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तालाब आवंटन में भ्रष्टाचार,कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
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भदोही के जोरई गांव निवासियों ने सोमवार को मत्स्य पालकों ने मछली तालाब आवंटन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। मत्स्य पालकों ने तालाब आवंटन में डीएम आर्यका अखौरी से भ्रष्टाचार रोकने की मांग की। मत्स्य पालक अमरनाथ सोनकर ने आरोप लगाया है कि महामारी में अनुसूचित जाति वर्ग को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं से जागरूक करना चाहती है। वहीं इसके आवंटन में धांधली की जा रही है।
प्रदर्शन करने वालों ने आरोप लगाया कि एक सप्ताह पूर्व ज्ञानपुर के सदर तहसील परिसर में तालाब आवंटन के लिए शिविर लगाकर 100 से अधिक आवेदकों का आवेदन लिया गया। गरीब परिवार से जुड़े आवेदकों के नाम तालाब का आवंटन न कर लेखपाल, मत्स्य निरीक्षक, राजस्व विभाग के रजिस्ट्रार, तहसीलदार भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर ऐसे लोगों के नाम तालाब का आवंटन किया जा रहा है जो पात्रता की श्रेणी में नहीं आते। यह सिलसिला सदर तहसील ही नहीं बल्कि औराई और भदोही तहसील में भी बना हुआ है। अमरनाथ सोनकर ने कहा कि वह लगभग 30 वर्ष से तीन बीघे से अधिक रकबे वाले तालाब में मत्स्य का पालन किए हैं और लगान भी जमा करता आ रहा है। भ्रष्टाचार को रोककर पात्रता की श्रेणी में आने वाले परिवारों के नाम तालाब आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो अनशन शुरू किया जाएगा।
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प्रदर्शन करने वालों ने आरोप लगाया कि एक सप्ताह पूर्व ज्ञानपुर के सदर तहसील परिसर में तालाब आवंटन के लिए शिविर लगाकर 100 से अधिक आवेदकों का आवेदन लिया गया। गरीब परिवार से जुड़े आवेदकों के नाम तालाब का आवंटन न कर लेखपाल, मत्स्य निरीक्षक, राजस्व विभाग के रजिस्ट्रार, तहसीलदार भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर ऐसे लोगों के नाम तालाब का आवंटन किया जा रहा है जो पात्रता की श्रेणी में नहीं आते। यह सिलसिला सदर तहसील ही नहीं बल्कि औराई और भदोही तहसील में भी बना हुआ है। अमरनाथ सोनकर ने कहा कि वह लगभग 30 वर्ष से तीन बीघे से अधिक रकबे वाले तालाब में मत्स्य का पालन किए हैं और लगान भी जमा करता आ रहा है। भ्रष्टाचार को रोककर पात्रता की श्रेणी में आने वाले परिवारों के नाम तालाब आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो अनशन शुरू किया जाएगा।
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