{"_id":"6c753ab02ecc86e35189a52344a800df","slug":"allocation-of-quotas-occurred-in-the-shadow-of-bayonets-shop-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संगीनों के साए में कोटे की दूकान का हुआ आवंटन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संगीनों के साए में कोटे की दूकान का हुआ आवंटन
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Wed, 29 Jul 2015 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इससे पूर्व कोटा आवंटन के लिए आयोजित
विज्ञापन
तीन बैठकों में दूकान के दोनों दावेदारों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। इसके
चलते हरिनारायणपुर की कोटे की दूकान का आवंटन प्रशासन के लिए चुनौती बन गई
थी।
भारी गहमागहमी के बीच रामनरेश मौर्या को कोटे की दूकान आवंटित की गई।
औराई थानाक्षेत्र के हरिनारायणपुर में बीते दो वर्ष से कोटे की दूकान निरस्त चल रही है। यह दूकान पहले सूर्य नारायण चौबे के पास थी। सही ढंग से अनाज का वितरण न करने के ग्रामीणों के आरोप पर तत्कालीन एसडीएम दूकान को निरस्त कर दिया था। इसके बाद कोटेदार सूर्यनारायण चौबे ने कमिशभनर सेे अपील की, लेकिन वहां भी इनके पक्ष में बात नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। तभी से हरिनारायणपुर में कोटे की दूकान नहीं थी। इस दूकान को समीप के सेऊर गांव की दूकान से अटैच कर दिया गया था। गत डेढ़ वर्ष के दौरान नई दूकान के आवंटन के लिए विकास खंड कार्यालय और पुलिस की देखरेख में तीन बार खुली बैठक कराई गई। दूकान के लिए राजेश यादव और राम नरेश मौर्या दो दावेदार थे। दूकान आवंटन की बैठकों के दौरान दोनों के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट होती रही। इस मामले में अब तक औराई थाने में एक दर्जन नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर मुकदमा चल रहा है। चौथी बार मंगलवार को खुली बैठक तय थी। एसडीएम नरेंद्र सिंह, सीओ राजकुमार यादव और औराई एसओ सीताराम यादव के साथ विकास खंड कार्यालय से एडीओ एजी गिरजा शंकर पांडेय की मौजूदगी में खुली बैठक कराई गई। भारी फोर्स को देखकर हर बार हंगामा करने वाले शांत रहे। बारी-बारी से आकर ग्रामीणों ने अपना नाम दर्ज कराया। इसके बाद एक-एक व्यक्ति अंदर गए और अपने-अपने पक्ष की ओर बैठते गए। इसके बाद गणना हुई। रामनरेश मौर्या की तरफ 341 और राजेश यादव की ओर 257 ग्रामीण बैठे थे।
भारी गहमागहमी के बीच रामनरेश मौर्या को कोटे की दूकान आवंटित की गई।
औराई थानाक्षेत्र के हरिनारायणपुर में बीते दो वर्ष से कोटे की दूकान निरस्त चल रही है। यह दूकान पहले सूर्य नारायण चौबे के पास थी। सही ढंग से अनाज का वितरण न करने के ग्रामीणों के आरोप पर तत्कालीन एसडीएम दूकान को निरस्त कर दिया था। इसके बाद कोटेदार सूर्यनारायण चौबे ने कमिशभनर सेे अपील की, लेकिन वहां भी इनके पक्ष में बात नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। तभी से हरिनारायणपुर में कोटे की दूकान नहीं थी। इस दूकान को समीप के सेऊर गांव की दूकान से अटैच कर दिया गया था। गत डेढ़ वर्ष के दौरान नई दूकान के आवंटन के लिए विकास खंड कार्यालय और पुलिस की देखरेख में तीन बार खुली बैठक कराई गई। दूकान के लिए राजेश यादव और राम नरेश मौर्या दो दावेदार थे। दूकान आवंटन की बैठकों के दौरान दोनों के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट होती रही। इस मामले में अब तक औराई थाने में एक दर्जन नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर मुकदमा चल रहा है। चौथी बार मंगलवार को खुली बैठक तय थी। एसडीएम नरेंद्र सिंह, सीओ राजकुमार यादव और औराई एसओ सीताराम यादव के साथ विकास खंड कार्यालय से एडीओ एजी गिरजा शंकर पांडेय की मौजूदगी में खुली बैठक कराई गई। भारी फोर्स को देखकर हर बार हंगामा करने वाले शांत रहे। बारी-बारी से आकर ग्रामीणों ने अपना नाम दर्ज कराया। इसके बाद एक-एक व्यक्ति अंदर गए और अपने-अपने पक्ष की ओर बैठते गए। इसके बाद गणना हुई। रामनरेश मौर्या की तरफ 341 और राजेश यादव की ओर 257 ग्रामीण बैठे थे।