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Bhadohi News: उपभोक्ता आयोग ने क्षेत्रीय रोडवेज प्रबंधक को भेजा वसूली नोटिस
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ज्ञानपुर। राज्य उपभोक्ता आयोग से अपील स्टे खारिज होने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने रोडवेज निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को वसूली नोटिस जारी की है।
रोडवेज बस में बैठे यात्री से बदसुलूकी करने और गंतव्य पर देर से छोड़ने के लिए जिला उपभोक्ता आयोग ने अक्तूबर, 2007 में उपभोक्ता को 15 हजार रुपये देने का आदेश दिया था। अब अपील खारिज होने के बाद रोडवेज प्रबंधक को 10 फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से यह राशि देनी होगी। 2001 के मामले में अब पीड़ित को न्याय मिल सका।
जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि ज्ञानपुर के कुंवरगंज निवासी एड. डॉ. कृष्णावतार त्रिपाठी ''राही'' 26 जुलाई 2000 को रोडवेज की बस से इलाहाबाद से गोपीगंज आ रहे थे। डॉ. राही ने आरोप लगाया कि रोडवेज बस के चालक ने चकपरौना में राजपूत ढाबे के पास बस रोक दी और ढाबे में चले गए। इस पर डॉ. राही ने जब आपत्ति जताई तो चालक द्वारा नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया गया। बताया कि बस को गोपीगंज 11 बजे पहुंचना था, लेकिन बस 12.30 बजे पहुंची। जिससे उन्हें कोई गाड़ी नहीं मिली और वे बारिश के बीच भींगते हुए पैदल ही घर आए। जिससे वे बीमार पड़ गए। मामले में उन्होंने 2001 में जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। उपभोक्ता आयोग ने अपील स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि रोडवेज निगम उपभोक्ता को 15 हजार रुपये 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से देने होंगे। जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश के खिलाफ रोडवेज राज्य उपभोक्ता आयोग चला गया। जहां जुर्माने की आधी राशि जमा कर स्टे ले लिया। जहां अब रोडवेज निगम का स्टे अपील खारिज कर दिया गया है। अपील खारिज होने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने क्षेत्रीय रोडवेज प्रबंधक के खिलाफ वसूली नोटिस जारी की। रोडवेज निगम को 30 मार्च 2001 से देय तिथि तक 15 हजार रुपये वार्षिक ब्याज की दर से पीड़ित को भुगतान करना होगा।
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रोडवेज बस में बैठे यात्री से बदसुलूकी करने और गंतव्य पर देर से छोड़ने के लिए जिला उपभोक्ता आयोग ने अक्तूबर, 2007 में उपभोक्ता को 15 हजार रुपये देने का आदेश दिया था। अब अपील खारिज होने के बाद रोडवेज प्रबंधक को 10 फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से यह राशि देनी होगी। 2001 के मामले में अब पीड़ित को न्याय मिल सका।
जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि ज्ञानपुर के कुंवरगंज निवासी एड. डॉ. कृष्णावतार त्रिपाठी ''राही'' 26 जुलाई 2000 को रोडवेज की बस से इलाहाबाद से गोपीगंज आ रहे थे। डॉ. राही ने आरोप लगाया कि रोडवेज बस के चालक ने चकपरौना में राजपूत ढाबे के पास बस रोक दी और ढाबे में चले गए। इस पर डॉ. राही ने जब आपत्ति जताई तो चालक द्वारा नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया गया। बताया कि बस को गोपीगंज 11 बजे पहुंचना था, लेकिन बस 12.30 बजे पहुंची। जिससे उन्हें कोई गाड़ी नहीं मिली और वे बारिश के बीच भींगते हुए पैदल ही घर आए। जिससे वे बीमार पड़ गए। मामले में उन्होंने 2001 में जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। उपभोक्ता आयोग ने अपील स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि रोडवेज निगम उपभोक्ता को 15 हजार रुपये 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से देने होंगे। जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश के खिलाफ रोडवेज राज्य उपभोक्ता आयोग चला गया। जहां जुर्माने की आधी राशि जमा कर स्टे ले लिया। जहां अब रोडवेज निगम का स्टे अपील खारिज कर दिया गया है। अपील खारिज होने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने क्षेत्रीय रोडवेज प्रबंधक के खिलाफ वसूली नोटिस जारी की। रोडवेज निगम को 30 मार्च 2001 से देय तिथि तक 15 हजार रुपये वार्षिक ब्याज की दर से पीड़ित को भुगतान करना होगा।
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