{"_id":"66944928958b088ebb05d384","slug":"action-will-be-taken-if-dengue-report-is-declared-positive-bhadohi-news-c-191-1-gyn1001-114260-2024-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: बिना एलाइजा टेस्ट के डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव बताने पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: बिना एलाइजा टेस्ट के डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव बताने पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
ज्ञानपुर। मानसून सीजन शुरू होते ही डेंगू के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य महकमे ने सभी पैथोलॉजी संचालकों पर सख्ती की है। विभाग ने बिना एलाइजा टेस्ट के डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव बताने पर पैथोलॉजी संचालकों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इधर, 20 लाख की आबादी वाले जनपद में केवल भदोही सीएचसी में एलाइजा टेस्ट की सुविधा मौजूद है।
जिले में पिछले साल रिकाॅर्ड डेंगू के 280 मरीज मिले थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भले ही मरीजों की संख्या 280 रही हो, लेकिन वास्तव में इनकी संख्या 400 से 500 के बीच थी। विभाग की ओर से डेंगू की जांच किट से की जाती थी। किट से लिया गया सैंपल बीएचयू जांच के लिए भेजा जाता था। वहां से दो से तीन दिनों के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर डेंगू की पुष्टि होती थी। बाद में विभाग ने भदोही सीएचसी पर एलाइजा मशीन लगाकर तत्काल जांच की सुविधा शुरू की। इस बार विभाग पहले से ही तैयारियों को पुख्ता करने में जुटा है। अफवाहों पर भी लगाम लगाने की तैयारी में है। विभाग ने सभी 42 पैथोलॉजी सेंटर को बिना एलाइजा टेस्ट के डेंगू पॉजिटिव न बताने की हिदायत दी है। पैथोलॉजी सेंटर पर भी किट से ही जांच होती है, जो अस्पष्ट होती है। ऐसे में किट से मिली रिपोर्ट को 100 फीसदी सही नहीं माना जा सकता। 20 लाख की आबादी वाले जनपद में केवल सीएचसी भदोही में ही एलाइजा टेस्ट की सुविधा है। जिला अस्पताल और साै शय्या अस्पताल में यह सुविधा नहीं है।
-- -
कोट...
किट से की गई जांच साै फीसदी सही नहीं मानी जाती। एलाइजा रिपोर्ट से ही डेंगू की पुष्टि हो सकती है। ऐसे में बिना एलाइजा टेस्ट के डेंगू की पुष्टि न किए जाने की हिदायत दी गई है। अन्य अस्पतालों में एलाइजा टेस्ट की व्यवस्था के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ।
विज्ञापन
-- -
विज्ञापन
जिले में पिछले साल रिकाॅर्ड डेंगू के 280 मरीज मिले थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भले ही मरीजों की संख्या 280 रही हो, लेकिन वास्तव में इनकी संख्या 400 से 500 के बीच थी। विभाग की ओर से डेंगू की जांच किट से की जाती थी। किट से लिया गया सैंपल बीएचयू जांच के लिए भेजा जाता था। वहां से दो से तीन दिनों के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर डेंगू की पुष्टि होती थी। बाद में विभाग ने भदोही सीएचसी पर एलाइजा मशीन लगाकर तत्काल जांच की सुविधा शुरू की। इस बार विभाग पहले से ही तैयारियों को पुख्ता करने में जुटा है। अफवाहों पर भी लगाम लगाने की तैयारी में है। विभाग ने सभी 42 पैथोलॉजी सेंटर को बिना एलाइजा टेस्ट के डेंगू पॉजिटिव न बताने की हिदायत दी है। पैथोलॉजी सेंटर पर भी किट से ही जांच होती है, जो अस्पष्ट होती है। ऐसे में किट से मिली रिपोर्ट को 100 फीसदी सही नहीं माना जा सकता। 20 लाख की आबादी वाले जनपद में केवल सीएचसी भदोही में ही एलाइजा टेस्ट की सुविधा है। जिला अस्पताल और साै शय्या अस्पताल में यह सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
कोट...
किट से की गई जांच साै फीसदी सही नहीं मानी जाती। एलाइजा रिपोर्ट से ही डेंगू की पुष्टि हो सकती है। ऐसे में बिना एलाइजा टेस्ट के डेंगू की पुष्टि न किए जाने की हिदायत दी गई है। अन्य अस्पतालों में एलाइजा टेस्ट की व्यवस्था के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ।
विज्ञापन