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दलहनी- तिलहनी फसलों का निकला दिवाला
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ज्ञानपुर। 26 से 30 सितंबर तक हुई बारिश ने किसानों का दिवाला निकाल दिया है। बारिश और जलजमाव से दलहनी और तिलहनी फसलों को भारी क्षति पहुंची है। करीब 90 फीसदी फसल सूखकर नष्ट हो गई। अब किसानों को मुआवजे की चिंता सताने लगी है।
खरीफ सीजन में धान के साथ ही उर्द, भदैला, बाजरा और तिल्ली जैसे फसलों की बुआई होती है। सामान्य स्तर पर होने वाली बारिश इन फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाती लेकिन अधिक बारिश होने की स्थिति में फसल नष्ट हो जाती है। जिले में करीब 35 हजार हेक्टेअर में धान की रोपाई की गई है तो तीन हजार हेक्टेअर में दलहनी और तिलहनी फसल बोई गई है। गंगा और वरूणा से सटे क्षेत्रों में इसकी खेती अधिक की जाती है। पिछले दिनों हुई बारिश से गंगा संग वरूणा उफना गई थी। जिसका पानी करीब 10 से 15 दिनों तक किनारे के क्षेत्रों में फैला रहा। इससे पानी में डूबने से दलहनी और तिलहनी फसल सूखकर नष्ट हो गई। नदी के तटीय इलाकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बोई गई फसल बारिश के कहर से नहीं बच सकी। वरूणा नदी से सटे कीर्तिपुर, चकजीतराय, अभिया वन, पुरमनोहर, तुलापर बहादूरान, छतमा, तिलकनाथ, कैड़ा, बहुता , भीमसेनपुर, अबरना, हरिहरपुर, बलीपुर, मर्दनशाहपुर, पुरेबदल, सांडा, बीसलपुर बिषही, गोदमा, चौगना, गोपीपुर, सुजानपुर, करियावं जबकि ज्ञानपुर के आसपास के क्षेत्रों में फसल पानी से नष्ट हो गई है। प्रगतिशील किसान एके चौबे ने कहा कि फसल बीमा योजना के लिए नामित कंपनी के सर्वेयर अब तक गांव में नहीं पहुंचे। जिससे किसानों को उचित मुआवजा मिलना मुश्किल दिख रहा है। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि बारिश से नष्ट फसलों का मुआवजा किसानों को मिलेगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। नामित कंपनी सर्वे कराकर मुआवजा देगी।
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खरीफ सीजन में धान के साथ ही उर्द, भदैला, बाजरा और तिल्ली जैसे फसलों की बुआई होती है। सामान्य स्तर पर होने वाली बारिश इन फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाती लेकिन अधिक बारिश होने की स्थिति में फसल नष्ट हो जाती है। जिले में करीब 35 हजार हेक्टेअर में धान की रोपाई की गई है तो तीन हजार हेक्टेअर में दलहनी और तिलहनी फसल बोई गई है। गंगा और वरूणा से सटे क्षेत्रों में इसकी खेती अधिक की जाती है। पिछले दिनों हुई बारिश से गंगा संग वरूणा उफना गई थी। जिसका पानी करीब 10 से 15 दिनों तक किनारे के क्षेत्रों में फैला रहा। इससे पानी में डूबने से दलहनी और तिलहनी फसल सूखकर नष्ट हो गई। नदी के तटीय इलाकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बोई गई फसल बारिश के कहर से नहीं बच सकी। वरूणा नदी से सटे कीर्तिपुर, चकजीतराय, अभिया वन, पुरमनोहर, तुलापर बहादूरान, छतमा, तिलकनाथ, कैड़ा, बहुता , भीमसेनपुर, अबरना, हरिहरपुर, बलीपुर, मर्दनशाहपुर, पुरेबदल, सांडा, बीसलपुर बिषही, गोदमा, चौगना, गोपीपुर, सुजानपुर, करियावं जबकि ज्ञानपुर के आसपास के क्षेत्रों में फसल पानी से नष्ट हो गई है। प्रगतिशील किसान एके चौबे ने कहा कि फसल बीमा योजना के लिए नामित कंपनी के सर्वेयर अब तक गांव में नहीं पहुंचे। जिससे किसानों को उचित मुआवजा मिलना मुश्किल दिख रहा है। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि बारिश से नष्ट फसलों का मुआवजा किसानों को मिलेगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। नामित कंपनी सर्वे कराकर मुआवजा देगी।
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