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घटना के बाद चेता वन विभाग, बनाई सुरक्षा समिति
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ऊंज के पूरेमटुका गांव में बच्चे की मौत के बाद मौके पर जुटी भीड़। संवाद
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। ऊंज थाना क्षेत्र के पुरेमटूका गांव में पिता के साथ सोए चार वर्षीय मासूम आजाद को बिस्तर से जंगली जानवर उठा ले गया। घर से महज सौ मीटर की दूरी पर ही वह बच्चे को शिकार बनाया। घटना के बाद पहुंचे अधिकारियों ने आनन-फानन में सुरक्षा समिति बनाकर निगरानी की बात करने लगे। ऐसे में वहां लोग इस बात की भी चर्चा करते नजर आए कि अब घटना होने के बाद वन विभाग जागा है। यदि औराई थाना क्षेत्र के तुलापुर में हुई घटना के बाद ही गंभीरता दिखाई होती तो शायद इस तरह की घटना न होती। हालांकि वन विभाग ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से वहां सुरक्षा समिति बनाया है, जिससे आगे घटना न हो सके।
29 जून की रात में मड़हे में सोते समय तुलापुर के एक डेढ़ वर्षीय मासूम को सियार उठा ले गया था। उसे भी घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर ले जाकर शिकार बनाया। उसके बाद वन विभाग ने कोई रणनीति नहीं बनाई। शनिवार की रात में ऊंज क्षेत्र में हुई घटना के बाद वहां समिति बनाई गई। डीएफओ नीरज आर्य ने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से सुरक्षा समिति बनाई गई है। आगे अन्य वनवासी बस्तियों के समीप भी इस तरह की समिति बनाने की रणनीति बनेगी। मुआवजे के सवाल पर उन्होंने सोमवार को कार्यालय खुलने पर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की बात कही। तुलापुर वाली घटना को लेकर वह अनजान बने रहे।
...काश आवास में लग गया होता दरवाजा
जिस घर में आजाद अपने पिता हीरालाल के साथ सोया था वह बीते दो वर्ष से ज्यादा समय से बन रहा है। वनवासी बस्ती के लोगों की मानें तो यदि आवास पूर्ण हो गया होता तो शायद उसमें दरवाजा, खिड़की लग गई होती। शायद उसी में आजाद सोता तो उसे जानवर शिकार नहीं बना पाता।
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अपने आप पर पिता को पछतावा, मां का हाल बेहाल
चार वर्षीय मासूम की मौत के बाद पिता को पछतावा हो रहा है। घटना के बाद वह कुछ बोल तो नहीं रहा था, लेकिन बीच-बीच में अपने आप को ही कोसता रहा। उसने कहा कि आखिर कैसी नींद आई कि बच्चे को जानवर ले गया और नींद खुली तक नहीं। उधर, मां सरोजा देवी का हाल बेहाल था। चार संतानों में आजाद इकलौता पुत्र था।
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29 जून की रात में मड़हे में सोते समय तुलापुर के एक डेढ़ वर्षीय मासूम को सियार उठा ले गया था। उसे भी घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर ले जाकर शिकार बनाया। उसके बाद वन विभाग ने कोई रणनीति नहीं बनाई। शनिवार की रात में ऊंज क्षेत्र में हुई घटना के बाद वहां समिति बनाई गई। डीएफओ नीरज आर्य ने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से सुरक्षा समिति बनाई गई है। आगे अन्य वनवासी बस्तियों के समीप भी इस तरह की समिति बनाने की रणनीति बनेगी। मुआवजे के सवाल पर उन्होंने सोमवार को कार्यालय खुलने पर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की बात कही। तुलापुर वाली घटना को लेकर वह अनजान बने रहे।
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...काश आवास में लग गया होता दरवाजा
जिस घर में आजाद अपने पिता हीरालाल के साथ सोया था वह बीते दो वर्ष से ज्यादा समय से बन रहा है। वनवासी बस्ती के लोगों की मानें तो यदि आवास पूर्ण हो गया होता तो शायद उसमें दरवाजा, खिड़की लग गई होती। शायद उसी में आजाद सोता तो उसे जानवर शिकार नहीं बना पाता।
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अपने आप पर पिता को पछतावा, मां का हाल बेहाल
चार वर्षीय मासूम की मौत के बाद पिता को पछतावा हो रहा है। घटना के बाद वह कुछ बोल तो नहीं रहा था, लेकिन बीच-बीच में अपने आप को ही कोसता रहा। उसने कहा कि आखिर कैसी नींद आई कि बच्चे को जानवर ले गया और नींद खुली तक नहीं। उधर, मां सरोजा देवी का हाल बेहाल था। चार संतानों में आजाद इकलौता पुत्र था।