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150 ग्राम पंचायतों के भुगतान पर लगी रोक
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ज्ञानपुर। पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय का तय समय पर निर्माण पूर्ण न कराना 150 ग्राम प्रधानों के लिए भारी पड़ने लगा है। डीपीआरओ ने ऐसी सभी ग्राम पंचायतों के राज्य वित्त और 15वें वित्त से होने वाले विकास कार्यों के भुगतान पर रोक लगा दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों काम पूर्ण होने पर ही सभी भुगतान होंगे। मनरेगा से होने वाले कार्यों का भुगतान पूर्व की तरह होता रहेगा।
आय, जाति सहित अन्य कागजातों के लिए ग्रामीणों को भागदौड़ न करना पड़े इसके लिए हर गांव में पंचायत भवन बन रहे हैं। जबकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 546 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय के साथ पंचायत भवन का निर्माण हो रहा है। इस पर भारी भरकम मोटी रकम भी खर्च हो रही है, 70 फीसदी से अधिक गावों में पंचायत भवन पूर्ण होने के बाद संचालित भी होने लगे हैं, जबकि 150 ग्राम पंचायतों में या तो पंचायत भवन अपूर्ण हैं या तो बनने के बाद खामियों के कारण वहां कामकाज नहीं हो पा रहा है। कमोबेश यही हाल सामुदायिक शौचालयों का भी है। बाहर से सामुदायिक शौचालय चमाचम हो चुके हैं जबकि अंदर न तो पानी की व्यवस्था है न तो शौचालय पर बैठने की सुविधा है। शासन के 100 दिन की कार्ययोजना में शामिल होने के बाद भी प्रधान और सचिव लापरवाह बने हुए हैं। जिसको संज्ञान में लेते हुए डीपीआरओ राकेश कुमार यादव ने ऐसी 150 ग्राम पंचायतों में मनरेगा को छोड़कर राज्य और 15वें वित्त से होने वाले सभी कार्यों के भुगतान पर रोक लगा दिया है। उन्होंने बताया कि जब तक महत्वपूर्ण दोनों काम पूर्ण नहीं होंगे भुगतान नहीं किया जाएगा।
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आय, जाति सहित अन्य कागजातों के लिए ग्रामीणों को भागदौड़ न करना पड़े इसके लिए हर गांव में पंचायत भवन बन रहे हैं। जबकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 546 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय के साथ पंचायत भवन का निर्माण हो रहा है। इस पर भारी भरकम मोटी रकम भी खर्च हो रही है, 70 फीसदी से अधिक गावों में पंचायत भवन पूर्ण होने के बाद संचालित भी होने लगे हैं, जबकि 150 ग्राम पंचायतों में या तो पंचायत भवन अपूर्ण हैं या तो बनने के बाद खामियों के कारण वहां कामकाज नहीं हो पा रहा है। कमोबेश यही हाल सामुदायिक शौचालयों का भी है। बाहर से सामुदायिक शौचालय चमाचम हो चुके हैं जबकि अंदर न तो पानी की व्यवस्था है न तो शौचालय पर बैठने की सुविधा है। शासन के 100 दिन की कार्ययोजना में शामिल होने के बाद भी प्रधान और सचिव लापरवाह बने हुए हैं। जिसको संज्ञान में लेते हुए डीपीआरओ राकेश कुमार यादव ने ऐसी 150 ग्राम पंचायतों में मनरेगा को छोड़कर राज्य और 15वें वित्त से होने वाले सभी कार्यों के भुगतान पर रोक लगा दिया है। उन्होंने बताया कि जब तक महत्वपूर्ण दोनों काम पूर्ण नहीं होंगे भुगतान नहीं किया जाएगा।
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