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बीरघातिनी छाड़िसी सॉंगी तेज पुंज लक्षिमन उर...
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Sun, 23 Oct 2016 01:51 AM IST
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सुरियावां। आदर्श रामलीला समिति हरीपुर की ओर से चल रही रामलीला में शुक्रवार की रात अंगद-रावण संवाद और लक्ष्मण शक्ति का मंचन हुआ। हनुमान के लंका वापस लौटने के बाद प्रभु श्रीराम ने एक बार फिर अंगद को दूत बनाकर रावण को समझाने की कोशिश की, लेकिन उनका प्रयास नाकाम रहा। उसके बाद शुरू हुए युद्ध में मेघनाद और लक्ष्मण में महासंग्राम हुआ। लक्ष्मण को शक्ति लगने से रामदल में उदासी छा गई।
लंका दहन के बाद जब हनुमान प्रभु श्रीराम से पूरी बात बताते हैं तो राम की सेना लंका पर चढ़ाई कर देती है लेकिन प्रभु श्रीराम ने एक बार फिर रावण को समझाने का प्रयास किया। रावण के पास अंगद को दूत बनाकर भेजा। अंगद ने रावण को राम से युद्ध न करने के लिए बहुत समझाया लेकिन कोइ फायदा नहीं हुआ। अंगद का प्रयास विफल होने के बाद श्रीराम ने बंदरों की सहायता से लंका पर चढ़ाई कर दी। जिसमें मेघनाद और लक्ष्मण के बीच हुए युद्ध में लक्ष्मण मूर्छित हो गए। संजीवनी बूटी पिलाने पर लक्ष्मण मूर्छा से उठ गए। भरत और हनुमान की भूमिका में अमन दुबे और योगेश मिश्रा की भूमिका सराही गई, जबकि रावण की भूमिका प्रभुनाथ शुक्ल और अंगद बने अनिल शुक्ल के संवाद ने को भी सराहा गया । रामधनी दूब आदि रहे।
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लंका दहन के बाद जब हनुमान प्रभु श्रीराम से पूरी बात बताते हैं तो राम की सेना लंका पर चढ़ाई कर देती है लेकिन प्रभु श्रीराम ने एक बार फिर रावण को समझाने का प्रयास किया। रावण के पास अंगद को दूत बनाकर भेजा। अंगद ने रावण को राम से युद्ध न करने के लिए बहुत समझाया लेकिन कोइ फायदा नहीं हुआ। अंगद का प्रयास विफल होने के बाद श्रीराम ने बंदरों की सहायता से लंका पर चढ़ाई कर दी। जिसमें मेघनाद और लक्ष्मण के बीच हुए युद्ध में लक्ष्मण मूर्छित हो गए। संजीवनी बूटी पिलाने पर लक्ष्मण मूर्छा से उठ गए। भरत और हनुमान की भूमिका में अमन दुबे और योगेश मिश्रा की भूमिका सराही गई, जबकि रावण की भूमिका प्रभुनाथ शुक्ल और अंगद बने अनिल शुक्ल के संवाद ने को भी सराहा गया । रामधनी दूब आदि रहे।
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