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एक्सीडेंटल जोन बना आठ किमी का सफर
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चौरी। चमचमाती सड़कें विकास का प्रतीक होती हैं, लेकिन इन पर फर्राटा भरते समय वाहन चालकों की थोड़ी सी लापरवाही कईयों की जान ले लेती है। कुछ ऐसा ही नजारा भदोही-वाराणसी मार्ग पर देखा जा रहा है। डिवाइडर के अभाव में आठ किमी का क्षेत्र एक्सीडेंटल जोन बन चुका है। चौड़ीकरण के पांच साल बाद भी सड़क पर डिवाइडर नहीं बन सका है। जिससे मरने वालों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है।
सपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल भदोही बाबतपुर मार्ग का चौड़ीकरण किया गया। कालीन नगरी में विदेशी आयातको को आने जाने के लिए बेहतर सड़क की मंशा से चौड़ीकरण किया गया, लेकिन विभाग बीच सड़क पर डिवाइडर बनाना भूल गया। सड़क चौड़ीकरण होने से वाहनों के रफ्तार भी बढ़ गए और ट्रकों का आवागमन भी पहले से अधिक हो गया। भदोही के इंद्रामिल से कंधिया फाटक तक करीब आठ किमी तक सड़क डिवाइडर के आभाव में एक्सीडेंटल जोन बन चुका है। पांच साल में आठ किलोमीटर सड़क पर 50 से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं जबकि 100 से अधिक हाथ-पैर तुड़वा चुुके हैं। डिवाइडर न होने के कारण कई बार भारी वाहनों अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे मकानों में जा घुसे है। इसको लेकर पूर्व में आवाज उठाई गई, लेकिन अब तक डिवाइडर नहीं बना। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण हीरामणि वर्मा ने कहा कि चौरी बाजार में विरोध के कारण चौड़ीकरण नहीं हो सका। उक्त मार्ग पर डिवाइडर का प्रस्ताव पूर्व में ही नहीं बना था।
अफसरों की उदासीनता, भुगत रहे लोग
चौरी। भदोही- बाबतपुर मार्ग के चौड़ीकरण में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है। चौड़ीकरण में डिवाइडर की केवल अनदेखी ही नही की गई बल्कि चौरी बाजार में एक किलोमीटर सड़क भी चौड़ी नहीं हो सकी। जिससे पांच साल से चौरी बाजार में जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। व्यापारी आशीष दुबे और अनिल चौरसिया ने कहा कि सड़क पर डिवाइडर को लेकर अधिकारियों को गंभीरता दिखानी चाहिए। जिससे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। आशुतोष दुबे और राजेंद्र सिंह ने कहा कि डिवाइडर के साथ चौरी बाजार में छुटी अधूरी सड़क भी बड़ी समस्या बनी है। इससे वाराणसी सहित अन्य स्थानों पर जाने वाले चौरी बाजार के जाम में फस जाते है।
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धर्मेन्द्र पाल
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सपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल भदोही बाबतपुर मार्ग का चौड़ीकरण किया गया। कालीन नगरी में विदेशी आयातको को आने जाने के लिए बेहतर सड़क की मंशा से चौड़ीकरण किया गया, लेकिन विभाग बीच सड़क पर डिवाइडर बनाना भूल गया। सड़क चौड़ीकरण होने से वाहनों के रफ्तार भी बढ़ गए और ट्रकों का आवागमन भी पहले से अधिक हो गया। भदोही के इंद्रामिल से कंधिया फाटक तक करीब आठ किमी तक सड़क डिवाइडर के आभाव में एक्सीडेंटल जोन बन चुका है। पांच साल में आठ किलोमीटर सड़क पर 50 से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं जबकि 100 से अधिक हाथ-पैर तुड़वा चुुके हैं। डिवाइडर न होने के कारण कई बार भारी वाहनों अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे मकानों में जा घुसे है। इसको लेकर पूर्व में आवाज उठाई गई, लेकिन अब तक डिवाइडर नहीं बना। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण हीरामणि वर्मा ने कहा कि चौरी बाजार में विरोध के कारण चौड़ीकरण नहीं हो सका। उक्त मार्ग पर डिवाइडर का प्रस्ताव पूर्व में ही नहीं बना था।
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अफसरों की उदासीनता, भुगत रहे लोग
चौरी। भदोही- बाबतपुर मार्ग के चौड़ीकरण में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है। चौड़ीकरण में डिवाइडर की केवल अनदेखी ही नही की गई बल्कि चौरी बाजार में एक किलोमीटर सड़क भी चौड़ी नहीं हो सकी। जिससे पांच साल से चौरी बाजार में जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। व्यापारी आशीष दुबे और अनिल चौरसिया ने कहा कि सड़क पर डिवाइडर को लेकर अधिकारियों को गंभीरता दिखानी चाहिए। जिससे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। आशुतोष दुबे और राजेंद्र सिंह ने कहा कि डिवाइडर के साथ चौरी बाजार में छुटी अधूरी सड़क भी बड़ी समस्या बनी है। इससे वाराणसी सहित अन्य स्थानों पर जाने वाले चौरी बाजार के जाम में फस जाते है।
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धर्मेन्द्र पाल