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गृहकलह से तंग आकर कर्मी ने दी जान
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Fri, 12 Aug 2016 01:25 AM IST
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मलेरिया निरीक्षक की मौत के बाद सीएमओ कार्यालय पर जुटी भीड़।
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गृह कलह से परेशान मलेरिया निरीक्षक ने बुधवार की रात सीएमओ कार्यालय स्थित आवास में फांसी लगाकर जान दे दी। आस-पास के लोगों ने दरवाजा देर से बंद रहने और उसमें लाइट न जलने पर आवाज देकर खुलवाना चाहा। रात करीब नौ बजे की घटना की जानकारी पाकर कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर दरवाजा तोड़वाया। तो अंदर कमरे में शव फंदे से लटकता मिला। परिवार के लोग काफी देर से उसे फोन कर रहे थे, फोन रिसीव न होने पर पिता और उसका बेटा भी पहुंच गए थे।
वाराणसी जिले के जंसा निवासी अवनीश कुमार दुबे (40) पुत्र उदय नारायण ने छह माह पूर्व सीएमओ कार्यालय स्थित मलेरिया विभाग में बतौर मलेरिया निरीक्षक ज्वाइन किया था। सीएमओ कार्यालय के पीछे बने आवास में रहता था। दो भाइयों में बड़ा था। परिवारीजनों के मुताबिक वह पारिवारिक विवाद से परेशान रहता था। उसके छोटे भाई की पत्नी ने चार माह पूर्व उसके खिलाफ रेप का मुकदमा दायर कर दिया था। इसमें उसे करीब 15 दिन तक जेल में रहना पड़ा था। इसके चलते वह मानसिक रूप से व्यथित रहता था। एक दो दिन में वह घर जाने वाला था। बुधवार को वह दोपहर बाद कमरे में जाने के बाद देर तक बाहर नहीं आया। चूंकि उस की दिनचर्या जानने वालों ने शाम तक अंदर से बदं दरवाजा नहीं खुलने पर उसको आवाज लगाई। इसके बाद कोतवाल को सूचना दिया। पुलिस ने रात करीब नौ बजे दरवाजा तोड़ कर शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम भेज दिया। सीओ श्यामशंकर पांडेय ने कहा कि शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वाराणसी जिले के जंसा निवासी अवनीश कुमार दुबे (40) पुत्र उदय नारायण ने छह माह पूर्व सीएमओ कार्यालय स्थित मलेरिया विभाग में बतौर मलेरिया निरीक्षक ज्वाइन किया था। सीएमओ कार्यालय के पीछे बने आवास में रहता था। दो भाइयों में बड़ा था। परिवारीजनों के मुताबिक वह पारिवारिक विवाद से परेशान रहता था। उसके छोटे भाई की पत्नी ने चार माह पूर्व उसके खिलाफ रेप का मुकदमा दायर कर दिया था। इसमें उसे करीब 15 दिन तक जेल में रहना पड़ा था। इसके चलते वह मानसिक रूप से व्यथित रहता था। एक दो दिन में वह घर जाने वाला था। बुधवार को वह दोपहर बाद कमरे में जाने के बाद देर तक बाहर नहीं आया। चूंकि उस की दिनचर्या जानने वालों ने शाम तक अंदर से बदं दरवाजा नहीं खुलने पर उसको आवाज लगाई। इसके बाद कोतवाल को सूचना दिया। पुलिस ने रात करीब नौ बजे दरवाजा तोड़ कर शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम भेज दिया। सीओ श्यामशंकर पांडेय ने कहा कि शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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