{"_id":"6a2b10a12ee67495ed0f8a58","slug":"bad-parks-dilapidated-drains-and-filth-have-become-the-identity-of-beeda-colonies-bhadohi-news-c-191-1-gyn1003-144332-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: बदहाल पार्क, जर्जर नालियां, गंदगी बनी बीडा कॉलोनियों की पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: बदहाल पार्क, जर्जर नालियां, गंदगी बनी बीडा कॉलोनियों की पहचान
विज्ञापन
जमुनीपुर कॉलोनी में बदहाल पार्क और टूटी नालियां। संवाद
- फोटो : 1
नईबाजार। भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) की बसाई कॉलोनियां बदहाल हैं। ध्वस्त नालियां, क्षतिग्रस्त सड़कें, बदहाल पार्क और गंदगी इनकी पहचान बन चुकी हैं। इससे यहां के रहवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक साल पहले तक बीडा सफाई व्यवस्था का कार्य देखता था।
अब नगर पालिका के जिम्मे यह काम आने के बाद स्थिति और खराब हो गई है। सर्विस टैक्स के नाम पर रहवासियों से शुल्क तो लिया जाता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर व्यवस्थाएं शून्य हैं। बीडा काॅलोनियों की बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में यह स्थिति सामने आई। भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने करीब दो से ढाई दशक पहले भदोही परिक्षेत्र में जमुनीपुर, रजपुरा फेज-1, फेज-2 और फेज-3 कॉलोनियां विकसित की थीं। औसतन प्रत्येक कॉलोनी में करीब 5000 से 6000 लोग रहते हैं। कॉलोनियों के रहवासियों की सुविधाओं का ध्यान रखना बीडा का उत्तरदायित्व है। इसके लिए बीडा की ओर से रहवासियों से सर्विस टैक्स भी लिया जाता था।
इसके बावजूद इन कॉलोनियों में टूटी नालियां, जाम चेंबर, बदहाल पार्क, गंदगी के ढेर और सफाई व्यवस्था की खामियां व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को दर्शाती हैं।
विज्ञापन
दो साल पहले सफाई व्यवस्था नगर पालिका को हैंडओवर बीडा कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। बीडा परिक्षेत्र होने के कारण नगर पालिका कर्मी वहां साफ-सफाई के लिए नहीं पहुंचते थे।
इसके चलते करीब दो साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी ने बीडा कॉलोनियों की सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका को हैंडओवर कर दी। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
बीडा कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। बीडा परिक्षेत्र होने के कारण नगर पालिका कर्मी वहां साफ-सफाई के लिए नहीं पहुंचते थे। इसके चलते करीब दो साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी ने बीडा कॉलोनियों की सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका को हैंडओवर कर दी। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
मकान की साइज के हिसाब से लगता है टैक्स
बीडा कॉलोनियों में विभिन्न श्रेणियों के आवास विकसित किए गए थे। एलआईजी श्रेणी के 16×34 फीट के मकानों पर लगभग 1800 रुपये, ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 16×30 फीट के मकानों पर लगभग 1500 रुपये और एमआईजी श्रेणी के 25×50 फीट के मकानों पर लगभग 2500 रुपये वार्षिक सेवा शुल्क लिया जाता था। हालांकि बीते एक साल से यह शुल्क बंद है। यहां के लोगों का कहना है कि अब नगर पालिका शुल्क निर्धारित करेगी।
कॉलोनी के पार्क की स्थिति खराब है। बीडा अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नगर पालिका के जिम्मेदारी संभालने के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। वर्ष 2025 में उन्होंने बीडा को 3960 रुपये सेवा शुल्क दिया था। - अनिल जैन, रजपुरा फेज-एक
गलियों के अंदर तो कभी-कभार सफाई हो जाती है, लेकिन मुख्य नालियां बदहाल हैं। लगभग 800 वर्गफीट वाले आवास के लिए वह प्रतिवर्ष लगभग 2000 रुपये सेवा शुल्क बीडा को देते रहे हैं। - डॉ. नित्यानंद
बीडा की कॉलोनियों का निरीक्षण किया जाएगा। कॉलोनीवासियों को जो भी सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह हर हाल में मिलेंगी। कॉलोनी में जिन सफाईकर्मियों की ड्यूटी है, यदि वे अपने काम में लापरवाही बरत रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास किया जाएगा। - दयाशंकर वर्मा, अधिशासी अधिकारी, भदोही
विज्ञापन
अब नगर पालिका के जिम्मे यह काम आने के बाद स्थिति और खराब हो गई है। सर्विस टैक्स के नाम पर रहवासियों से शुल्क तो लिया जाता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर व्यवस्थाएं शून्य हैं। बीडा काॅलोनियों की बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में यह स्थिति सामने आई। भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने करीब दो से ढाई दशक पहले भदोही परिक्षेत्र में जमुनीपुर, रजपुरा फेज-1, फेज-2 और फेज-3 कॉलोनियां विकसित की थीं। औसतन प्रत्येक कॉलोनी में करीब 5000 से 6000 लोग रहते हैं। कॉलोनियों के रहवासियों की सुविधाओं का ध्यान रखना बीडा का उत्तरदायित्व है। इसके लिए बीडा की ओर से रहवासियों से सर्विस टैक्स भी लिया जाता था।
विज्ञापन
इसके बावजूद इन कॉलोनियों में टूटी नालियां, जाम चेंबर, बदहाल पार्क, गंदगी के ढेर और सफाई व्यवस्था की खामियां व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को दर्शाती हैं।
विज्ञापन
दो साल पहले सफाई व्यवस्था नगर पालिका को हैंडओवर बीडा कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। बीडा परिक्षेत्र होने के कारण नगर पालिका कर्मी वहां साफ-सफाई के लिए नहीं पहुंचते थे।
इसके चलते करीब दो साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी ने बीडा कॉलोनियों की सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका को हैंडओवर कर दी। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
बीडा कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। बीडा परिक्षेत्र होने के कारण नगर पालिका कर्मी वहां साफ-सफाई के लिए नहीं पहुंचते थे। इसके चलते करीब दो साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी ने बीडा कॉलोनियों की सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका को हैंडओवर कर दी। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
मकान की साइज के हिसाब से लगता है टैक्स
बीडा कॉलोनियों में विभिन्न श्रेणियों के आवास विकसित किए गए थे। एलआईजी श्रेणी के 16×34 फीट के मकानों पर लगभग 1800 रुपये, ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 16×30 फीट के मकानों पर लगभग 1500 रुपये और एमआईजी श्रेणी के 25×50 फीट के मकानों पर लगभग 2500 रुपये वार्षिक सेवा शुल्क लिया जाता था। हालांकि बीते एक साल से यह शुल्क बंद है। यहां के लोगों का कहना है कि अब नगर पालिका शुल्क निर्धारित करेगी।
कॉलोनी के पार्क की स्थिति खराब है। बीडा अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नगर पालिका के जिम्मेदारी संभालने के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। वर्ष 2025 में उन्होंने बीडा को 3960 रुपये सेवा शुल्क दिया था। - अनिल जैन, रजपुरा फेज-एक
गलियों के अंदर तो कभी-कभार सफाई हो जाती है, लेकिन मुख्य नालियां बदहाल हैं। लगभग 800 वर्गफीट वाले आवास के लिए वह प्रतिवर्ष लगभग 2000 रुपये सेवा शुल्क बीडा को देते रहे हैं। - डॉ. नित्यानंद
बीडा की कॉलोनियों का निरीक्षण किया जाएगा। कॉलोनीवासियों को जो भी सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह हर हाल में मिलेंगी। कॉलोनी में जिन सफाईकर्मियों की ड्यूटी है, यदि वे अपने काम में लापरवाही बरत रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास किया जाएगा। - दयाशंकर वर्मा, अधिशासी अधिकारी, भदोही