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Bhadohi News: संगीन धाराओं में दर्ज है मुकदमा, हो सकती है गिरफ्तारी
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ज्ञानपुर। भदोही के सपा विधायक जाहिद जमाल बेग के आवास पर नाबालिग के आत्महत्या करने और अगले दिन किशोरी बरामद होने के बाद मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीडब्ल्यूसी द्वारा मुकदमे की संस्तुति के बाद श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने विधायक और उनकी पत्नी सीमा बेग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। विधायक के खिलाफ दर्ज मुकदमे में विधायक और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
सीडब्ल्यूसी और श्रम विभाग के साथ जिला प्रोबेशन और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में विधायक आवास से बरामद हुई किशोरी को मजदूरी नहीं दी जाती थी। वहीं यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि मृतका नाजिया के साथ बरामद किशोरी को विधायक आवास में डांट फटकार के साथ कभी-कभी मार भी खानी पड़ती थी।
दो दिन पूर्व ही मृतका किशोरी ने बरामद हुई किशोरी को विधायक आवास छोड़कर भागने की बात कही थी, लेकिन उसने मना कर दिया था। इन सभी गंभीर प्रकरणों को देखते हुए सीडब्लयूसी ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी से मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति की थी। विधायक और उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में बंधुआ मजदूरी, बाल तस्करी जैसे अपराध की श्रेणी में आते हैं। संगीन धाराओं को देखते हुए विधायक व उनकी पत्नी पर गिरफ्तारी हो सकती है।
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मृतका नाजिया को मिलते थे केवल एक हजार रुपये मजदूरी
विधायक आवास में फंदे पर झूलकर आत्महत्या करने वाली किशोरी नाजिया को विधायक पर आवास पर मजदूरी के लिए केवल एक हजार रुपये प्रतिमाह मिलते थे। बीते नौ सालों से वह विधायक के आवास पर ही बर्तन मांजने समेत अन्य कार्य करती थी। नाजिया के पिता इमरान ने बताया कि नाजिया को एक हजार रुपये मासिक मिलता था। जिसको उसकी मां नूरजहां विधायक आवास से हर महीने लेकर जाती थी।
दर्ज मुकदमे की धाराएं और उसमें सजा का प्रावधान
बीएनएस 143 (4) - 10 साल से अधिक आजीवन कारावास
बीएनएस 143 (5) - 14 साल से अधिक आजीवन कारावास
किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 79 - पांच साल तक की सजा के साथ अर्थदंड
बंधित श्रम पद्धति उन्मूलन 1976 की धारा 4 - तीन साल तक की जेल व अर्थदंड
बंधित श्रम पद्धति उन्मूलन 1976 की धारा 16 - तीन साल तक की जेल व अर्थदंड
श्रम विभाग की ओर से मिली तहरीर पर विधायक और उनकी पत्नी पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर भी जांच चल रही है। कोई भी तथ्य न छूटे और किशोरी और उनके परिवार को न्याय मिल सके। इसका ध्यान रखा जा रहा है। - डॉ. मीनाक्षी कात्यायान, पुलिस अधीक्षक।
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सीडब्ल्यूसी और श्रम विभाग के साथ जिला प्रोबेशन और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में विधायक आवास से बरामद हुई किशोरी को मजदूरी नहीं दी जाती थी। वहीं यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि मृतका नाजिया के साथ बरामद किशोरी को विधायक आवास में डांट फटकार के साथ कभी-कभी मार भी खानी पड़ती थी।
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दो दिन पूर्व ही मृतका किशोरी ने बरामद हुई किशोरी को विधायक आवास छोड़कर भागने की बात कही थी, लेकिन उसने मना कर दिया था। इन सभी गंभीर प्रकरणों को देखते हुए सीडब्लयूसी ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी से मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति की थी। विधायक और उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में बंधुआ मजदूरी, बाल तस्करी जैसे अपराध की श्रेणी में आते हैं। संगीन धाराओं को देखते हुए विधायक व उनकी पत्नी पर गिरफ्तारी हो सकती है।
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मृतका नाजिया को मिलते थे केवल एक हजार रुपये मजदूरी
विधायक आवास में फंदे पर झूलकर आत्महत्या करने वाली किशोरी नाजिया को विधायक पर आवास पर मजदूरी के लिए केवल एक हजार रुपये प्रतिमाह मिलते थे। बीते नौ सालों से वह विधायक के आवास पर ही बर्तन मांजने समेत अन्य कार्य करती थी। नाजिया के पिता इमरान ने बताया कि नाजिया को एक हजार रुपये मासिक मिलता था। जिसको उसकी मां नूरजहां विधायक आवास से हर महीने लेकर जाती थी।
दर्ज मुकदमे की धाराएं और उसमें सजा का प्रावधान
बीएनएस 143 (4) - 10 साल से अधिक आजीवन कारावास
बीएनएस 143 (5) - 14 साल से अधिक आजीवन कारावास
किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 79 - पांच साल तक की सजा के साथ अर्थदंड
बंधित श्रम पद्धति उन्मूलन 1976 की धारा 4 - तीन साल तक की जेल व अर्थदंड
बंधित श्रम पद्धति उन्मूलन 1976 की धारा 16 - तीन साल तक की जेल व अर्थदंड
श्रम विभाग की ओर से मिली तहरीर पर विधायक और उनकी पत्नी पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर भी जांच चल रही है। कोई भी तथ्य न छूटे और किशोरी और उनके परिवार को न्याय मिल सके। इसका ध्यान रखा जा रहा है। - डॉ. मीनाक्षी कात्यायान, पुलिस अधीक्षक।