फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Biofuel plant on shelf

14 साल से बंद है औराई चीनी मिल, बायोफ्यूल प्लांट ठंडे बस्ते में

Sun, 03 Oct 2021 12:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Oct 2021 12:12 AM IST
विज्ञापन
Biofuel plant on shelf
ज्ञानपुर। पूर्वांचल के गन्ना किसानों के जीवन में मिठास घोलने वाली औराई की काशी सहकारी चीनी मिल घाटे के कारण करीब 14 वर्ष पहले बंद हो गई। कभी सर्वाधिक चीनी उत्पादन कर गोल्ड मेडल हासिल करने वाली इस मिल के बंद होते ही गन्ना किसानों ने खेती करना भी छोड़ दिया। जिस भदोही जिले में करीब 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना की खेती होती थी अब वह 300 हेक्टेयर के करीब के रकबे पर आ गई है। वह भी कृषि विभाग के आंकड़े में नहीं है। इन्हीं सब वजहों को ध्यान में रखते हुए शासन ने दो साल पहले बंद चीनी मिल में बायो फ्यूल प्लांट लगाने की कार्यवाही शुरू की थी, लेकिन अब वह भी ठंडे बस्ते में है।
विज्ञापन

सत्तर के दशक में औराई में चीनी मिल लगायी गई थी। करीब 100 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में फैले इस मिल में उस समय 1260 क्विंटल गन्ने की पेराई होती थी। एक हजार बोरा चीनी उत्पादन होता था। 1991-92 में सर्वाधिक चीनी उत्पादन करने पर इस मिल को पुरस्कार भी मिला। बाद में समय बीतने के साथ परिस्थितियां भी बदलती गईं। वर्ष 2006-07 में पौने दो सौ करोड़ रुपये का घाटा दिखाकर मिल को बंद कर दिया गया। उसके बाद तमाम प्रयास हुए लेकिन मिल से पेराई नहीं चालू हो सकी। अब तो इसी परिसर में अस्थाई गोशाला भी खुल गया है। कई सामान इसमें से अन्य मिलों में जा चुके हैं। यहां बलिया, जौनपुर, मिर्जापुर आदि स्थानों से किसान गन्ना पेराई के लिए आते थे। उपकृषि निदेशक अरविंद सिंह बताते हैं कि जिले में अब गन्ना के किसान कम हैं। जो हैं भी वह अपने काम भर के लिए ही खेती करते हैं।
विज्ञापन

चीनी मिल के लिए बतायी गई 230 करोड़ की जरूरत
चीनी मिल संचालित कराने के लिए करीब दो सौ करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करने होंगे। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त के नेतृत्व में टीम का गठन किया था। उस टीम को निरीक्षण करके रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। टीम ने जो रिपोर्ट शासन को दी उसमें चीनी मिल को चालू करने के लिए 230 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई। इसमें कुछ धनराशि प्लांट में मशीन आदि लगाने व कुछ यहां को-जनरेशन आदि के लिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बायोफ्यूल प्लांट लगाने की शुरू हुई थी कवायद
बंद पड़े चीनी मिल को चालू करने के लिए वादे तो खूब हुए, लेकिन 2018 में जब सूबे के मुख्यमंत्री योगीआदित्य नाथ यहां आए तो उन्होंने मिल चालू होने की संभावनाओं को नकार दिया। साथ ही यहां बायोफ्यूल प्लांट लगाने की संभावना जताई थी। उसके बाद ही कवायद शुरू हुई। अधिकारियों ने निरीक्षण करके प्रस्ताव भी बनाया और जिले स्तर से शासन स्तर को भेज दिया गया। प्रस्ताव गए करीब छह माह से ज्यादा समय बीत गया, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। बायोफ्यूल प्लांट लगेगा तो रोजगार भी बढ़ेगा।

बंद पड़ी औराई चीनी मिल में बायोफ्यूल प्लांट लगाने को लेकर जिले स्तर से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। शासन स्तर से ही नीतिगत फैसला लिया जाना है। वहां से जो निर्देश प्राप्त होगा उसी के अनुसार आगे कार्य किया जाएगा।
- आर्यका अखौरी, जिलाधिकारी-भदोही
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed