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भाजपा के पूर्व अध्यक्ष समेत तीन पर दर्ज होगा केस
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भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत तीन पर दर्ज होगा केस
जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल का आरोप, दलित महिला की शिकायत पर कोर्ट ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक समेत तीन लोगों के खिलाफ एससीएसटी का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। अकोढ़ा गांव की एक दलित महिला के 156 (3) के तहत दाखिल वाद पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
ऊंज थानाक्षेत्र के अकोढ़ा गांव निवासी शारदा देवी के मुुताबिक गत एक दिसंबर को सुबह नौ बजे उनके घर पूर्व अध्यक्ष और उनके दो बेटे निजी वाहन से आए। उन लोगों ने धान की फसल की कटाई का दबाव बनाया। कटाई करने से इंकार किया तो मुझे जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। उसके बाद घर में घुसकर मारपीट की गई। मेरी साड़ी खींचकर बेपर्दा कर दिया। इस घटना को तमाम लोगों ने देखा। जाते समय सभी लोगों ने जान से मारने की धमकी दी। मामले में ऊंज थाने की पुलिस और एसपी कार्यालय से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस ने सत्तापक्ष का मामला बताकर प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। 156 (3) के तहत दाखिल वाद में सुनवाई करते हुए एडीजे द्वितीय की अदालत ने थानाध्यक्ष ऊंज को पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक, उनके बेटों कमलेश पाठक और हितेश पाठक के खिलाफ एससीएसटी का मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। वहीं दूसरी ओर पूर्व जिलाध्यक्ष ने मामले को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि कुछ आपराधिक किस्म के लोगों को उन्होंने संरक्षण नहीं दिया। उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद से साजिश शुरू हो गई। सामाजिक जीवन में संघर्ष से पीछे नहीं हटूंगा। जिस महिला ने शिकायत की है, उसे आज तक देखा भी नहीं हूं।
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जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल का आरोप, दलित महिला की शिकायत पर कोर्ट ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक समेत तीन लोगों के खिलाफ एससीएसटी का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। अकोढ़ा गांव की एक दलित महिला के 156 (3) के तहत दाखिल वाद पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
ऊंज थानाक्षेत्र के अकोढ़ा गांव निवासी शारदा देवी के मुुताबिक गत एक दिसंबर को सुबह नौ बजे उनके घर पूर्व अध्यक्ष और उनके दो बेटे निजी वाहन से आए। उन लोगों ने धान की फसल की कटाई का दबाव बनाया। कटाई करने से इंकार किया तो मुझे जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। उसके बाद घर में घुसकर मारपीट की गई। मेरी साड़ी खींचकर बेपर्दा कर दिया। इस घटना को तमाम लोगों ने देखा। जाते समय सभी लोगों ने जान से मारने की धमकी दी। मामले में ऊंज थाने की पुलिस और एसपी कार्यालय से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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पुलिस ने सत्तापक्ष का मामला बताकर प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। 156 (3) के तहत दाखिल वाद में सुनवाई करते हुए एडीजे द्वितीय की अदालत ने थानाध्यक्ष ऊंज को पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक, उनके बेटों कमलेश पाठक और हितेश पाठक के खिलाफ एससीएसटी का मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। वहीं दूसरी ओर पूर्व जिलाध्यक्ष ने मामले को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि कुछ आपराधिक किस्म के लोगों को उन्होंने संरक्षण नहीं दिया। उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद से साजिश शुरू हो गई। सामाजिक जीवन में संघर्ष से पीछे नहीं हटूंगा। जिस महिला ने शिकायत की है, उसे आज तक देखा भी नहीं हूं।
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