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कुरबानी के बाद चला रहा बधाइयों और दावतों का दौर
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
Updated Sat, 26 Sep 2015 12:56 AM IST
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विभिन्न ईदगाहों में नौ बजे तक नमाज का सिलसिला खत्म होकर कुरबानी का दौर शुरू हो गया था, जो दोपहर तक चला। इसके बाद गरीबों में तबर्रूख बांटे गए।
भदोही नगर के अजीमुल्लाह चौराहे के ईदगाह में दो जमातों में नमाज अदा हुई, जिसके बाद मुसलिम बहुल इलाकों में कुरबानी और दावतों का दौर चला।
अजिमुल्लाह चौराहा ईदगाह में पहली जमात 7.30 बजे हाफिज परवेज अच्छे ने और दूसरी जमात 8.15 बजे हाफिज इसराइल ने पढ़ाई।
दूसरी जमात में भी ईदगाह खचाखच भरा था। सुबह से ही झुंड और परिवार संग लोग चौरी रोड, रेलवे स्टेशन, नाबीना शाह, घमहांपुर, सिविल लाईन्स, फलाहे उम्मत कालेज मैदान, फरीदन तालाब मैदान, रौजा गाजी मियां आदि ईदगाहों की ओर जाते दिखे।
सुबह नौ बजे तक नमाज का दौर पूरा हुआ जिसके बाद लोगों ने एक से लेकर दर्जनों बकरों की कुरबानी दी। आपस में बधाई का दौर ईदगाह से ही शुरू हो गया था। सड़कों पर आते जाते भी लोग गले मिल कर बधाई का आदान प्रदान करते दिखे। इसके बाद घर घर तबर्रुख बांटा गया।
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बकरीद के दूसरे और तीसरे दिन भी कुरबानी होती है। सबसे ज्यादा खुशी बच्चों में रही जिनका ध्यान बाजार में खिलौनों की ओर अधिक रहा।
कुरबानी के चलते जानवर जिबह करने वाले कसाईयों की खासी मांग रही। लोग उनके पीछे पीछे लगे रहे ताकि देरी ना हो। मेहनताने के रूप में उन्हें अच्छी रकम मिली। त्योहार के मद्देनजर नगर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सुबह से नमाज होने तक मेनरोड पर यातायात बंद किया गया था। नगर पालिका द्वारा ईदगाहों और मसजिदों के आसपास चूने का छिड़काव कराया गया था।
नवाल, अब्दुल माबूद अंसारी आदि मौजूद रहे।
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भदोही नगर के अजीमुल्लाह चौराहे के ईदगाह में दो जमातों में नमाज अदा हुई, जिसके बाद मुसलिम बहुल इलाकों में कुरबानी और दावतों का दौर चला।
अजिमुल्लाह चौराहा ईदगाह में पहली जमात 7.30 बजे हाफिज परवेज अच्छे ने और दूसरी जमात 8.15 बजे हाफिज इसराइल ने पढ़ाई।
दूसरी जमात में भी ईदगाह खचाखच भरा था। सुबह से ही झुंड और परिवार संग लोग चौरी रोड, रेलवे स्टेशन, नाबीना शाह, घमहांपुर, सिविल लाईन्स, फलाहे उम्मत कालेज मैदान, फरीदन तालाब मैदान, रौजा गाजी मियां आदि ईदगाहों की ओर जाते दिखे।
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सुबह नौ बजे तक नमाज का दौर पूरा हुआ जिसके बाद लोगों ने एक से लेकर दर्जनों बकरों की कुरबानी दी। आपस में बधाई का दौर ईदगाह से ही शुरू हो गया था। सड़कों पर आते जाते भी लोग गले मिल कर बधाई का आदान प्रदान करते दिखे। इसके बाद घर घर तबर्रुख बांटा गया।
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बकरीद के दूसरे और तीसरे दिन भी कुरबानी होती है। सबसे ज्यादा खुशी बच्चों में रही जिनका ध्यान बाजार में खिलौनों की ओर अधिक रहा।
कुरबानी के चलते जानवर जिबह करने वाले कसाईयों की खासी मांग रही। लोग उनके पीछे पीछे लगे रहे ताकि देरी ना हो। मेहनताने के रूप में उन्हें अच्छी रकम मिली। त्योहार के मद्देनजर नगर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सुबह से नमाज होने तक मेनरोड पर यातायात बंद किया गया था। नगर पालिका द्वारा ईदगाहों और मसजिदों के आसपास चूने का छिड़काव कराया गया था।
नवाल, अब्दुल माबूद अंसारी आदि मौजूद रहे।