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नववर्ष के उल्लास में डूबी कालीन नगरी
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नववर्ष के अवसर पर सीतामढ़ी में उमड़ी दर्शनार्थियों की भीड़।
- फोटो : BHADOHI
नववर्ष के उल्लास में डूबी कालीन नगरी
ज्ञानपुर/सीतामढ़ी। नव वर्ष के स्वागत का उल्लास शुक्रवार को कालीन नगरी वासियों के सिर चढ़कर बोला। खुशियों से भरे नए साल की कामना को लेकर गंगा स्नान, पूजा-पाठ से हुई दिन की शुरुआत घूमने-फिरने, मौजमस्ती और लिट्टी-चोखा एवं देर रात तक पार्टी चली। युवाओं ने दोस्तों संग बाहर घूमने-फिरने का कार्यक्रम बनाया। साल के पहले दिन पर्यटन स्थली सीतामढ़ी सैलानियों की भीड़ से गुलजार रही।
बृहस्पतिवार की रात ठीक 12 बजते ही हैप्पी न्यू ईयर की गूंज से जिले के नगर-मोहल्ले गूंज उठे। लोगों ने डीजे की धुन पर पार्टी करने के साथ ही नए साल का गर्मजोशी से स्वागत किया। तमाम लोगों ने विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंच कर नए साल का जश्न मनाया। शुक्रवार को सुबह होते ही नए साल की शुभकामनाएं देने का सिलसिला चल पड़ा। बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर वर्ष के पहले दिन श्रीहरि के चरणों में शीश नवाया। बच्चों ने माता-पिता और बड़ों से आशीर्वाद लेकर नए साल की शुरुआत की। दुकानों पर ग्रीटिंग कार्ड्स की खरीदारी के लिए युवाओं की भीड़ देखी गई। तमाम युवाओं ने साथियों को फूल और गुलदस्ता देकर हैप्पी न्यू ईयर कहा। यही नहीं फोन और सोशल मीडिया पर बधाई देने वालों की तादाद लाखों में थी। लोगों ने व्हाट्सएप, फेसबुक आदि के जरिए लोगों को नए साल की बधाई दी।
सीतामढ़ी: जिले की पर्यटन और धार्मिक स्थली नूतन वर्ष के प्रथम दिन जश्न में डूबी रही। पर्यटन स्थली के कोने कोने में सतरंगी छटा देखने को मिली। हजारों की संख्या में सैलानियों और श्रद्धालुओं के आगमन से पूरी सीतामढ़ी लोगों से खचाखच भर गई, जिससे लव कुश जन्मोत्सव मेले जैसा नजारा देखने को मिला। गंगा की रेती में बाटी चोखा की पार्टी कर नववर्ष का जश्न मनाया। महिलाओं और युवाओं की अत्यधिक भीड़ रही। रंग बिरंगी दुकानों पर आकर्षक परिधानों में सजे धजे सैलानियों ने डांस और गाने के साथ नव वर्ष का स्वागत किया। पुलिस प्रशासन ने नई मंदिर जाने वाले रोड का डायवर्जन कर महर्षि वाल्मीकि आश्रम की ओर मोड़ दिया। जिसके चलते भीड़ कंट्रोल हो पाई।
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थानाध्यक्ष कोइरौना खुर्शीद अंसारी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। महर्षि वाल्मीकि आश्रम गंगा, उड़िया बाबा आश्रम ,मौनी बाबा आश्रम सहित आसपास के बगीचे चार पहिया और दुपहिया वाहनों से खचाखच भरे रहे। अनुमान लगाया जा रहा है कि 10 हजार से अधिक दुपहिया और चार पहिया वाहनों से लोग पहुंचे। जिससे 50 हजार से अधिक सैलानी दर्शन-पूजन के लिए सीतामढ़ी आए। सीतामढ़ी। पर्यटन स्थली में भीड़ इतनी अधिक रही कि चारो ओर लोगों का हुजूम दिख रहा था। सीतामढ़ी मंदिर से पैगहा गेट तक लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क पर सुबह से शाम तक पूरी तरह जाम की स्थित रही। एक किलोमीटर के दायरे में खेतों और बगीचों में चार पहिया और दो पहिया वाहनो की पार्किंग की गई थी।
कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए कहीं कोई इंतजाम नही दिखा। कोरोना से बचाव और सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था तार-तार होती रही। सड़कों पर हजारों लोगों की भीड़ रही। लोग एक दूसरे से सट कर चलते रहे। यह भी देखने को मिला कि किसी को न कोरोना का डर दिखा और न किसी को कोई परवाह रही।
