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एंबुलेंस कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
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भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग के 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ की जिला इकाई ने जिला मुख्यालय पर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित मांगपत्र एडीएम एसके मिश्रा को सौंपकर चेतावनी दी कि कर्मचारियों की मांगें पूरी न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष रंजीत यादव ने आरोप लगाया है कि दर्जनों कर्मचारी जिले में स्वास्थ्य विभाग के साथ जूझ रहे हैं। इसके बावजूद हक से वंचित करना अधिकारियों की आदत बन चुकी है। निजी कंपनी को 108 और 102 एंबुलेंस संचालन की जिम्मेदारी देकर चालकों को मात्र 6500 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। निर्धारित समय पर घोषित महंगाई दर मिले तो कर्मचारी 13000 रुपये का लाभ उठा सकते हैं। आरोप लगाया कि जो वेतनमान निर्धारित है, उसका भी भुगतान चार माह से लटकाए रखा गया है और कर्मचारियों को निकालने, उत्पीड़न करने की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। आर्थिक संकट से न बच्चों की पढ़ाई-लिखाई हो पा रही है और न ही परिवार का खर्च चल पा रहा है। मजदूर संघ के संयोजक संदीप राय ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने मासिक वेतन 13000 रुपये कर बकाए देयों का भुगतान कराने, दो हजार कर्मचारियों को मिनिमम वेज दिलाने, 12 की बजाय आठ घंटे काम लेने, चार घंटे अतिरिक्त कार्य का दर बढ़ाने, 12 वर्ष से लटके बोनस का भुगतान कराने आदि की मांगें पूरी करने की मांग की। इस मौके पर श्याम बिहारी, अजय यादव, महेंद्र कुमार, राजेश यादव, गिरजा शंकर, ज्ञान सिंह, अरविंद कुमार, वीरेंद्र रमण, विनोद कुमार, सुनील कुमार, जगन्नाथ, संजय कुमार, हरिकेश कुमार आदि रहे। एडीएम एसके मिश्रा ने कहा कि मांगपत्र शासन को भेजा जाएगा।
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जिलाध्यक्ष रंजीत यादव ने आरोप लगाया है कि दर्जनों कर्मचारी जिले में स्वास्थ्य विभाग के साथ जूझ रहे हैं। इसके बावजूद हक से वंचित करना अधिकारियों की आदत बन चुकी है। निजी कंपनी को 108 और 102 एंबुलेंस संचालन की जिम्मेदारी देकर चालकों को मात्र 6500 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। निर्धारित समय पर घोषित महंगाई दर मिले तो कर्मचारी 13000 रुपये का लाभ उठा सकते हैं। आरोप लगाया कि जो वेतनमान निर्धारित है, उसका भी भुगतान चार माह से लटकाए रखा गया है और कर्मचारियों को निकालने, उत्पीड़न करने की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। आर्थिक संकट से न बच्चों की पढ़ाई-लिखाई हो पा रही है और न ही परिवार का खर्च चल पा रहा है। मजदूर संघ के संयोजक संदीप राय ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने मासिक वेतन 13000 रुपये कर बकाए देयों का भुगतान कराने, दो हजार कर्मचारियों को मिनिमम वेज दिलाने, 12 की बजाय आठ घंटे काम लेने, चार घंटे अतिरिक्त कार्य का दर बढ़ाने, 12 वर्ष से लटके बोनस का भुगतान कराने आदि की मांगें पूरी करने की मांग की। इस मौके पर श्याम बिहारी, अजय यादव, महेंद्र कुमार, राजेश यादव, गिरजा शंकर, ज्ञान सिंह, अरविंद कुमार, वीरेंद्र रमण, विनोद कुमार, सुनील कुमार, जगन्नाथ, संजय कुमार, हरिकेश कुमार आदि रहे। एडीएम एसके मिश्रा ने कहा कि मांगपत्र शासन को भेजा जाएगा।
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