{"_id":"5fb952108ebc3e67a033684f","slug":"advocates-of-tehsil-bar-burnt-effigy-bhadohi-news-vns5592658141","type":"story","status":"publish","title_hn":"तहसील बार के अधिवक्ताओं ने फूंका डिबाए का पुतला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तहसील बार के अधिवक्ताओं ने फूंका डिबाए का पुतला
विज्ञापन
भदोही तहसील में डिस्ट्रिक्ट बार का पुतला फूंकते तहसील के अधिवक्ता।
- फोटो : BHADOHI
भदोही। तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने शनिवार को तहसील में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने डिस्ट्रिक्ट बार के अध्यक्ष रामचंद्र पांडेय के कथित तौर पर दिए गए बयान में उन्होंने कहा था कि तहसील अधिवक्ताओं को सिविल कोर्ट संबंधी ज्ञान नहीं है। इस बयान से नाराज अधिवक्ताओं ने बैठक कर विरोध जताने के लिए प्रस्ताव भी पास किया। तहसील परिसर में विरोध में नारेबाजी भी की।
अधिवक्ता भदोही तहसील में मुंसफ कोर्ट की स्थापना के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उधर तहसील बार के अध्यक्ष मोतीलाल ने शनिवार को हुई अधिवक्ताओं की बैठक में कहा कि डिस्ट्रिक्ट बार के लोगों को तहसील के अधिवक्ताओं का सहयोग करना चाहिए। लेकिन, अफसोस की बात है कि अध्यक्ष ने यह कहकर हमें हतोत्साहित करने का प्रयास किया कि तहसील के अधिवक्ताओं को सिविल न्यायालय के बारे में कोई ज्ञान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बयान न केवल गैर जिम्मेदाराना है, बल्कि निंदनीय भी है। बैठक में जिला बार का पुतला फूंकने के निर्णय के बाद लोग पुतलाकर तहसील में घूमे और पुतला दहन किया। इस दौरान नारेबाजी भी की और मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
बैठक में कहा कि मुंसफ कोर्ट के लिए हमारा आंदोलन चलता रहेगा। इस क्रम में शीघ्र जिला जज से प्रतिनिधिमंडल मिलेगा। पुतला दहन कार्यक्रम में सूर्य प्रसाद द्विवेदी, अमित पांडेय, प्रसन्न मिश्र, महेंद्रनाथ बिंद, ओमप्रकाश गौतम, अशोक दूबे, धनुषधारी सिंह, अशोक श्रीवास्तव, गंगाराम यादव, कृपाशंकर मिश्र, राजेंद्र प्रसाद आदि रहे।
विज्ञापन
इनसेट
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की बैठक में मौखिक या लिखित तौर पर हमने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया। सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय को भदोही तहसील में स्थापित करने के प्रस्ताव का डिबाए विरोध करता है। यह प्रस्ताव संगठन की बैठक में पास किया गया था। भदोही तहसील बार एसोसिएशन के सदस्यों का आरोप बेबुनियाद है।
रामचंद्र पांडेय, अध्यक्ष, डिबाए
विज्ञापन
अधिवक्ता भदोही तहसील में मुंसफ कोर्ट की स्थापना के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उधर तहसील बार के अध्यक्ष मोतीलाल ने शनिवार को हुई अधिवक्ताओं की बैठक में कहा कि डिस्ट्रिक्ट बार के लोगों को तहसील के अधिवक्ताओं का सहयोग करना चाहिए। लेकिन, अफसोस की बात है कि अध्यक्ष ने यह कहकर हमें हतोत्साहित करने का प्रयास किया कि तहसील के अधिवक्ताओं को सिविल न्यायालय के बारे में कोई ज्ञान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बयान न केवल गैर जिम्मेदाराना है, बल्कि निंदनीय भी है। बैठक में जिला बार का पुतला फूंकने के निर्णय के बाद लोग पुतलाकर तहसील में घूमे और पुतला दहन किया। इस दौरान नारेबाजी भी की और मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
विज्ञापन
बैठक में कहा कि मुंसफ कोर्ट के लिए हमारा आंदोलन चलता रहेगा। इस क्रम में शीघ्र जिला जज से प्रतिनिधिमंडल मिलेगा। पुतला दहन कार्यक्रम में सूर्य प्रसाद द्विवेदी, अमित पांडेय, प्रसन्न मिश्र, महेंद्रनाथ बिंद, ओमप्रकाश गौतम, अशोक दूबे, धनुषधारी सिंह, अशोक श्रीवास्तव, गंगाराम यादव, कृपाशंकर मिश्र, राजेंद्र प्रसाद आदि रहे।
विज्ञापन
इनसेट
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की बैठक में मौखिक या लिखित तौर पर हमने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया। सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय को भदोही तहसील में स्थापित करने के प्रस्ताव का डिबाए विरोध करता है। यह प्रस्ताव संगठन की बैठक में पास किया गया था। भदोही तहसील बार एसोसिएशन के सदस्यों का आरोप बेबुनियाद है।
रामचंद्र पांडेय, अध्यक्ष, डिबाए