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ज्ञानपुर/सीतामढ़ी। नव वर्ष के स्वागत का उल्लास शुक्रवार को कालीन नगरी वासियों के सिर चढ़कर बोला। खुशियों से भरे नए साल की कामना को लेकर गंगा स्नान, पूजा-पाठ से हुई दिन की शुरुआत घूमने-फिरने, मौजमस्ती और लिट्टी-चोखा एवं देर रात तक पार्टी चली। युवाओं ने दोस्तों संग बाहर घूमने-फिरने का कार्यक्रम बनाया। साल के पहले दिन पर्यटन स्थली सीतामढ़ी सैलानियों की भीड़ से गुलजार रही।
बृहस्पतिवार की रात ठीक 12 बजते ही हैप्पी न्यू ईयर की गूंज से जिले के नगर-मोहल्ले गूंज उठे। लोगों ने डीजे की धुन पर पार्टी करने के साथ ही नए साल का गर्मजोशी से स्वागत किया। तमाम लोगों ने विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंच कर नए साल का जश्न मनाया। शुक्रवार को सुबह होते ही नए साल की शुभकामनाएं देने का सिलसिला चल पड़ा। बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर वर्ष के पहले दिन श्रीहरि के चरणों में शीश नवाया। बच्चों ने माता-पिता और बड़ों से आशीर्वाद लेकर नए साल की शुरुआत की। दुकानों पर ग्रीटिंग कार्ड्स की खरीदारी के लिए युवाओं की भीड़ देखी गई। तमाम युवाओं ने साथियों को फूल और गुलदस्ता देकर हैप्पी न्यू ईयर कहा। यही नहीं फोन और सोशल मीडिया पर बधाई देने वालों की तादाद लाखों में थी। लोगों ने व्हाट्सएप, फेसबुक आदि के जरिए लोगों को नए साल की बधाई दी।
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सीतामढ़ी: जिले की पर्यटन और धार्मिक स्थली नूतन वर्ष के प्रथम दिन जश्न में डूबी रही। पर्यटन स्थली के कोने कोने में सतरंगी छटा देखने को मिली। हजारों की संख्या में सैलानियों और श्रद्धालुओं के आगमन से पूरी सीतामढ़ी लोगों से खचाखच भर गई, जिससे लव कुश जन्मोत्सव मेले जैसा नजारा देखने को मिला। गंगा की रेती में बाटी चोखा की पार्टी कर नववर्ष का जश्न मनाया। महिलाओं और युवाओं की अत्यधिक भीड़ रही। रंग बिरंगी दुकानों पर आकर्षक परिधानों में सजे धजे सैलानियों ने डांस और गाने के साथ नव वर्ष का स्वागत किया। पुलिस प्रशासन ने नई मंदिर जाने वाले रोड का डायवर्जन कर महर्षि वाल्मीकि आश्रम की ओर मोड़ दिया। जिसके चलते भीड़ कंट्रोल हो पाई।
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थानाध्यक्ष कोइरौना खुर्शीद अंसारी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। महर्षि वाल्मीकि आश्रम गंगा, उड़िया बाबा आश्रम ,मौनी बाबा आश्रम सहित आसपास के बगीचे चार पहिया और दुपहिया वाहनों से खचाखच भरे रहे। अनुमान लगाया जा रहा है कि 10 हजार से अधिक दुपहिया और चार पहिया वाहनों से लोग पहुंचे। जिससे 50 हजार से अधिक सैलानी दर्शन-पूजन के लिए सीतामढ़ी आए। सीतामढ़ी। पर्यटन स्थली में भीड़ इतनी अधिक रही कि चारो ओर लोगों का हुजूम दिख रहा था। सीतामढ़ी मंदिर से पैगहा गेट तक लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क पर सुबह से शाम तक पूरी तरह जाम की स्थित रही। एक किलोमीटर के दायरे में खेतों और बगीचों में चार पहिया और दो पहिया वाहनो की पार्किंग की गई थी।
कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए कहीं कोई इंतजाम नही दिखा। कोरोना से बचाव और सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था तार-तार होती रही। सड़कों पर हजारों लोगों की भीड़ रही। लोग एक दूसरे से सट कर चलते रहे। यह भी देखने को मिला कि किसी को न कोरोना का डर दिखा और न किसी को कोई परवाह रही।