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अस्पतालों में धूल फांक रही लाखों की मशीने
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ज्ञानपुर/सुरियावां। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने की मुहिम जिले में बेपटरी हो चुकी है। सरकारी अस्पतालों में आई लाखों की आधुनिक मशीनें धूल फांक रही है। विशेषज्ञों की कमी से अल्ट्रासाउंड, एक्सरे समेत अन्य मशीनें दो-तीन साल से अस्पतालों की शोभा बढ़ा रहे हैं। अफसरों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से आम लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। जिससे वह मनमानी पैसे खर्च कर निजी पैथॉलाजी पर जाकर जांच कराने को मजबूर है।
जिले की 16 लाख की आबादी को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा के लिए महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय और महाराजा बलवंत सिंह अस्पताल संग पांच सीएचसी और 15 पीएचसी संचालित है। स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को नि:शुल्क दवाओं के साथ जरूरी जांच के लिए एक्सरे, अल्ट्रासाउंड मशीन समेत कई आधुनिक मशीने खरीदी गई, जिन पर सरकार का करीब 70 लाख से एक करोड़ तक खर्च हुए। आधुनिक मशीने तो आ गई लेकिन विशेषज्ञों की कमी से उक्त मशीनों से जरूरतमंदो की जांच आज तक नहीं हो सकी। सुरियावां सीएचसी में वर्ष 2015 में एक्सरे मशीन आई। विशेषज्ञ की नियुक्ति भी कर दी गई लेकिन ड्यूटी अन्यत्र लगाने से एक्सरे मशीन आज तक चालू नहीं हो सकी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आर बी पाठक की माने तो एक्सरे मशीन रखी हुई है लेकिन कंपनी ने उसे आज तक चालू नहीं किया। सीएचसी गोपीगंज, औराई, डीघ और भदोही के एक्सरे मशीनों की कमोबेश यही स्थिति है। जिला अस्पताल ज्ञानपुर और एमीबएस भदोही में तीन साल पूर्व अल्ट्रासाइंड मशीने लगीं लेकिन वह भी विशेषज्ञ की कमी से वह नहीं चल सकी। 15 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो में 10 की स्थिति दयनीय है। इसमें लंबे समय से चिकित्सक, फार्मासिस्ट , लैब तकनीशियन और रेडियोग्राफर का पद रिक्त पड़ा है। कसियापुर, करियावं समेत अन्य केंद्र एक-दो कर्मचारियों के भरोसे ही संचालित है।
ओपीडी में आते हैं चार हजार मरीज
ज्ञानपुर। महाराजा चेतिसिंह जिला अस्पताल के विभिन्न विभागों में रोजाना 700 से 900 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इसमें से कई मरीजों की जांच कराई जाती है। जिला अस्पताल का एक्सरे तो कभी कभार चलता है लेकिन अल्ट्रासाउंड नहीं चलता। जिससे आने वाले मरीजों को प्राइवेट पैथॉलाजी सेंटरों पर भेजा जाता है। सभी सीएचसी और पीएचसी में प्रतिदिन औसतन चार हजार मरीज पहुंचते है।
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तालमेल से मरीज की जेब होती है हल्की
ज्ञानपुर। जिला अस्पताल और सीएचसी में तैनात कुछ अधीक्षक और फार्मासिस्ट का प्राइवेट पैथालाजी चलाने वालों से तालमेल रहता है। जिससे वह आधुनिक मशीने संचालित कराने का प्रयास भी नहीं करते। प्रतिदन के हिसाब से स्वाथ्य विभाग का कमीशन तय होने से मरीजों को संबंधित सेंटरो पर भेजा जाता है।
विशेषज्ञों की कमी से एक्सरे, अल्ट्रसाउंड की मशीनें संचालित नहीं हो पा रही है। सुरियावां में संबंधित कंपनी की ओर से एक्सरे मशीन चालू नहीं की गई। उक्त कंपनी के खिलाफ शासन को पत्र लिखा गया है।
डॉ. लक्ष्मी सिंह, सीएमओ भदोही
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जिले की 16 लाख की आबादी को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा के लिए महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय और महाराजा बलवंत सिंह अस्पताल संग पांच सीएचसी और 15 पीएचसी संचालित है। स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को नि:शुल्क दवाओं के साथ जरूरी जांच के लिए एक्सरे, अल्ट्रासाउंड मशीन समेत कई आधुनिक मशीने खरीदी गई, जिन पर सरकार का करीब 70 लाख से एक करोड़ तक खर्च हुए। आधुनिक मशीने तो आ गई लेकिन विशेषज्ञों की कमी से उक्त मशीनों से जरूरतमंदो की जांच आज तक नहीं हो सकी। सुरियावां सीएचसी में वर्ष 2015 में एक्सरे मशीन आई। विशेषज्ञ की नियुक्ति भी कर दी गई लेकिन ड्यूटी अन्यत्र लगाने से एक्सरे मशीन आज तक चालू नहीं हो सकी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आर बी पाठक की माने तो एक्सरे मशीन रखी हुई है लेकिन कंपनी ने उसे आज तक चालू नहीं किया। सीएचसी गोपीगंज, औराई, डीघ और भदोही के एक्सरे मशीनों की कमोबेश यही स्थिति है। जिला अस्पताल ज्ञानपुर और एमीबएस भदोही में तीन साल पूर्व अल्ट्रासाइंड मशीने लगीं लेकिन वह भी विशेषज्ञ की कमी से वह नहीं चल सकी। 15 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो में 10 की स्थिति दयनीय है। इसमें लंबे समय से चिकित्सक, फार्मासिस्ट , लैब तकनीशियन और रेडियोग्राफर का पद रिक्त पड़ा है। कसियापुर, करियावं समेत अन्य केंद्र एक-दो कर्मचारियों के भरोसे ही संचालित है।
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ओपीडी में आते हैं चार हजार मरीज
ज्ञानपुर। महाराजा चेतिसिंह जिला अस्पताल के विभिन्न विभागों में रोजाना 700 से 900 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इसमें से कई मरीजों की जांच कराई जाती है। जिला अस्पताल का एक्सरे तो कभी कभार चलता है लेकिन अल्ट्रासाउंड नहीं चलता। जिससे आने वाले मरीजों को प्राइवेट पैथॉलाजी सेंटरों पर भेजा जाता है। सभी सीएचसी और पीएचसी में प्रतिदिन औसतन चार हजार मरीज पहुंचते है।
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तालमेल से मरीज की जेब होती है हल्की
ज्ञानपुर। जिला अस्पताल और सीएचसी में तैनात कुछ अधीक्षक और फार्मासिस्ट का प्राइवेट पैथालाजी चलाने वालों से तालमेल रहता है। जिससे वह आधुनिक मशीने संचालित कराने का प्रयास भी नहीं करते। प्रतिदन के हिसाब से स्वाथ्य विभाग का कमीशन तय होने से मरीजों को संबंधित सेंटरो पर भेजा जाता है।
विशेषज्ञों की कमी से एक्सरे, अल्ट्रसाउंड की मशीनें संचालित नहीं हो पा रही है। सुरियावां में संबंधित कंपनी की ओर से एक्सरे मशीन चालू नहीं की गई। उक्त कंपनी के खिलाफ शासन को पत्र लिखा गया है।
डॉ. लक्ष्मी सिंह, सीएमओ भदोही