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ईंट भट्ठा संचालकों का टूटने लगा सब्र
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भदोही। लॉकडाऊन के शुरू हुए लगभग एक माह के बाद कालीन कारखाना संचालकों की तरह अब ईंट भट्ठा संचालकों का भी हाल बेहाल हो गया है। जनपद भर में फैले दर्जनों ईंट भट्ठों में सैकड़ों मजदूर फंसे हुए हैं, जिनमें कई अपने पूरे परिवार के साथ हैं। भट्ठा संचालकों का कहना है कि एक महीने से मजदूरों के भोजन पानी की जिम्मेदारी उठाने के बाद अब उनका धैर्य भी जवाब दे रहा है। यदि अब कुछ घंटों के लिए लॉकडाउन में छूट न मिलेगी तो उनके साथ साथ मजदूरों के सामने भी संकट खड़ा हो जाएगा।
ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष मिठाई लाल दूबे ने बताया कि सरकार और प्रशासन के दिशानिर्देशों में समानता नहीं है। सरकार कुछ ढील देने की बात कर ही है लेकिन जिला प्रशासन इस पर तनिक भी विचार करने के मूड में नहीं है। प्रथम लॉकडाउन में हम लोगों ने भट्ठों को बंद रख कर मजदूरों को किसी तरह खिलाया। लेकिन लॉकडाउन टू में 20 अप्रैल से ईंट भट्ठों के संचालन की अनुमति तो दी गई लेकिन हमारे पास कोयला है या नहीं यह भी देखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। कहा कि ना तो भट्ठों पर आने जाने के लिए कोई पास है ना ही ईंटे बेचने के लिए छूट। ऐसे में हम माल तैयार भी कर लें तो उसका क्या करेंगे?
अध्यक्ष ने बताया कि बुधवार को जिले के प्रभारी मंत्री से वीडियो कांफ्रेंसिंग से वार्ता की। जिसमें प्रभारी मंत्री से समस्याओं को विस्तार से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि आपकी समस्याएं वाजिब हैं। इस पर शीघ्र कोई योजना तैयार कर छूट दी जाएगी। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी से मिल कर कोई रास्ता निकालने के लिए भी कहा। हालांकि जब तक गरीबों, असहायों के लिए सहानुभूतिपूर्वक नहीं सोचा जाएगा तब तक समस्या का निदान नहीं होगा।
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ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष मिठाई लाल दूबे ने बताया कि सरकार और प्रशासन के दिशानिर्देशों में समानता नहीं है। सरकार कुछ ढील देने की बात कर ही है लेकिन जिला प्रशासन इस पर तनिक भी विचार करने के मूड में नहीं है। प्रथम लॉकडाउन में हम लोगों ने भट्ठों को बंद रख कर मजदूरों को किसी तरह खिलाया। लेकिन लॉकडाउन टू में 20 अप्रैल से ईंट भट्ठों के संचालन की अनुमति तो दी गई लेकिन हमारे पास कोयला है या नहीं यह भी देखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। कहा कि ना तो भट्ठों पर आने जाने के लिए कोई पास है ना ही ईंटे बेचने के लिए छूट। ऐसे में हम माल तैयार भी कर लें तो उसका क्या करेंगे?
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अध्यक्ष ने बताया कि बुधवार को जिले के प्रभारी मंत्री से वीडियो कांफ्रेंसिंग से वार्ता की। जिसमें प्रभारी मंत्री से समस्याओं को विस्तार से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि आपकी समस्याएं वाजिब हैं। इस पर शीघ्र कोई योजना तैयार कर छूट दी जाएगी। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी से मिल कर कोई रास्ता निकालने के लिए भी कहा। हालांकि जब तक गरीबों, असहायों के लिए सहानुभूतिपूर्वक नहीं सोचा जाएगा तब तक समस्या का निदान नहीं होगा।
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