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‘संवैधानिक सरकार आधुनिक जनतंत्र की कसौटी’
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औराई। केशव प्रसाद मिश्र राजकीय महिला महाविद्यालय में सोमवार को राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से ऑनलाइन व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। संविधान एवं संवैधानिक संस्था विषय पर आयोजित कार्यक्रम में प्रवक्ताओं ने अपनी राय रखी।
मुख्य वक्ता काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर राजनीतिक विज्ञान डॉ. विकास चंद्र ने कहा कि देश का शासन, संचालन कुछ नियमों के अधीन होता है। इसी को हम संविधान कहते हैं। जब एक सरकार संविधान के नियमों से संचालित होती है तो उसे संवैधानिक सरकार कहते हैं। डॉ. आकिफ तौफिक ने कहा कि संवैधानिक सरकार असलियत में आधुनिक जनतंत्र की कसौटी होती है। उन्होंने मुख्य संवैधानिक संस्थाओं, गैर संवैधानिक संस्थाओं और स्वायत्त संवैधानिक संस्थाओं की प्रासंगिकता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। विधायिका और कार्यपालिका के बीच संबंधों संग महत्व को स्पष्ट करते हुए संस्थाओं के प्रभाव के बारे में बताया।
प्राचार्य डॉ. वृजकिशोर त्रिपाठी ने संगठित लोकतंत्र की परिभाषा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश के लिए उसके संविधान का बहुत महत्व होता है। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना, उसकी मूल भावना और दर्शन को भी अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया। इस मौके पर रीना सिंह आदि रहीं।
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मुख्य वक्ता काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर राजनीतिक विज्ञान डॉ. विकास चंद्र ने कहा कि देश का शासन, संचालन कुछ नियमों के अधीन होता है। इसी को हम संविधान कहते हैं। जब एक सरकार संविधान के नियमों से संचालित होती है तो उसे संवैधानिक सरकार कहते हैं। डॉ. आकिफ तौफिक ने कहा कि संवैधानिक सरकार असलियत में आधुनिक जनतंत्र की कसौटी होती है। उन्होंने मुख्य संवैधानिक संस्थाओं, गैर संवैधानिक संस्थाओं और स्वायत्त संवैधानिक संस्थाओं की प्रासंगिकता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। विधायिका और कार्यपालिका के बीच संबंधों संग महत्व को स्पष्ट करते हुए संस्थाओं के प्रभाव के बारे में बताया।
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प्राचार्य डॉ. वृजकिशोर त्रिपाठी ने संगठित लोकतंत्र की परिभाषा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश के लिए उसके संविधान का बहुत महत्व होता है। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना, उसकी मूल भावना और दर्शन को भी अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया। इस मौके पर रीना सिंह आदि रहीं।
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