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कालीन नगरी के ‘वीर’ का डब्ल्यूडब्ल्यूई में जलवा
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डब्लूडब्लू ई खिलाड़ी रिंकू सिंह।
- फोटो : BHADOHI
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लंबे इंतजार के बाद आखिरकार रेस्लिंग के शौकीन लोगों की पसंद का गेम शुरू ही हो गया। उसमें कालीन नगरी भदोही जिले के वीर महान उर्फ रिंकू सिंह लोगों की खास पसंद बने हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूई रॉ में उन्होंने शानदार डेब्यू किया है। डेब्यू में उन्होंने रेस्लर रे मिस्टीरियो और उनके बेटे डोमिनिक मिस्टीरियो को जमकर पीटा है। इसकी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस सप्ताह उनका मुकाबला भी होना है।
33 वर्षीय वीर महान उर्फ रिंकू सिंह का नाम रेस्लिंग के क्षेत्र में बुलंदी पर है। दशक भर पहले विश्व स्तर पर बेसबाल खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले कालीन नगरी के रिंकू सिंह का फ्री स्टाइल कुश्ती की नामी अमेरिकी संस्था वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट (डब्ल्यूडब्ल्यूई) के साथ करार सप्ताह भर पहले हुए मुकाबले के दौरान रिंग में विदेशी रेस्लर (पहलवानों) को धूल चटाते नजर आ रहे हैं। उनके भाई बताते हैं कि इसी सप्ताह उनका मुकाबला है।
रिंकू के नाम पर बन चुकी है फिल्म
भदोही जिले के ज्ञानपुर तहसील क्षेत्र में होलपुर निवासी रिंकू सिंह पर फिल्म भी बल चुकी है। राष्ट्रीय भाला प्रतियोगिता के विजेता रिंकू को जब टेलीविजन शो द मिलियन डालर आर्म में भाग लेने का मौका मिला तो वह प्रतियोगिता को जीतकर ही दम लिए। उसके बाद उनका अमेरिका की नामी बेसबाल टीम से करार हो गया। रिंकू के जीवन संर्घष से प्रभावित होकर उन पर डिज्नी ने द मिलियन डॉलर आर्म नामक फिल्म भी बनाई थी। अब व डब्ल्यूडब्ल्यूई रिंग में जलवा बिखेर रहे हैं।
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मुफलिसी को मात देकर सात समंदर पार तक हासिल की उपलब्धि
ज्ञानपुर। 33 वर्षीय रिंकू सिंह वीर महान के नाम से फेमस हैं। उनके फेमस होने में उनकी मेहनत, लगन और त्याग है। कभी मुफलिसी की जिंदगी जीने वाला उनका परिवार आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। भदोही जिले के ज्ञानपुर तहसील क्षेत्र में स्थित होलपुर गांव में ब्रह्मदीन और अंतराजा देवी के घर जन्मे रिंकू सिंह के पिता कभी ट्रक चलाया करते थे। आज उनकी बुलंदी पर होने पर जब कोई रिंकू का नाम लेता है तो गर्व से उनका सीना चौड़ा हो जाता है।उन्होने कभी सामान्य जीवन जीया और आज अमेरिका में नाम कमा रहे हैं।
रिंग में सबकी निगाह रिंकू सिंह पर होती है
ज्ञानपुर। होलपुर निवासी रिंकू सिंह जब रिंग में होते हैं तो सबकी निगाह उन्हीं पर होती है। बीते वर्ष जिले में आए रिंकू सिंह ने अमर उजाला से बात की थी। उस समय उन्होने कहा था कि हम हिंदुस्तानी हैं, ऊपर से देसी राजपूत इसलिए मुकाबला किससे होगा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।’ बॉलीवुड वॉयस की टीम को रिंग में चित कर पूरी दुनिया की निगाहें अपनी ओर खींचने के बाद वह जिले में आए थे। उस समय उन्होने बाबा विश्वनाथ का भी दर्शन पूजन किया था।
कनाडा के पहलवारों को कर दिया चित्त
