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दसवीं के बाद बारहवीं के परीक्षार्थी भी होंगे प्रमोट
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ज्ञानपुर। कोरोना वायरस के कारण हाईस्कूल के बाद अब इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 2021 बृहस्पतिवार को रद कर दी गई। इससे इंटर के 24 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं भी प्रमोट हो जाएंगे। महीनों से शिक्षा विभाग की परीक्षा को लेकर की गई तैयारी भी धरी रह गई। शासन के निर्णय का अभिभावक से लेकर छात्र-छात्राओं ने स्वागत किया।
जिले में बोर्ड परीक्षा की तैयारी नवंबर-दिसंबर से ही चल रही है। जनवरी में परीक्षा केंद्र, छात्र-छात्राओं की संख्या, परीक्षा केंद्रों की संख्या, कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक आदि तय हो गए। लेकिन पहले पंचायत चुनाव और उसके बाद कोरोना वायरस के कारण परीक्षा लगातार टल रही थी। जिसको लेकर छात्र-छात्राओं संग अभिभावकों की चिंता बढ़ गई थी। बीते शनिवार को डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया और इंटरमीडिएट की परीक्षा जुलाई में कोरोना वायरस की स्थिति देखते हुए कराने का निर्णय लिया। जिससे हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं को राहत मिल गई थी, लेकिन इंटर के परेशान हो रहे थे। उनका मानना था कि पढ़ाई न होने से परीक्षा में क्या लिखा जाएगा। संक्रमण के कारण लगातार दो साल से कक्षाएं ठीक ढंग से नहीं चल रही। हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त होने से जिले के 28 हजार 364 छात्र-छात्राएं पहले ही प्रमोट हो गए थे। जबकि इंटरमीडिएट के 24 हजार से अधिक परीक्षार्थी प्रमोट किए जाएंगे। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक नंदलाल गुप्ता ने कहा कि अभी विभाग को आदेश नहीं मिला है। आदेश आने पर आगे की कार्रवाई होगी। जीआईसी के प्रधानाचार्य प्रेमचंद्र यादव ने कहा कि दो साल से कोरोना वायरस के कारण पढ़ाई नहीं हो सकी थी। ऐसे में सरकार का निर्णय सराहनीय है। इंटर के छात्र प्रदीप कुमार, अनूप कुमार और अभिभावक राजेश, विमलेश ने भी सरकार के निणय को सराहा। कहा कि कोरोना के कारण पढ़ाई नहीं हो सकी थी। जिससे छात्र-छात्राओं की चिंता बढ़ रही थी।
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जिले में बोर्ड परीक्षा की तैयारी नवंबर-दिसंबर से ही चल रही है। जनवरी में परीक्षा केंद्र, छात्र-छात्राओं की संख्या, परीक्षा केंद्रों की संख्या, कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक आदि तय हो गए। लेकिन पहले पंचायत चुनाव और उसके बाद कोरोना वायरस के कारण परीक्षा लगातार टल रही थी। जिसको लेकर छात्र-छात्राओं संग अभिभावकों की चिंता बढ़ गई थी। बीते शनिवार को डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया और इंटरमीडिएट की परीक्षा जुलाई में कोरोना वायरस की स्थिति देखते हुए कराने का निर्णय लिया। जिससे हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं को राहत मिल गई थी, लेकिन इंटर के परेशान हो रहे थे। उनका मानना था कि पढ़ाई न होने से परीक्षा में क्या लिखा जाएगा। संक्रमण के कारण लगातार दो साल से कक्षाएं ठीक ढंग से नहीं चल रही। हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त होने से जिले के 28 हजार 364 छात्र-छात्राएं पहले ही प्रमोट हो गए थे। जबकि इंटरमीडिएट के 24 हजार से अधिक परीक्षार्थी प्रमोट किए जाएंगे। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक नंदलाल गुप्ता ने कहा कि अभी विभाग को आदेश नहीं मिला है। आदेश आने पर आगे की कार्रवाई होगी। जीआईसी के प्रधानाचार्य प्रेमचंद्र यादव ने कहा कि दो साल से कोरोना वायरस के कारण पढ़ाई नहीं हो सकी थी। ऐसे में सरकार का निर्णय सराहनीय है। इंटर के छात्र प्रदीप कुमार, अनूप कुमार और अभिभावक राजेश, विमलेश ने भी सरकार के निणय को सराहा। कहा कि कोरोना के कारण पढ़ाई नहीं हो सकी थी। जिससे छात्र-छात्राओं की चिंता बढ़ रही थी।
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