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चार दिन बाद भी एडीओ के खिलाफ दर्ज नहीं हुआ केस
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चार दिन बाद भी एडीओ के खिलाफ दर्ज नहीं हुआ केस
घोटालेबाज एडीओ को बचाने में जुटी थाने की पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। डीएम आर्यका अखौरी के निर्देश के बाद भी कोइरौना थाने की पुलिस 45 लाख की घपलेबाजी करने वाले सहायक विकास अधिकारी के खिलाफ चार दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसे लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं।
डीघ विकास खंड के निलंबित सचिव नितेश वर्मा के फंड ट्रांसफर आर्डर से 45.33 लाख रुपये का भुगतान सहायक विकास अधिकारी ने कर दिया। यही नहीं अपने खास फर्म को एक मुश्त 33 लाख का भुगतान भी कर दिया। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने जिला पंचायत राज अधिकरी को प्राथमिकी दर्ज कराने और रिकवरी का निर्देश दिया। एडीओ पंचायत को निलंबित करने की भी संस्तुति कर दी गई है। डीपीआरओ ने प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कोइरौना पुलिस को तहरीर भी भेज दी है लेकिन पुलिस ने मामले में पेच फंसा दिया है। करीब चार दिन पूर्व मिली तहरीर के बाद भी पुलिस मुकदमा दर्ज करने से कतरा रही है।
थानाध्यक्ष खुर्शीद अंसारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। जिसके कारण मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता। सीडीओ भानुप्रताप सिंह ने कहा कि गबन का मामला है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तो थानेदार की शिकायत की जाएगी। एडीओ के कार्यों की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है।
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घोटालेबाज एडीओ को बचाने में जुटी थाने की पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। डीएम आर्यका अखौरी के निर्देश के बाद भी कोइरौना थाने की पुलिस 45 लाख की घपलेबाजी करने वाले सहायक विकास अधिकारी के खिलाफ चार दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसे लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं।
डीघ विकास खंड के निलंबित सचिव नितेश वर्मा के फंड ट्रांसफर आर्डर से 45.33 लाख रुपये का भुगतान सहायक विकास अधिकारी ने कर दिया। यही नहीं अपने खास फर्म को एक मुश्त 33 लाख का भुगतान भी कर दिया। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने जिला पंचायत राज अधिकरी को प्राथमिकी दर्ज कराने और रिकवरी का निर्देश दिया। एडीओ पंचायत को निलंबित करने की भी संस्तुति कर दी गई है। डीपीआरओ ने प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कोइरौना पुलिस को तहरीर भी भेज दी है लेकिन पुलिस ने मामले में पेच फंसा दिया है। करीब चार दिन पूर्व मिली तहरीर के बाद भी पुलिस मुकदमा दर्ज करने से कतरा रही है।
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थानाध्यक्ष खुर्शीद अंसारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। जिसके कारण मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता। सीडीओ भानुप्रताप सिंह ने कहा कि गबन का मामला है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तो थानेदार की शिकायत की जाएगी। एडीओ के कार्यों की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है।
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