बात 2020 की है। छह फीट तीन इंच लंबाई वाले रिंकू सिंह और सौरव गुर्जर की इंडस शेर टीम ने कनाडा की ईवर राइज के दो पहलवानों को पटकनी दे दी। रिंकू की जबर्दस्त फाइट देखकर जिले के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। रिंकू ने दुबई में अप्रैल 2017 में डब्ल्यूडब्ल्यूई चयन प्रशिक्षण में भाग लिया था। उसके बाद वह खूब चर्चा बटोरे थे।
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33 वर्षीय वीर महान उर्फ रिंकू सिंह का नाम रेस्लिंग के क्षेत्र में बुलंदी पर है। दशक भर पहले विश्व स्तर पर बेसबाल खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले कालीन नगरी के रिंकू सिंह का फ्री स्टाइल कुश्ती की नामी अमेरिकी संस्था वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट (डब्ल्यूडब्ल्यूई) के साथ करार सप्ताह भर पहले हुए मुकाबले के दौरान रिंग में विदेशी रेस्लर (पहलवानों) को धूल चटाते नजर आ रहे हैं। उनके भाई बताते हैं कि इसी सप्ताह उनका मुकाबला है।
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रिंकू के नाम पर बन चुकी है फिल्म
भदोही जिले के ज्ञानपुर तहसील क्षेत्र में होलपुर निवासी रिंकू सिंह पर फिल्म भी बल चुकी है। राष्ट्रीय भाला प्रतियोगिता के विजेता रिंकू को जब टेलीविजन शो द मिलियन डालर आर्म में भाग लेने का मौका मिला तो वह प्रतियोगिता को जीतकर ही दम लिए। उसके बाद उनका अमेरिका की नामी बेसबाल टीम से करार हो गया। रिंकू के जीवन संर्घष से प्रभावित होकर उन पर डिज्नी ने द मिलियन डॉलर आर्म नामक फिल्म भी बनाई थी। अब व डब्ल्यूडब्ल्यूई रिंग में जलवा बिखेर रहे हैं।
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मुफलिसी को मात देकर सात समंदर पार तक हासिल की उपलब्धि
ज्ञानपुर। 33 वर्षीय रिंकू सिंह वीर महान के नाम से फेमस हैं। उनके फेमस होने में उनकी मेहनत, लगन और त्याग है। कभी मुफलिसी की जिंदगी जीने वाला उनका परिवार आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। भदोही जिले के ज्ञानपुर तहसील क्षेत्र में स्थित होलपुर गांव में ब्रह्मदीन और अंतराजा देवी के घर जन्मे रिंकू सिंह के पिता कभी ट्रक चलाया करते थे। आज उनकी बुलंदी पर होने पर जब कोई रिंकू का नाम लेता है तो गर्व से उनका सीना चौड़ा हो जाता है।उन्होने कभी सामान्य जीवन जीया और आज अमेरिका में नाम कमा रहे हैं।
रिंग में सबकी निगाह रिंकू सिंह पर होती है
ज्ञानपुर। होलपुर निवासी रिंकू सिंह जब रिंग में होते हैं तो सबकी निगाह उन्हीं पर होती है। बीते वर्ष जिले में आए रिंकू सिंह ने अमर उजाला से बात की थी। उस समय उन्होने कहा था कि हम हिंदुस्तानी हैं, ऊपर से देसी राजपूत इसलिए मुकाबला किससे होगा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।’ बॉलीवुड वॉयस की टीम को रिंग में चित कर पूरी दुनिया की निगाहें अपनी ओर खींचने के बाद वह जिले में आए थे। उस समय उन्होने बाबा विश्वनाथ का भी दर्शन पूजन किया था।
कनाडा के पहलवारों को कर दिया चित्त
बात 2020 की है। छह फीट तीन इंच लंबाई वाले रिंकू सिंह और सौरव गुर्जर की इंडस शेर टीम ने कनाडा की ईवर राइज के दो पहलवानों को पटकनी दे दी। रिंकू की जबर्दस्त फाइट देखकर जिले के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। रिंकू ने दुबई में अप्रैल 2017 में डब्ल्यूडब्ल्यूई चयन प्रशिक्षण में भाग लिया था। उसके बाद वह खूब चर्चा बटोरे थे।