले थाना क्षेत्र के नरथुआ गांव में भदोही-औराई मार्ग उगापुर बाजार से सेब बेचकर आ रहे तीन लोग सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के लिए तीनों को सीएचसी ले जाने पर चिकित्सकों ने एक को उसी दिन मृत घोषित कर दो अन्य को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया था। दूसरे ही दिन ट्रामा सेंटर में भर्ती किशोर की भी मौत हो गई थी। जबकि एक अभी तक जीवन-मौत के बीच जूझ रहा है। घटना के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ ने टक्कर मारने वाली बोलेरो का नंबर बताया था और पुलिस भी नंबर ट्रेस कर वाहन एवं चालक की पहचान कर ली थी। बावजूद इसके न तो वाहन पकड़ा गया और न चालक।
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ऐसे में नाराज मृतक के परिजनों समेत अय लोगों ने सोमवार को पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम शुरू कर दिया। भीड़ में शामिल किसी के पुलिस पर पथराव करते ही मामला बिगड़ गया और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। भागते समय भीड़ ने कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए और पुलिस पर पथराव किया। एक ओर से पथराव और दूसरी ओर से लाठियां चलने से कई ग्रामीणों और पुलिस के जवानों को चोट भी लगी। मामला शांत होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। औराई कोतवाल एसएन मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों को समझाया जा रहा था कि बोलरो चालक के घर पुलिस दबिश दे रही है, लेकिन वह ताला बंद कर पूरे परिवार के साथ फरार हो चुका है। शीघ्र ही उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी फिर भी कोई नहीं माना।
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पुलिस पर बर्बरता का आरोप
औराई। पुलिसिया कार्रवाई से पीड़ित संतारा देवी, ललिता देवी, मनोरमा सरोज, पूनम देवी, सावित्री देवी, बबीता देवी, सरिता देवी, बिंदु सरोज, बृजवासी सरोज, विनोद कुमार सरोज, सोहन पासवान, संदीप, जितेंद्र आदि का आरोप रहा कि पुलिस ने बर्बरता पूर्वक लाठियां बरसाईं। आखिरकार पीड़ित अपनी बात किस प्रकार से रखें कि उनको न्याय मिले। कहा कि फर्जी ढंग से मुकदमा दर्ज किया गया। चेतावनी दी गई कि शीघ्र ही फर्जी ढंग से फंसाए गए लोगों को नहीं छोड़ा गया तो वह डीजीपी, मुख्यमंत्री दरबार में पहुंच कर गुहार लगाएंगे।