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ग्राम्यांचलों में डाला छठ की रही धूम
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ज्ञानपुर। डाला छठ का उत्साह ग्राम्यांचलों में भी खूब रहा। अमूमन वीरान रहने वाले गंगा-वरुणा के घाटों पर लोगों ने भोर में ही पहुंच कर चहल-पहल बढ़ा दी और सूर्योदय के अवसर पर जल अर्पित किया। इस दौरान जमकर जयकारे लगे और महिलाओं ने देवी गीत गाए।
गोपीगंज: रामपुर गंगा घाट पर अर्घ्य के बाद व्रतियों ने हवन किया। फिर गंगा में दीपदान कर अदरक-गुड़ खाकर व्रत का पारण किया। इसके बाद घर में अरवा चावल का भात, कढ़ी, चने की दाल, सब्जी, बजका आदि का आहार ग्रहण किया। रामपुर घाट, डेरवा सहित अन्य गंगा घाटों और सरोवरों पर छठी देवी के गीत बज रहे थे। रामपुर घाट पर आधी रात के बाद से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। भक्त ढोल ताशे की धुन पर नृत्य करते हुए घाटों की ओर जा रहे थे। कौलापुर: बेरासपुर में उत्तरवाहिनी गंगा तट पर उदित होते भगवान भाष्कर को अर्घ्य दिया गया। यहां काफी दूर-दूर से छठ की पूजा करने वाली श्रद्धालु महिलाएं पहुंची थीं। घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी थी, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं दिखा। घाट पर एक सिपाही भी तैनात नहीं किए गए थे। सुरियावां: बहुता हरिहरपुर स्थित वरुणा नदी के घाट पर छठ का अर्घ्य देने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में महिलाएं अपने शरीर से मार्ग को नापते हुए घाटों तक पहुंचीं और फिर अर्घ्य दिया। बाजे-गाजे के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं के परिवार वालों ने भी पूजा में पूरा सहयोग किया। बलीपुर की लीना सिंह ने बताया कि वह एक दशक से छठ व्रत कर रहीं हैं। 10 से 12 वर्ष के दो किशोरों ने भी छठ का व्रत रखा था। अंत में व्रतियों ने हवन किया। इस मौके पर पारसनाथ सिंह, कैलाश नाथ सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह, कमलेश सिंह, अनिल सिंह, प्रमोद सिंह, उर्मिला सिंह, मीरा सिंह, राधा सिंह, केशव आदि मौजूद रहे। सीतामढ़ी: पौराणिक स्थली सीतामढ़ी का गंगा तट रविवार को धर्म और आस्था के रंग में सराबोर नजर आया। व्रती श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को आस्था और श्रद्धा का अर्घ्य दिया। धार्मिक स्थली में महर्षि वाल्मीकि आश्रम के पावन गंगा तट पर रविवार को सुबह से श्रद्धालुओं और व्रती महिलाओं का आगमन होने लगा। पूरा गंगा तट श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। इस मौके पर गंगा मैया के जयकारे के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर निर्मल जल में घंटों खड़े होकर भगवान सूर्य नारायण की प्रतीक्षा की। गंगा घाट पर विहंगम दृश्य देखने को मिला। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और उनके साथ आए परिजनों ने भक्तिभाव पूर्वक पूजन के बाद प्रसाद वितरण किया। गंगा तट पर कोइरौना पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी थी। चौकी इंचार्ज सीतामढ़ी अरुण कुमार मिश्रा, दरोगा हरीश सिंह, राजकुमार शुक्ला, केपी सिंह सहित महिला कांस्टेबल सुरक्षा में लगे रहे।
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गोपीगंज: रामपुर गंगा घाट पर अर्घ्य के बाद व्रतियों ने हवन किया। फिर गंगा में दीपदान कर अदरक-गुड़ खाकर व्रत का पारण किया। इसके बाद घर में अरवा चावल का भात, कढ़ी, चने की दाल, सब्जी, बजका आदि का आहार ग्रहण किया। रामपुर घाट, डेरवा सहित अन्य गंगा घाटों और सरोवरों पर छठी देवी के गीत बज रहे थे। रामपुर घाट पर आधी रात के बाद से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। भक्त ढोल ताशे की धुन पर नृत्य करते हुए घाटों की ओर जा रहे थे। कौलापुर: बेरासपुर में उत्तरवाहिनी गंगा तट पर उदित होते भगवान भाष्कर को अर्घ्य दिया गया। यहां काफी दूर-दूर से छठ की पूजा करने वाली श्रद्धालु महिलाएं पहुंची थीं। घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी थी, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं दिखा। घाट पर एक सिपाही भी तैनात नहीं किए गए थे। सुरियावां: बहुता हरिहरपुर स्थित वरुणा नदी के घाट पर छठ का अर्घ्य देने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में महिलाएं अपने शरीर से मार्ग को नापते हुए घाटों तक पहुंचीं और फिर अर्घ्य दिया। बाजे-गाजे के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं के परिवार वालों ने भी पूजा में पूरा सहयोग किया। बलीपुर की लीना सिंह ने बताया कि वह एक दशक से छठ व्रत कर रहीं हैं। 10 से 12 वर्ष के दो किशोरों ने भी छठ का व्रत रखा था। अंत में व्रतियों ने हवन किया। इस मौके पर पारसनाथ सिंह, कैलाश नाथ सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह, कमलेश सिंह, अनिल सिंह, प्रमोद सिंह, उर्मिला सिंह, मीरा सिंह, राधा सिंह, केशव आदि मौजूद रहे। सीतामढ़ी: पौराणिक स्थली सीतामढ़ी का गंगा तट रविवार को धर्म और आस्था के रंग में सराबोर नजर आया। व्रती श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को आस्था और श्रद्धा का अर्घ्य दिया। धार्मिक स्थली में महर्षि वाल्मीकि आश्रम के पावन गंगा तट पर रविवार को सुबह से श्रद्धालुओं और व्रती महिलाओं का आगमन होने लगा। पूरा गंगा तट श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। इस मौके पर गंगा मैया के जयकारे के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर निर्मल जल में घंटों खड़े होकर भगवान सूर्य नारायण की प्रतीक्षा की। गंगा घाट पर विहंगम दृश्य देखने को मिला। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और उनके साथ आए परिजनों ने भक्तिभाव पूर्वक पूजन के बाद प्रसाद वितरण किया। गंगा तट पर कोइरौना पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी थी। चौकी इंचार्ज सीतामढ़ी अरुण कुमार मिश्रा, दरोगा हरीश सिंह, राजकुमार शुक्ला, केपी सिंह सहित महिला कांस्टेबल सुरक्षा में लगे रहे।
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