फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Barking like a dog is not a common symptom of rabies; a surveillance team will conduct an investigation.

Bhadohi News: कुत्ते की तरह भौंकना रेबीज का सामान्य लक्षण नहीं, सर्विलांस टीम करेगी करेेगी जांच

Fri, 28 Aug 2026 01:50 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 01:50 AM IST
विज्ञापन
Barking like a dog is not a common symptom of rabies; a surveillance team will conduct an investigation.
कुत्ते के काटने के बाद किशोर का कुत्ते की तरह भौंकना और महीनों बाद रेबीज का इंजेक्शन लगने से ठीक हो जाने के मामले की सीएमओ कार्यालय की सर्विलांस टीम जांच करेगी। डॉक्टर के मुताबिक रेबीज संक्रमण होने के बाद कोई आज तक कोई नहीं बचा है। जिस छात्र को कुत्ता काटने के महीनों बाद रेबीज का इंजेक्शन लगने से स्वस्थ्य होने का दावा किया जा रहा है। उसके शुरुआती लक्षण को देखते हुए पूर्ण रुप से विश्वास नहीं है कि वह कैसे ठीक हुआ है। डॉक्टर के मुताबिक कुत्ते की तरह भौंकना रेबीज संक्रमण का सामान्य लक्षण नहीं है। हाइड्रोफोबिया में पानी पीने या निकालने में परेशानी ऐंठन बेचैनी उत्तेजना हो सकती है पर कोई कुत्ते की तरह भौंक नहीं सकता। हो सकता है छात्र ने साइकोलॉजिकल समस्या के चलते ऐसा किया हो।
विज्ञापन

कछवां के जाेगीपुर वार्ड निवासी भाईलाल का 17 वर्षीय बेटा करन आठ दिसंबर को मामा के निधन पर हरहुआ वाराणसी ननिहाल गया था। पिता के अनुसार वहां पर 20 दिसंबर 2025 को तेरहवीं पर उसे कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद वह घर आया 13 मार्च 2026 को तबीयत खराब हुआ। अचानक वह कुत्ते की तरह भौंकने लगा। जिसके बाद उसे उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल लाया गया। वहां से उसे बीएचयू भेजा गया। वहां डॉक्टर ने घर ले जाने के लिए कहा। ननिहाल वाराणसी के हरहुआ लेकर गए। वहां पर सीएचसी में इलाज कराए। डॉक्टर ने उसे रेबीज के डोज लगाए। इसके बाद करन अब स्वस्थ हो गया है। सर्विलांस टीम के नोडल एसीएमओ डाॅ. मुकेश कुमार ने बताया कि जब छात्र के कुत्ते की तरह भौंकने का मामला सामने आया था तो जांच पड़ताल की गई था। उस समय परिजनों ने बताया था कि सीएचसी कछवां पर रेबीज का एक डोज लगवाया गया। उसके बाद डोज नहीं लगवाए थे। इसकी जांच करने पर पता चला था कि वहां रेबीज कोई डोज उसे नहीं लगा था। अब उस घटना के चार माह बाद बताया जा रहा है कि सीएचसी हरहुआ में रेबीज का डोज लगने से वह ठीक हो गया है तो यह पूरी घटना जांच का विषय है। रेबीज संक्रमण होने पर कुत्ते की तरह भौंकना यह रेबीज का सामान्य लक्षण नहीं है। हो सकता है छात्र को रेबीज के बारे में जानकारी न हो। इसलिए वह मनोवैज्ञानिक कारणों से ऐसा कर सकता है। यह सब जांच का विषय है। मिर्जापुर सर्विलांस टीम नए सिरे से पूरे मामले की जांच करेगी कि उसे कुत्ते ने कब काटा, कहां-कहां और कब रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। एंटी बाडी व अन्य जरुरी जांच कराई जाएगी। जिससे इसका पता चल सकेगा।
विज्ञापन




रेबीज के ये हैं लक्षण
जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डाॅ. अरुण वर्मा ने बताया कि रेबीज के गंभीर चरण में व्यक्ति के व्यवहार और आवाज में असामान्य बदलाव हो सकता है। कुत्ते की तरह भौंकना रेबीज का सामान्य लक्षण नहीं है। रेबीज में आम तौर पर पानी पीने या निगलने में तेज परेशानी, ऐंठन हाइड्रोफोबिया के लक्षण है। हवा या पानी देखकर घबराहट और गले की मांसपेशियों में ऐंठन बेचैनी, उत्तेजना और भ्रम होना। आवाज में बदलाव, चीखना या असामान्य आवाजें, बाद में लकवा और बेहोशी भी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed