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Bhadohi News: दो साल से नहीं मिला पशुमित्रों को वैक्सीन का पैसा
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पशुपालन विभाग की ओर से करीब 100 पशु मित्रों को दो साल से वैक्सीन के पैसे का भुगतान नहीं किया गया है। इससे पशुमित्र आर्थिक संकट झेल रहे है। खुरपका, मुंहपका और गलाघोंटू जैसी बीमारी से बचाव के लिए समय-समय पर पशुओं को टीका लगाया जाता है। पशु मित्र वैक्सीन तो लगा देते हैं, लेकिन उन्हें समय पर पैसा नहीं मिलता है।
एक पशु मित्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक वैक्सीन लगाने पर पांच रुपये मिलते हैं। जिले में करीब चार लाख पशु है। ढ़ाई लाख के करीब गोवंश है। वहीं ड़ेढ लाख के करीब भैंस है। बीमारी से बचाव के लिए समय-समय पर पशुओं को टीका लगया जाता है। पशु मित्र ने अगर टीका लगा दिया तो अधिकारी उसका डिटेल अपने आईडी पासवर्ड से अपलोड कर देते हैं। टीके का विवरण नियमित ऑनलाइन भरना होता है। पशु विभाग के कार्यालय में तैनात संविदाकर्मी इसे बताते ही नहीं है। पैसा न आने पर पूछने पर कहते हैं कि ऑनलाइन विवरण भरने में कहीं गलतियां हुई हैं।
बारिश के दिनों में खुरपका, मुंहपका का डर:
ज्ञानपुर। बारिश के मौसम में तेजी से पशुओं में खुरपका, मुंहपका, गलाघोंटू, लंपी आदि बीमारी पैर पसारती है। इससे बचाव के लिए टीका करण किया जाता है। इसकी जिम्मेदारी पशु मित्रों और विभागीय अधिकारी की होती है। अभियान चलाकर टीका लगाया जाता है। पिछले साल ढ़ाई लाख पशुओं को खुरपका, मुंहपका रोधी टीका लगाया गया था, लेकिन अभी तक पैसा भुगतान नहीं किया गया है। डॉ. एके सचान, सीवीओ भदोही ने बताया कि वैक्सीन का बकाया पैसा सभी का मिलेगा। वैक्सीन का रिपोर्ट ऑनलाइन शासन के पोर्टल पर समिट करना होता है। इसमें खामी होने के कारण पैसा नहीं आता है। इसे जल्द ही दूर कराया जाएगा।
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एक पशु मित्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक वैक्सीन लगाने पर पांच रुपये मिलते हैं। जिले में करीब चार लाख पशु है। ढ़ाई लाख के करीब गोवंश है। वहीं ड़ेढ लाख के करीब भैंस है। बीमारी से बचाव के लिए समय-समय पर पशुओं को टीका लगया जाता है। पशु मित्र ने अगर टीका लगा दिया तो अधिकारी उसका डिटेल अपने आईडी पासवर्ड से अपलोड कर देते हैं। टीके का विवरण नियमित ऑनलाइन भरना होता है। पशु विभाग के कार्यालय में तैनात संविदाकर्मी इसे बताते ही नहीं है। पैसा न आने पर पूछने पर कहते हैं कि ऑनलाइन विवरण भरने में कहीं गलतियां हुई हैं।
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बारिश के दिनों में खुरपका, मुंहपका का डर:
ज्ञानपुर। बारिश के मौसम में तेजी से पशुओं में खुरपका, मुंहपका, गलाघोंटू, लंपी आदि बीमारी पैर पसारती है। इससे बचाव के लिए टीका करण किया जाता है। इसकी जिम्मेदारी पशु मित्रों और विभागीय अधिकारी की होती है। अभियान चलाकर टीका लगाया जाता है। पिछले साल ढ़ाई लाख पशुओं को खुरपका, मुंहपका रोधी टीका लगाया गया था, लेकिन अभी तक पैसा भुगतान नहीं किया गया है। डॉ. एके सचान, सीवीओ भदोही ने बताया कि वैक्सीन का बकाया पैसा सभी का मिलेगा। वैक्सीन का रिपोर्ट ऑनलाइन शासन के पोर्टल पर समिट करना होता है। इसमें खामी होने के कारण पैसा नहीं आता है। इसे जल्द ही दूर कराया जाएगा।
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