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Bhadohi News: उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी पर लगाया 15 हजार जुर्माना
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ज्ञानपुर। उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी की ओर से उपभोक्ता को बीमा की सरेंडर वैल्यू अदा न करने पर 15 हजार का जुर्माना लगाया। साथ ही आदेश दिया कि उक्त राशि न देने पर मुकदमा दायर करने की तिथि 30 मई 2019 से वास्तविक अदायगी तक 12 प्रतिशत साधारण ब्याज सहित अदा करना पड़ेगा।
ज्ञानपुर प्रोफेसर कॉलोनी निवासी डॉ. विनय मिश्रा और उनकी पुत्री प्राकृति मिश्रा की ओर से 30 मई 2019 को वादी के अधिवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की ओर से एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी बेंगलुरु, एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी मंडलीय कार्यालय वाराणसी, एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी स्टेशन रोड भदोही और बैंक ऑफ़ बड़ौदा शाखा ज्ञानपुर को पक्षकार बनाते हुए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकयत दर्ज कराई थी। मुकदमा दर्ज कराते समय उनका कहना था कि उनके पिता स्वर्गीय लाल जी की ओर से अपने जीवन काल में एश्योर्ड लाइफ सिक्योर्ड इनकम इंश्योरेंस के तहत जनवरी 2016 में बीमा कराया था। प्रीमियम 21 हजार 223 रुपए अदा किया था। विपक्षी ने क्लेम का निस्तारण नहीं किया। जिससे बीमा कंपनी से तीन लाख रुपए दिलाने के लिए उपभोक्ता अदालत में मुकदमा दर्ज किया। उपभोक्ता आयोग पक्षों को नोटिस जारी किया जिसमें बैंक का बड़ौदा से कोई उपस्थित नहीं हुआ। जिस पर उनके विरुद्ध मामला एक पक्षीय चला। विपक्षी एक लगाय तीन की ओर से जवाबदेही दाखिल की गई। जवाबदेही में कहा गया कि इनके पिता ने जो प्रीमियम लिया था। उसका 21 हजार 230 वार्षिक था और पिता द्वारा केवल एक वर्ष का प्रीमियम अदा किया गया था। साथ ही कथन किया गया कि वाद का गलत तथ्यों पर आधारित है। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव सदस्य विजय बहादुर सिंह ने परिवादी का वाद आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए विपक्षी संख्या एक लगाए तीन को आदेश दिया कि वह निर्णय और आदेश के दो माह के अंदर परिवादी को सुरेंद्र मूल्य 4245 और इस धनराशि पर मुकदमा दायर करने की तिथि 30 मई 2019 से वास्तविक अदायगी तक 12 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज अदा करें। साथ ही परिवादी को हुई मानसिक पीड़ा की क्षति के लिए 10 हजार और मुकदमा खर्च के लिए पांच हजार अदा करें।
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ज्ञानपुर प्रोफेसर कॉलोनी निवासी डॉ. विनय मिश्रा और उनकी पुत्री प्राकृति मिश्रा की ओर से 30 मई 2019 को वादी के अधिवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की ओर से एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी बेंगलुरु, एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी मंडलीय कार्यालय वाराणसी, एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी स्टेशन रोड भदोही और बैंक ऑफ़ बड़ौदा शाखा ज्ञानपुर को पक्षकार बनाते हुए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकयत दर्ज कराई थी। मुकदमा दर्ज कराते समय उनका कहना था कि उनके पिता स्वर्गीय लाल जी की ओर से अपने जीवन काल में एश्योर्ड लाइफ सिक्योर्ड इनकम इंश्योरेंस के तहत जनवरी 2016 में बीमा कराया था। प्रीमियम 21 हजार 223 रुपए अदा किया था। विपक्षी ने क्लेम का निस्तारण नहीं किया। जिससे बीमा कंपनी से तीन लाख रुपए दिलाने के लिए उपभोक्ता अदालत में मुकदमा दर्ज किया। उपभोक्ता आयोग पक्षों को नोटिस जारी किया जिसमें बैंक का बड़ौदा से कोई उपस्थित नहीं हुआ। जिस पर उनके विरुद्ध मामला एक पक्षीय चला। विपक्षी एक लगाय तीन की ओर से जवाबदेही दाखिल की गई। जवाबदेही में कहा गया कि इनके पिता ने जो प्रीमियम लिया था। उसका 21 हजार 230 वार्षिक था और पिता द्वारा केवल एक वर्ष का प्रीमियम अदा किया गया था। साथ ही कथन किया गया कि वाद का गलत तथ्यों पर आधारित है। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव सदस्य विजय बहादुर सिंह ने परिवादी का वाद आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए विपक्षी संख्या एक लगाए तीन को आदेश दिया कि वह निर्णय और आदेश के दो माह के अंदर परिवादी को सुरेंद्र मूल्य 4245 और इस धनराशि पर मुकदमा दायर करने की तिथि 30 मई 2019 से वास्तविक अदायगी तक 12 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज अदा करें। साथ ही परिवादी को हुई मानसिक पीड़ा की क्षति के लिए 10 हजार और मुकदमा खर्च के लिए पांच हजार अदा करें।
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